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Exclusive: गोरखपुर में चार सड़कें होंगी 10 मीटर चौड़ी या फोरलेन, NH बना रहा डीपीआर
Wed, 24 Aug 2022 03:07 PM IST
vivek shukla
टीपी शाही, गोरखपुर।
टीपी शाही, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 24 Aug 2022 03:07 PM IST
सार
एनएच अधिशासी अभियंता प्रभात चौधरी ने कहा कि सड़क परिवहन मंत्रालय की वार्षिक कार्ययोजना में इसे शामिल कर एनएच को डीपीआर बनाने को कहा गया है। डीपीआर तैयार की जा रही है। बनने के बाद धन मिलने पर निर्माण शुरू कराया जाएगा।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय कवायद में जुट गया है। अपनी वार्षिक कार्य योजना में मंडल की चार सड़कों को शामिल किया गया है। उसकी डीपीआर एनएच की तरफ से बनाई जा रही है। यह सड़कें 10 मीटर चौड़ी या फोरलेन होंगी।
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महराजगंज जनपद में पड़ने वाली सड़क, मार्ग संख्या 328 जो करमैनीघाट से परतावल तक जाती है, की लंबाई 39 किलोमीटर है। इसे 10 मीटर चौड़ा विद पेव्ड शोल्डर किया जाएगा। यह सड़क बस्ती से निकली है जो करमैनीघाट होते हुए परतावल तक जाएगी। इस सड़क की स्वीकृति इसी वित्तीय वर्ष में मिली थी। इसका डीपीआर अंतिम दौर में है।
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पीलीभीत से बिहार वार्डर पनियहवां तक जिस नेशनल हाइवे का निर्माण कराया जाना है, वह राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 730 है। इस मार्ग पर किलोमीटर 472 से 505 तक यानी 33 किलोमीटर तक चौड़ीकरण किया जाएगा। इसका भी डीपीआर बनाया जा रहा है। यह सड़क कुशीनगर जनपद में है।
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महराजगंज जनपद में फरेंदा कस्बे में एक बाईपास का निर्माण एनएच द्वारा कराया जाएगा जो फोरलेन होगा। लगभग दो किलोमीटर लंबे बाईपास के निर्माण से फरेंदा कस्बे की जाम की समस्या का समाधान हो जाएगा।
इसी प्रकार महराजगंज-निचलौल-ठूठीबारी से नेपाल बार्डर तक एक सड़क का निर्माण एनएच द्वारा कराया जाएगा। 39 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के निर्माण से नेपाल बार्डर तक जाने के लिए बेहतर सड़क होगी।
एनएच अधिशासी अभियंता प्रभात चौधरी ने कहा कि सड़क परिवहन मंत्रालय की वार्षिक कार्ययोजना में इसे शामिल कर एनएच को डीपीआर बनाने को कहा गया है। डीपीआर तैयार की जा रही है। बनने के बाद धन मिलने पर निर्माण शुरू कराया जाएगा।