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जालसाजी: फ्लाइट से जाएंगे... लापता लड़की ढूंढकर लाएंगे, रुपये भेजिए
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गोरखपुर। हैलो.. मैं पुलिस ऑफिस से बोल रहा हूं, आपकी लड़की लापता हो गई है, उसका लोकेशन मुंबई में मिला है। पुलिस अगर तत्काल वहां पहुंच जाए तो लड़की मिल जाएगी। इसके लिए आपको 30 हजार रुपये देने होंगे। पुलिस फ्लाइट से जाएगी और वहां से आपकी लड़की को ढूंढ कर लाएगी।
चिलुआताल इलाके के एक पीड़ित को कॉल कर इस तरह जालसाजों ने फंसाने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी यह चाल फेल साबित हुई। पीड़ित इतनी रकम देने में सक्षम नहीं था, इसलिए उसने पुलिस से शिकायत दर्ज करा दी। जांच में पता चला कि फोन किसी जालसाज ने किया था।
यह तो केवल एक मामला है। जिले के थानों में हर दिन लड़की के भागने या गुमशुदगी के आठ से 10 मामले आ रहे हैं, जिसमे केस दर्ज हो रहा है। केस दर्ज होने के बाद पीड़ितों के पास जालसाजों की कॉल आ रही है। पुलिस अधिकारियों ने भी इसकी गंभीरता से जांच की तो पता चला कि यूपी कॉप एप से एफआईआर डाउनलोड कर जालसाज पीड़ितों के नंबर हासिल कर ले रहे हैं। इसके बाद जांच पड़ताल के नाम पर पीड़िताें से रुपये मांग रहे हैं।
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बिटिया मिल जाएगी, थोड़े पैसे खर्च होंगे
सहजनवां इलाके के एक पीड़ित ने जून में बेटी के घर से भागने की सूचना देकर केस दर्ज कराया था। पिता ने तहरीर में लिखा था कि बगल के गांव का लड़का बहला फुसलाकर उनकी बेटी को ले गया है। पुलिस के साथ ही पीड़ित भी तलाश में लगा था। पीड़ित के पास 29 जून को कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने बताया कि आपकी लड़की जहां भी है, सुरक्षित है। उसका पता चल गया है, वहां तक आने-जाने में कुछ रुपये खर्च होंगे। उसमें 20 हजार रुपये आप भी मदद कर दीजिए। पीड़ित ने थाने जाकर यह बात बताई तो पता चला कि फेक नंबर से जालसाज ने कॉल की थी।
झारखंड और असम से आ रही कॉल
कई जगहाें से आई कॉल के नंबरों की पुलिस ने जांच पड़ताल की तो नंबरों की लोकेशन झारखंड और असम मिली है। दोनों राज्यों में बैठे जालसाजों ने नया तरीका ठगी का निकाला है। इसके जरिए दिन भर वे कॉल करते हैं, कहीं ना कहीं कोई इनके जाल में फंसकर रुपये भेज देता है।
वर्जन
यूपी कॉप एप से एफआईआर डाउनलोड कर जालसाज बड़ी आसानी से पीड़ितों के नंबर पा जा रहे हैं। इसके बाद उन नंबरों पर पुलिस बनकर कॉल कर रुपये की मांग कर रहे हैं। यूपी कॉप एप कोई भी खोल ना पाए, उसकी प्राइवेसी बनी रहे, इसके लिए मुख्यालय एडीजी टेक्निकल के पास पत्र भेजा गया है।
- कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी सिटी
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चिलुआताल इलाके के एक पीड़ित को कॉल कर इस तरह जालसाजों ने फंसाने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी यह चाल फेल साबित हुई। पीड़ित इतनी रकम देने में सक्षम नहीं था, इसलिए उसने पुलिस से शिकायत दर्ज करा दी। जांच में पता चला कि फोन किसी जालसाज ने किया था।
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यह तो केवल एक मामला है। जिले के थानों में हर दिन लड़की के भागने या गुमशुदगी के आठ से 10 मामले आ रहे हैं, जिसमे केस दर्ज हो रहा है। केस दर्ज होने के बाद पीड़ितों के पास जालसाजों की कॉल आ रही है। पुलिस अधिकारियों ने भी इसकी गंभीरता से जांच की तो पता चला कि यूपी कॉप एप से एफआईआर डाउनलोड कर जालसाज पीड़ितों के नंबर हासिल कर ले रहे हैं। इसके बाद जांच पड़ताल के नाम पर पीड़िताें से रुपये मांग रहे हैं।
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बिटिया मिल जाएगी, थोड़े पैसे खर्च होंगे
सहजनवां इलाके के एक पीड़ित ने जून में बेटी के घर से भागने की सूचना देकर केस दर्ज कराया था। पिता ने तहरीर में लिखा था कि बगल के गांव का लड़का बहला फुसलाकर उनकी बेटी को ले गया है। पुलिस के साथ ही पीड़ित भी तलाश में लगा था। पीड़ित के पास 29 जून को कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने बताया कि आपकी लड़की जहां भी है, सुरक्षित है। उसका पता चल गया है, वहां तक आने-जाने में कुछ रुपये खर्च होंगे। उसमें 20 हजार रुपये आप भी मदद कर दीजिए। पीड़ित ने थाने जाकर यह बात बताई तो पता चला कि फेक नंबर से जालसाज ने कॉल की थी।
झारखंड और असम से आ रही कॉल
कई जगहाें से आई कॉल के नंबरों की पुलिस ने जांच पड़ताल की तो नंबरों की लोकेशन झारखंड और असम मिली है। दोनों राज्यों में बैठे जालसाजों ने नया तरीका ठगी का निकाला है। इसके जरिए दिन भर वे कॉल करते हैं, कहीं ना कहीं कोई इनके जाल में फंसकर रुपये भेज देता है।
वर्जन
यूपी कॉप एप से एफआईआर डाउनलोड कर जालसाज बड़ी आसानी से पीड़ितों के नंबर पा जा रहे हैं। इसके बाद उन नंबरों पर पुलिस बनकर कॉल कर रुपये की मांग कर रहे हैं। यूपी कॉप एप कोई भी खोल ना पाए, उसकी प्राइवेसी बनी रहे, इसके लिए मुख्यालय एडीजी टेक्निकल के पास पत्र भेजा गया है।
- कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी सिटी