फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   For the sake of upholding his word, Rama willingly accepted exile.

Gorakhpur News: वचन की मर्यादा के लिए राम ने सहर्ष स्वीकार किया वनवास

Mon, 14 Sep 2026 02:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Mon, 14 Sep 2026 02:44 AM IST
विज्ञापन
For the sake of upholding his word, Rama willingly accepted exile.
गोरखपुर। तारामंडल स्थित निजी रिजॉर्ट में चल रही रामकथा के आठवें दिन रविवार को कथा व्यास आचार्य धीरज कृष्ण ने राम के वनवास, भरत मिलाप और रावण वध का प्रसंग सुनाया। कहा कि वचन की मर्यादा के लिए राम ने वनवास को सहर्ष स्वीकार किया। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
विज्ञापन


कथा व्यास ने कहा कि भगवान राम का वनवास रामायण का सबसे भावुक और महत्वपूर्ण प्रसंग है। राजा दशरथ ने राम के राज्याभिषेक का निर्णय लिया था। इससे पूरी अयोध्या में उत्सव का माहौल था। इसी बीच दासी मंथरा के बहकाने पर रानी कैकेयी ने राजा दशरथ से अपने दो वरदान मांग लिए। इनमें भरत को अयोध्या का राजा बनाने और राम को 14 वर्ष का वनवास देने की मांग शामिल थी।
विज्ञापन


राजा दशरथ अपने वचन से बंधे थे और इस निर्णय से गहरे दुख में डूब गए। जब राम को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने बिना किसी विरोध के पिता के वचन की रक्षा के लिए वनवास स्वीकार कर लिया। माता सीता और भाई लक्ष्मण ने भी राम के साथ वन जाने का निर्णय लिया। तीनों ने राजसी वस्त्रों का त्याग कर मुनि वेश धारण किया और वन की ओर प्रस्थान किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


राम के वियोग में राजा दशरथ ने प्राण त्याग दिए। भरत जब अयोध्या लौटे और उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी हुई तो उन्होंने राजपाट स्वीकार करने से इन्कार कर दिया। कथा व्यास ने वनवास के दौरान राम के ऋषि-मुनियों के आश्रमों में जाने, राक्षसों के संहार, पंचवटी में सीता हरण और इसके बाद सुग्रीव व हनुमान की सहायता से लंका पर विजय का प्रसंग भी सुनाया। कथा के मुख्य यजमान सहजनवां विधायक प्रदीप शुक्ला, शरत चंद्र त्रिपाठी, किरण त्रिपाठी, इंदिरा शुक्ला, मीनू पांडे, संजय श्रीवास्तव, प्रशांत श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, ज्योति श्रीवास्तव, चिकित्सक डॉ. केशव लाल श्रीवास्तव, ज्योतिषाचार्य पवन पांडेय और विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री इ. संजीत श्रीवास्तव रहे।


इस दौरान आचार्य शिवम शास्त्री, आचार्य अभिषेक मिश्रा, मंजीत श्रीवास्तव, अविनाश श्रीवास्तव, शिवम मिश्रा, हिमांशु मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed