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प्लास्टिक सर्जरी दिवस: बीआरडी में डॉक्टरों ने किया सफल ऑपरेशन, सीने से अलग हुआ चार किलो का ट्यूमर
Thu, 15 Jul 2021 03:01 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 15 Jul 2021 03:01 PM IST
सार
पीठ की त्वचा व मांसपेशियों से ट्यूमर के साथ निकाले गए स्थान को भरा, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने किया सफल ऑपरेशन
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सीने में था चार किलो का ट्यूमर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने फ्लैट सर्जरी तकनीक का इस्तेमाल कर युवक के सीने पर बने चार किलोग्राम के ट्यूमर को निकालकर अलग किया है। डॉक्टरों के मुताबिक ऑपरेशन के बाद सीने में बने गहरे घाव को भरने के लिए पीठ से त्वचा और मांसपेशियों को काटकर सीने में उसे फिर से रिकंस्ट्रक्ट किया गया। इससे मरीज का घाव जल्दी भर जाएगा। यह ऑपरेशन करीब छह घंटे तक चला।
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जानकारी के मुताबिक इस ऑपरेशन को मेडिकल कॉलेज के जनरल सर्जरी विभाग के प्रो. अशोक यादव और प्लास्टिक सर्जन डॉ. नीरज नथानी की संयुक्त टीम ने किया है। डॉक्टर नीरज नथानी ने बताया कि युवक मऊ का रहने वाला है। उसकी उम्र 40 साल है। उसके सीने पर ट्यूमर पिछले चार साल से था।
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इस बीच युवक ने दो बार निजी अस्पतालों में ऑपरेशन भी कराया। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इस बीच ऑपरेशन की वजह से ट्यूमर का आकार और बढ़ गया। स्थिति ऐसी हो गई कि ट्यूमर गले की नस और सीने की पसलियों तक फैल गया। इलाज के लिए परिजन युवक को मेडिकल कॉलेज लेकर आए। जहां पर जांच के बाद ऑपरेशन का फैसला लिया गया।
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डॉ. अशोक यादव ने बताया कि ट्यूमर पसलियों तक पहुंच गया था। ऐसे में पसलियों की हड्डियों के गलने का खतरा था। साथ ही ट्यूमर ने गले की बाईं नस और उसके आसपास की मांसपेशियों को प्रभावित कर दिया था। ट्यूमर निकालने के बाद सीने में एक गड्ढा जैसा स्थान बन जाता।
उसे भरना भी चुनौतीपूर्ण था। कैंसर की तस्दीक हुई थी, ऐसे में सिंकाई भी महत्वपूर्ण थी। इसलिए ऑपरेशन के दौरान उस नस को काटना पड़ा। इसी प्रकार की एक नस दाईं तरफ होती है। जिससे मरीज का जीवन चल रहा है। मरीज की हालत में सुधार है।