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Gorakhpur News: अपने मेधावी छात्रों को नेट-जेआरएफ की तैयारी कराएगा डीडीयू
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय अपने परास्नातक के मेधावी छात्रों को नेट-जेआरएफ की तैयारी कराएगा। इसके लिए प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम उषा) के तहत 35 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत हुआ है। पीजी के पूर्व छात्र-छात्राएं भी पंजीकरण कराकर इस कोचिंग योजना का लाभ उठा सकते हैं।
पीएम उषा के तहत पिछले सत्र में लगभग 32 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत हुआ था। उसका परिणाम भी बेहतरीन रहा था और करीब 250 से अधिक छात्र-छात्राएं नेट या जेआरएफ में सफल रहे थे। इस बार अनुदान में करीब 10 फीसदी की वृद्धि की गई है। इस योजना के तहत सभी विभागों की ओर से डेढ़ महीने तक नेट लर्निंग सेंटर के माध्यम से विशेष कोचिंग कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
कॉलेजों से लेकर विश्वविद्यालयों तक में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए नेट या जेआरएफ क्वालीफाई होना जरूरी है। इसके अलावा पीएचडी में भी कई विश्वविद्यालयों में नेट-जेआरएफ उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को ही प्रवेश मिल पा रहा है। गोरखपुर विश्वविद्यालय में शोध पात्रता परीक्षा के जरिये प्रवेश दिया है। यहां भी नेट-जेआरएफ क्वालीफाई करने वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त अंक दिए जाते हैं।
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सभी विभागों को दिए गए दिशा-निर्देश
डीएसडब्ल्यू प्रो. अनुभूति दुबे ने बताया कि कुलपति के निर्देशानुसार नेट कोचिंग कक्षाओं के संचालन के लिए सभी विभागों की ओर से जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। जल्द ही विभागवार तैयारी के लिए समय सारिणी जारी कर दी जाएगी।
बोलीं कुलपति
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। कोचिंग से यूजीसी एवं सीएसआईआर-नेट जेआरएफ जैसीं महत्वपूर्ण परीक्षाओं में छात्रों को लाभ मिलेगा।
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पीएम उषा के तहत पिछले सत्र में लगभग 32 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत हुआ था। उसका परिणाम भी बेहतरीन रहा था और करीब 250 से अधिक छात्र-छात्राएं नेट या जेआरएफ में सफल रहे थे। इस बार अनुदान में करीब 10 फीसदी की वृद्धि की गई है। इस योजना के तहत सभी विभागों की ओर से डेढ़ महीने तक नेट लर्निंग सेंटर के माध्यम से विशेष कोचिंग कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
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कॉलेजों से लेकर विश्वविद्यालयों तक में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए नेट या जेआरएफ क्वालीफाई होना जरूरी है। इसके अलावा पीएचडी में भी कई विश्वविद्यालयों में नेट-जेआरएफ उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को ही प्रवेश मिल पा रहा है। गोरखपुर विश्वविद्यालय में शोध पात्रता परीक्षा के जरिये प्रवेश दिया है। यहां भी नेट-जेआरएफ क्वालीफाई करने वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त अंक दिए जाते हैं।
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सभी विभागों को दिए गए दिशा-निर्देश
डीएसडब्ल्यू प्रो. अनुभूति दुबे ने बताया कि कुलपति के निर्देशानुसार नेट कोचिंग कक्षाओं के संचालन के लिए सभी विभागों की ओर से जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। जल्द ही विभागवार तैयारी के लिए समय सारिणी जारी कर दी जाएगी।
बोलीं कुलपति
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। कोचिंग से यूजीसी एवं सीएसआईआर-नेट जेआरएफ जैसीं महत्वपूर्ण परीक्षाओं में छात्रों को लाभ मिलेगा।