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वानिकी विश्वविद्यालय : प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने किया भूमि का निरीक्षण
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गोरखपुर। प्रदेश के पहले वानिकी विश्वविद्यालय के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ गया है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद शुक्रवार को प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी कई अधिकारियों के साथ कैंपियरगंज में विश्वविद्यालय के लिए आवंटित भूमि का निरीक्षण करने पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने डीएफओ विकास यादव से विश्वविद्यालय की वर्तमान स्थिति और रिपोर्ट की जानकारी ली और सभी विवरण सही पाए। इसके बाद प्रधान वन संरक्षक ने भूमि के पास स्थित गिद्ध संरक्षण और प्रजनन केंद्र का भी दौरा किया। उन्होंने केंद्र प्रभारी डॉ. दुर्गेश नंदन से गिद्धों की संख्या और प्रजनन योजनाओं के बारे में जानकारी ली। भविष्य की योजना में गिद्धों की संख्या बढ़ाने, जोड़ बनाने और आवश्यक होने पर गिद्धों को जंगल में छोड़े जाने पर चर्चा हुई। इस अवसर पर अधिकारियों ने संरक्षण केंद्र परिसर में पौधारोपण भी किया। गिद्ध संरक्षण केंद्र का लोकार्पण छह सितंबर 2024 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था, जिसमें वानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना की भी घोषणा की गई थी। वन विभाग ने विश्वविद्यालय के लिए कैंपियरगंज में 125 एकड़ भूमि चिह्नित की है। यह भूमि मुख्य मार्ग पर स्थित है और 24 घंटे आवागमन की सुविधा उपलब्ध है। विश्वविद्यालय बनने के बाद छात्र प्रायोगिक अध्ययन और शोध कार्य गिद्ध संरक्षण केंद्र और जंगल में आसानी से कर सकेंगे। प्रस्ताव की केंद्रीय सरकार को भेजी जा चुकी समीक्षा के बाद जल्द ही केंद्र की टीम का निरीक्षण होने की संभावना है। प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालय के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट भी सुनिश्चित किया है, जिससे परियोजना का क्रियान्वयन अब तेजी से संभव हो सकेगा।
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इस दौरान उन्होंने डीएफओ विकास यादव से विश्वविद्यालय की वर्तमान स्थिति और रिपोर्ट की जानकारी ली और सभी विवरण सही पाए। इसके बाद प्रधान वन संरक्षक ने भूमि के पास स्थित गिद्ध संरक्षण और प्रजनन केंद्र का भी दौरा किया। उन्होंने केंद्र प्रभारी डॉ. दुर्गेश नंदन से गिद्धों की संख्या और प्रजनन योजनाओं के बारे में जानकारी ली। भविष्य की योजना में गिद्धों की संख्या बढ़ाने, जोड़ बनाने और आवश्यक होने पर गिद्धों को जंगल में छोड़े जाने पर चर्चा हुई। इस अवसर पर अधिकारियों ने संरक्षण केंद्र परिसर में पौधारोपण भी किया। गिद्ध संरक्षण केंद्र का लोकार्पण छह सितंबर 2024 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था, जिसमें वानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना की भी घोषणा की गई थी। वन विभाग ने विश्वविद्यालय के लिए कैंपियरगंज में 125 एकड़ भूमि चिह्नित की है। यह भूमि मुख्य मार्ग पर स्थित है और 24 घंटे आवागमन की सुविधा उपलब्ध है। विश्वविद्यालय बनने के बाद छात्र प्रायोगिक अध्ययन और शोध कार्य गिद्ध संरक्षण केंद्र और जंगल में आसानी से कर सकेंगे। प्रस्ताव की केंद्रीय सरकार को भेजी जा चुकी समीक्षा के बाद जल्द ही केंद्र की टीम का निरीक्षण होने की संभावना है। प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालय के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट भी सुनिश्चित किया है, जिससे परियोजना का क्रियान्वयन अब तेजी से संभव हो सकेगा।
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