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Gorakhpur News: सरदारनगर से पांच दशक तक रहा सरदार मजीठिया का नाता
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सरदारनगर चीनी मिल, सरैया स्टील कंपनी के अलावा कई शिक्षण संस्थानों का प्रबंधन देखते थे सरदार मजीठिया
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सरदारनगर चीनी मिल और लेडी प्रसन्न कौर इंटर कॉलेज के निवर्तमान प्रबंधक 104 वर्षीय सरदार दिलीप सिंह मजीठिया का उत्तराखंड के रुद्रपुर शहर में सोमवार को निधन हो गया। सरदारनगर से दिलीप सिंह मजीठिया का गहरा नाता रहा है। करीब पांच दशक तक वह यहां की सरैया चीनी मिल के भी चेयरमैन रहे। तब यह चीनी मिल एशिया स्तर पर चर्चा में थी। इसके अलावा डीडीयू विश्वविद्यालय गोरखपुर और एमएमएमयूटी की स्थापना में भी इनका अमूल्य योगदान रहा।
सरैया स्टील कंपनी और रोलिंग मिल सहित कई अन्य उद्योग भी खूब फले-फूले। 90 के दशक में अस्वस्थता के चलते वह अपनी आस्ट्रेलियन पत्नी जाॅन सैंडर्स के साथ दिल्ली में रहने लगे थे। सरदारनगर चीनी मिल 90 के दशक से पहले तक पूर्वांचल की सबसे अधिक तकनीकी संसाधन वाली मिल थी। इस मिल के पास गन्ना ढुलाई के लिए अपनी रेल लाइन भी थी।
उन्होंने मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय जैसे तकनीकी शैक्षणिक संस्थान की नींव तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गोरखपुर में तकनीकी संस्थान खोलने को लेकर जमीन की जरूरत पड़ी तो तब उन्होंने अपनी 317 एकड़ जमीन दान में दे दी। कुशीनगर का बुद्ध पीजी कालेज, बुद्ध इंटर कालेज, गोरखपुर का लेडी प्रसन्न कौर इंटर कालेज सरदारनगर भी आज उन्हीं के परिवार के ही प्रबंधन में ही चलता है। गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना में भी दिलीप सिंह मजीठिया का अहम योगदान था। डीडीयू की स्थापना हुई तो भवन निर्माण का खर्च उन्होंने स्वयं वहन किया। मजीठिया भवन इसका गवाह है।
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दिलीप सिंह मजीठिया के निधन पर शोक सभा
सरदारनगर। सरदार दिलीप सिंह मजीठिया के निधन की जानकारी के बाद मंगलवार को शिक्षकों और विद्यार्थियों ने शोक सभा का आयोजन कर श्रद्धांजलि दी। प्रधानाचार्य डॉ. दिनेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि स्व. मजीठिया का कार्य व्यवहार सदैव याद किया जाएगा। उन्होंने समाज सेवा के साथ ही देश की सेवा में योगदान दिया। सरदार नगर क्षेत्र के लोगों का उनसे अधिक अपनापन था।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सरदारनगर चीनी मिल और लेडी प्रसन्न कौर इंटर कॉलेज के निवर्तमान प्रबंधक 104 वर्षीय सरदार दिलीप सिंह मजीठिया का उत्तराखंड के रुद्रपुर शहर में सोमवार को निधन हो गया। सरदारनगर से दिलीप सिंह मजीठिया का गहरा नाता रहा है। करीब पांच दशक तक वह यहां की सरैया चीनी मिल के भी चेयरमैन रहे। तब यह चीनी मिल एशिया स्तर पर चर्चा में थी। इसके अलावा डीडीयू विश्वविद्यालय गोरखपुर और एमएमएमयूटी की स्थापना में भी इनका अमूल्य योगदान रहा।
सरैया स्टील कंपनी और रोलिंग मिल सहित कई अन्य उद्योग भी खूब फले-फूले। 90 के दशक में अस्वस्थता के चलते वह अपनी आस्ट्रेलियन पत्नी जाॅन सैंडर्स के साथ दिल्ली में रहने लगे थे। सरदारनगर चीनी मिल 90 के दशक से पहले तक पूर्वांचल की सबसे अधिक तकनीकी संसाधन वाली मिल थी। इस मिल के पास गन्ना ढुलाई के लिए अपनी रेल लाइन भी थी।
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उन्होंने मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय जैसे तकनीकी शैक्षणिक संस्थान की नींव तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गोरखपुर में तकनीकी संस्थान खोलने को लेकर जमीन की जरूरत पड़ी तो तब उन्होंने अपनी 317 एकड़ जमीन दान में दे दी। कुशीनगर का बुद्ध पीजी कालेज, बुद्ध इंटर कालेज, गोरखपुर का लेडी प्रसन्न कौर इंटर कालेज सरदारनगर भी आज उन्हीं के परिवार के ही प्रबंधन में ही चलता है। गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना में भी दिलीप सिंह मजीठिया का अहम योगदान था। डीडीयू की स्थापना हुई तो भवन निर्माण का खर्च उन्होंने स्वयं वहन किया। मजीठिया भवन इसका गवाह है।
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दिलीप सिंह मजीठिया के निधन पर शोक सभा
सरदारनगर। सरदार दिलीप सिंह मजीठिया के निधन की जानकारी के बाद मंगलवार को शिक्षकों और विद्यार्थियों ने शोक सभा का आयोजन कर श्रद्धांजलि दी। प्रधानाचार्य डॉ. दिनेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि स्व. मजीठिया का कार्य व्यवहार सदैव याद किया जाएगा। उन्होंने समाज सेवा के साथ ही देश की सेवा में योगदान दिया। सरदार नगर क्षेत्र के लोगों का उनसे अधिक अपनापन था।