गोरखपुर: ट्रेनों से मोबाइल फोन और नकदी उड़ाने वाले चार आरोपी गिरफ्तार, चोरी की वजह जानकर हो जाएंगे हैरान
इंस्पेक्टर कैंट शशिभूषण राय ने बताया कि एसएसआई मनीष यादव व उनकी टीम मंगलवार की सुबह में यूनिवर्सिटी चौराहे के पास भ्रमण कर रही थी। तभी पुलिस ने वहां चार संदिग्धों को पकड़ा।
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गोरखपुर कैंट पुलिस ने ट्रेनों से मोबाइल फोन, नकदी व सामान चोरी करने वाले चार युवकों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपी पहले, ट्रेन में वेटर काम करते थे। अब महंगे शौक पूरा करने के लिए एक साल से चोरी की घटनाएं करने लगे थे। चारों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया।
आरोपियों की पहचान बिहार के छपरा निवासी अजय कुमार यादव, मोतिहारी के जीतू पासवान, बेतिया निवासी दीपक शाह और मोतिहारी के विनोद महतो के रूप में हुई है।
इंस्पेक्टर कैंट शशिभूषण राय ने बताया कि एसएसआई मनीष यादव व उनकी टीम मंगलवार की सुबह में यूनिवर्सिटी चौराहे के पास भ्रमण कर रही थी। तभी पुलिस ने वहां चार संदिग्धों को पकड़ा। तलाशी में इनके पास से एक चाकू और एक चोरी का मोबाइल फोन बरामद हुआ। पुलिस ने बताया कि ये चारों चोरी की साजिश रच रहे थे।
आपस में कोड में बात करते थे आरोपी
पकड़े गए युवकों ने बताया कि वे चोरी करते समय आपस में बातचीत के लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल करते हैं। जैसे मोबाइल फोन चोरी के लिए घंटी, नकदी चोरी के लिए पुड़ी और अगर पुलिस आ जाए तो ‘लड़का घूम रहा है’ कहते थे। यही वजह है कि ये जल्दी पकड़ में नहीं आ रहे थे।
पहले ट्रेनों में शुरू की चोरी
युवकों ने बताया कि उन्होंने चोरी की शुरुआत पहले ट्रेनों से की थी। सामान बेचने व वेटर का काम करने के दौरान वे मौका मिलते ही यात्रियों के रुपये व मोबाइल फोन चोरी कर लेते थे। बाद में वे स्टेशन के बाहर भीड़भाड़ वाले इलाकों में चोरी करने लगे। गैंग का सरगना दीपक शाह है। उसके खिलाफ पांच केस दर्ज हैं।
वहीं अजय व जीतू के खिलाफ एक-एक केस हैं तो विनोद महतो के खिलाफ दो केस दर्ज हैं। सभी की उम्र 23 से 25 साल है। ये चोरी के सामान बेचकर मिले रुपयों से नेपाल, दिल्ली जाकर मौजमस्ती करते हैं और महंगे शौक पूरा करते हैं।