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गोरखपुर में बाढ़ का खतरा: बढ़ रहा राप्ती और रोहिन नदी का जलस्तर, तटबंधों की निगरानी जारी
Sun, 27 Jun 2021 08:30 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 27 Jun 2021 08:30 AM IST
सार
सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं।
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गोरखपुर राप्ती नदी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जिले में बहने वाली सभी प्रमुख नदियों में राप्ती और रोहिन नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। हालांकि, दोनों नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं। रोहिन ऐसी नदी है जो एक दिन में ही कई मीटर तक बढ़ कर खतरे के निशान को पार कर जाती है। वहीं घाघरा नदी लगातार नीचे की तरफ आ रही है। इन सबके बीच सिंचाई विभाग की तरफ से तटबंधों की निगरानी जारी है।
इधर कुछ दिनों से कहीं अधिक तो कहीं कम बारिश हो रही है। इसका असर नदियों के जलस्तर पर भी पड़ रहा है। राप्ती नदी जो खतरे के करीब पहुंच कर घटने लगी थी, एक बार फिर दो दिनों से बढ़ने लगी है। फिलहाल वह खतरे के निशान से लगभग सवा मीटर नीचे बह रही है।
रोहिन नदी खतरे के निशान से दो मीटर नीचे बह रही है। नदियों के जलस्तर के घटाव के कारण कहीं-कहीं कटान भी होने लगी है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रुपेश कुमार खरे ने कहा कि तटबंधों पर पूरी निगाह रखी जा रही है। जहां कटान हो रही है वहां उसे रोकने की दिशा में काम हो रहा है।
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इधर कुछ दिनों से कहीं अधिक तो कहीं कम बारिश हो रही है। इसका असर नदियों के जलस्तर पर भी पड़ रहा है। राप्ती नदी जो खतरे के करीब पहुंच कर घटने लगी थी, एक बार फिर दो दिनों से बढ़ने लगी है। फिलहाल वह खतरे के निशान से लगभग सवा मीटर नीचे बह रही है।
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रोहिन नदी खतरे के निशान से दो मीटर नीचे बह रही है। नदियों के जलस्तर के घटाव के कारण कहीं-कहीं कटान भी होने लगी है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रुपेश कुमार खरे ने कहा कि तटबंधों पर पूरी निगाह रखी जा रही है। जहां कटान हो रही है वहां उसे रोकने की दिशा में काम हो रहा है।
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