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Gorakhpur News: जमीन के नाम पर 4.15 लाख रुपये की ठगी, महिला समेत चार पर प्राथमिकी दर्ज
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पादरी बाजार (गोरखपुर)। शाहपुर थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमीन दिखाकर एक महिला की ओर से 4.15 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने मनोरमा सिंह, अश्वनी कुमार उर्फ श्रीकांत, संदीप और निखिल के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गीडा क्षेत्र के बड़गहन निवासी रीना देवी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी मुलाकात करीब पांच वर्ष पहले पादरी बाजार स्थित वैष्णव बिहार कॉलोनी निवासी एक महिला से हुई थी। बातचीत के दौरान महिला ने जंगल धूसड़ क्षेत्र में जमीन दिखाकर उसे बेचने की बात कही। आरोप है कि जमीन का सौदा करीब छह लाख रुपये में तय हुआ, जिसके बाद पीड़िता ने अलग-अलग किस्तों में कुल 4.15 लाख रुपये दे दिए। इसमें एक लाख रुपये एडवांस चेक से दिए गए थे। शेष रकम रजिस्ट्री के समय देने की बात तय हुई थी।
कुछ समय बाद जब पीड़िता ने रजिस्ट्री की बात की तो आरोपी टालमटोल करने लगी। इस दौरान पीड़िता को फर्जी आधार कार्ड और खतौनी भी उपलब्ध कराई गई। शक होने पर जब जांच की गई तो पता चला कि आरोपी महिला का असली नाम मनोरमा सिंह नहीं बल्कि द्रौपदी है और उसके पति का नाम भी गलत बताया गया था। इसके बाद पीड़िता को ठगी की जानकारी हुई। सीओ रवि सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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गीडा क्षेत्र के बड़गहन निवासी रीना देवी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी मुलाकात करीब पांच वर्ष पहले पादरी बाजार स्थित वैष्णव बिहार कॉलोनी निवासी एक महिला से हुई थी। बातचीत के दौरान महिला ने जंगल धूसड़ क्षेत्र में जमीन दिखाकर उसे बेचने की बात कही। आरोप है कि जमीन का सौदा करीब छह लाख रुपये में तय हुआ, जिसके बाद पीड़िता ने अलग-अलग किस्तों में कुल 4.15 लाख रुपये दे दिए। इसमें एक लाख रुपये एडवांस चेक से दिए गए थे। शेष रकम रजिस्ट्री के समय देने की बात तय हुई थी।
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कुछ समय बाद जब पीड़िता ने रजिस्ट्री की बात की तो आरोपी टालमटोल करने लगी। इस दौरान पीड़िता को फर्जी आधार कार्ड और खतौनी भी उपलब्ध कराई गई। शक होने पर जब जांच की गई तो पता चला कि आरोपी महिला का असली नाम मनोरमा सिंह नहीं बल्कि द्रौपदी है और उसके पति का नाम भी गलत बताया गया था। इसके बाद पीड़िता को ठगी की जानकारी हुई। सीओ रवि सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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