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Gorakhpur News: रामजानकी-गोनघट मार्ग पर चढ़ा बाढ़ का पानी, 15 से अधिक गांव घिरे
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बड़हलगंज। सरयू और राप्ती नदियों के ऊफान से कछारांचल में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। रामजानकी-गोनघट मार्ग पर बाढ़ का पानी चढ़ने से आवागमन प्रभावित है, जबकि 15 से अधिक गांव घिर गए हैं। बरहज में सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 95 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। ज्ञानपुर, बगहा, कुटिया निरंजन और जैतपुर समेत छह गांवों में ग्रामीणों के आवागमन के लिए नावें लगाई गई हैं। वहीं रामजानकी मार्ग और निर्माणाधीन टोल प्लाजा पर भी बाढ़ के पानी का दबाव बढ़ गया है।
सरयू के पानी से कोलखास, ज्ञानकोल, दिस्तौलिया, बरडीहा, अजयपुरा, गोरखपुरा, खैराटी, कोटिया निरंजन और गोनघट समेत कई गांव घिर गए हैं। वहीं, राप्ती का पानी लखनौरा, लखनौरी, मरवटिया, बिहुआ, सूबेदारनगर, कोईलीखाल और कोड़र नीलकंठ में पहुंच गया है। बगहा देवार, ज्ञानकोल और भयपुरा में नाव ही आवागमन का सहारा है।
बाढ़ के पानी का दबाव रामजानकी मार्ग और निर्माणाधीन टोल प्लाजा पर भी बढ़ गया है। राप्ती के तेज बहाव से सड़क पर बने स्लैब के नीचे की मिट्टी बह गई है। दक्षिण दिशा में सरयू की कटान से सड़क के किनारे की जमीन भी प्रभावित हो रही है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। सोमवार को तहसीलदार सत्येंद्र कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए चारा और भूसे की व्यवस्था की जा रही है।
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सरयू के पानी से कोलखास, ज्ञानकोल, दिस्तौलिया, बरडीहा, अजयपुरा, गोरखपुरा, खैराटी, कोटिया निरंजन और गोनघट समेत कई गांव घिर गए हैं। वहीं, राप्ती का पानी लखनौरा, लखनौरी, मरवटिया, बिहुआ, सूबेदारनगर, कोईलीखाल और कोड़र नीलकंठ में पहुंच गया है। बगहा देवार, ज्ञानकोल और भयपुरा में नाव ही आवागमन का सहारा है।
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बाढ़ के पानी का दबाव रामजानकी मार्ग और निर्माणाधीन टोल प्लाजा पर भी बढ़ गया है। राप्ती के तेज बहाव से सड़क पर बने स्लैब के नीचे की मिट्टी बह गई है। दक्षिण दिशा में सरयू की कटान से सड़क के किनारे की जमीन भी प्रभावित हो रही है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। सोमवार को तहसीलदार सत्येंद्र कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए चारा और भूसे की व्यवस्था की जा रही है।
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