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Gorakhpur News: पांच साल से फर्जी रॉयल्टी बना राजस्व को चूना लगा रहे थे जालसाज- कई जिलों में फैलाया है जाल

Sun, 16 Jun 2024 04:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Sun, 16 Jun 2024 04:24 PM IST
सार

अरविंद सिंह 2015-16 से कंपनियों में मोरंग-गिट्टी सप्लाई का काम करता है। इस दौरान उसकी कई बड़े अफसरों से जान-पहचान हो गई और वह 2019 से रजिस्टर्ड ठेकेदारी यूपीपीसीएल में करने लगा। इसके अलावा सिंचाई, पीडब्लूडी में पेटी कान्ट्रैक्टर का काम करने लगा।

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Fraudsters were defrauding revenue by making fake royalties for five years in Gorakhpur
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

प्रदेश के कई जिलों में फ्रर्जी रॉयल्टी के जरिए भुगतान कराने वाले गिरोह की सच्चाई सामने आने के बाद कुछ नये तथ्यों का खुलासा हुआ है। रॉयल्टी पीडीएफ फाइल के रूप में ही मोबाइल पर प्राप्त होती थी। पीडीएफ एडिटर सॉफ्टवेयर की मदद से असली पंजीकरण नंबर डालकर तैयार किया जाता था।
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बिल, बाउचर भी इसी तरह से बनाया जाता था और फिर जिस जिले में लगाना होता था, उस जिले के ठेकेदार का नाम, उसके फर्म का नाम भर दिया जाता था। अरविंद रॉयल्टी के बदले घन मीटर के हिसाब से रुपये लेता था। खबर है कि कुछ अफसरों के नाम भी पुलिस के हाथ लग गए हैं, जिनके खिलाफ अब साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। यह गिरोह पांच साल से फर्जी रॉयल्टी बनाकर राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे थे।
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अरविंद सिंह 2015-16 से कंपनियों में मोरंग-गिट्टी सप्लाई का काम करता है। इस दौरान उसकी कई बड़े अफसरों से जान-पहचान हो गई और वह 2019 से रजिस्टर्ड ठेकेदारी यूपीपीसीएल में करने लगा। इसके अलावा सिंचाई, पीडब्लूडी में पेटी कान्ट्रैक्टर का काम करने लगा।
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इसी के बाद से वह रॉयल्टी में हेराफेरी करने का काम करने लगा। उसके साथी अमित यादव की मदद से ही पुलिस को जानकारी मिली कि वह कैसे रॉयल्टी को तैयार करता था। अरविंद फर्जी रॉयल्टी बनाकर बेचता था, लेकिन उसने किसी भी फर्म के ठेकेदार को यह नहीं बताया कि वह सेटिंग से निकालता है।

सबको वह यह बताता था कि फर्जी तरीके से बनाया गया है, लेकिन पेमेंट फंसेगा नहीं। यह गारंटी अरविंद लेता था। पिछले पांच साल से इस धंधे में वह लिप्त है और अब जाकर पकड़ा जा सका है।

यह है मामला
गोरखपुर, देवरिया, सिद्धार्थनगर समेत प्रदेश के कई जिलों में फर्जी रॉयल्टी का इस्तेमाल कर बिना काम के करोड़ों रुपये के भुगतान कराने वाले गिरोह का एसटीएफ ने शुक्रवार को पर्दाफश किया था। एसटीएफ ने पीडब्लूडी के संविदा कर्मचारी आमिर, ठेकेदार अरविंद सिंह उर्फ पिंटू और अमित यादव को गिरफ्तार कर लिया।


अरविंद बिना काम कराए ही मोरंग, बालू और गिट्टी सप्लाई के कामों का भुगतान कर सरकार को चपत लगा चुका है। इनके पास से बरामद लैपटॉप व अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। एसटीएफ गोरखपुर इकाई के इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह ने इनके खिलाफ एम्स थाने में केस दर्ज कराया है।
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