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गोरखपुर: स्थापित 3,440 प्रतिमाओं की सुरक्षा में चार हजार पुलिसकर्मी, 319 स्थानों पर होगा विसर्जन
Tue, 04 Oct 2022 01:37 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 04 Oct 2022 01:37 PM IST
सार
82 स्थानों पर रामलीला का आयोजन होना है। 319 स्थाई/अस्थाई विसर्जन स्थल बनाए गए हैं। 64 स्थानों पर रावण का पुतला दहन किया जाएगा। त्योहार को सकुशल संपन्न कराने के लिए 274 उपनिरीक्षक, 1,386 मुख्य आरक्षी, डायल 112 के 55 पीआरवी, एक कंपनी पीएसी, एक कंपनी एसएसबी, 1,265 होमगार्ड, फायर टैंकर, जल पुलिस लगाई गई है। इसके साथ ही 1,085 चौकीदार भी ड्यूटी में लगे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : iStock
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विस्तार
गोरखपुर जिले में छोटी-बड़ी 3,440 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इनकी सुरक्षा में चार हजार 10 पुलिसकर्मियों व होमगार्डों, चौकीदारों की ड्यूटी लगी है। बीट सिपाही को हर मूर्ति का नोडल बनाया गया है। उसकी संबंधित मूर्ति के विसर्जन तक पूरी जिम्मेदारी होगी। इसके अलावा 2,560 सिविल डिफेंस के लोग भी सुरक्षा में मदद करेंगे। 205 सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस निगरानी करेगी।
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जानकारी के मुताबिक, 82 स्थानों पर रामलीला का आयोजन होना है। 319 स्थाई/अस्थाई विसर्जन स्थल बनाए गए हैं। 64 स्थानों पर रावण का पुतला दहन किया जाएगा। त्योहार को सकुशल संपन्न कराने के लिए 274 उपनिरीक्षक, 1,386 मुख्य आरक्षी, डायल 112 के 55 पीआरवी, एक कंपनी पीएसी, एक कंपनी एसएसबी, 1,265 होमगार्ड, फायर टैंकर, जल पुलिस लगाई गई है। इसके साथ ही 1,085 चौकीदार भी ड्यूटी में लगे हैं।
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इस बार पुलिस ने एक-एक मूर्ति का सत्यापन किया है। इसके लिए एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने मूर्तिकार और स्थापित मूर्ति का अलग-अलग सत्यापन कराया। इसके साथ ही कितनी मूर्ति बनी और कितनी गईं, इसका आंकड़ा तैयार किया गया।
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सभी नोडल सिपाही का मूर्ति स्थापित करने वालों के पास मोबाइल नंबर है या नहीं, इसका भी सत्यापन कंट्रोल रूप द्वारा किया गया। एसएसपी ने खुद भी कई नंबर पर फोन कर इसकी सत्यता जानी है।
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