{"_id":"612be7e08ebc3e7a224b6433","slug":"flood-caused-destruction-in-171-villages-of-the-district-gorakhpur-city-news-gkp4072634116","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के 171 गांवों में बाढ़ ने मचाई तबाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के 171 गांवों में बाढ़ ने मचाई तबाही
विज्ञापन
जिले के 171 गांवाें में बाढ़ ने मचाई तबाही
1.78 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित, 6700 हेक्टेयर फसल भी बर्बाद
गोरखपुर। जिले की सभी नदियां इन दिनों उफान पर हैं। इसके चलते 171 गांवों में बाढ़ का पानी तबाही मचा रहा है। प्रभावितों ने बंधों पर शरण ली है। सभी सात तहसीलों की एक लाख 78 हजार से ज्यादा की आबादी बाढ़ से परेशान है। पशुओं को भी दिक्कतें हो रही हैं। अब तक 50 पशु केंद्र बनाए गए हैं, जहां चारे के इंतजाम किए गए हैं।
प्रशासन की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ से 6700 हेक्टेयर की फसलें बर्बाद हुई हैं। राहत-बचाव कार्य में 248 नावें लगाई गई हैं। अब तक बाढ़ प्रभावितों को 10138 राशन किट उपलब्ध कराई गई है। बाढ़ का सबसे ज्यादा कहर गोला तहसील क्षेत्र में है। इस क्षेत्र के 48 गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। सदर तहसील क्षेत्र के 40, सहजनवां के 32, कैंपियरगंज के 13, चौरीचौरा के 27, खजनी के 18 और बांसगांव के 17 गांवों में बाढ़ का पानी तबाही मचा रहा है। जिला प्रशासन की तरफ से राहत-बचाव कार्य जारी है। तहसील प्रशासन के साथ-साथ एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें भी लगी हैं। जिलाधिकारी विजय किरन आनंद के साथ ही सिंचाई विभाग के अफसर लगातार बंधों का निरीक्षण कर रहे हैं।
नेपाल की पहाड़ियों पर बारिश जारी
गोरखपुर व आसपास के जिलों में भले ही बारिश कम हो गई है, लेकिन नेपाल की पहाड़ियों पर बारिश का सिलसिला जारी है। इसका सीधा असर गोरखपुर से होकर बहने वाली नदियों पर पड़ रहा है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की टीमें कर रहीं इलाज
बाढ़ से घिरे गांवों के लोगों के उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग की छह टीमें गठित की गई हैं। चिकित्सक लोगों का उपचार कर रहे हैं। क्लोरीन की गोलियां वितरित की जा रही हैं।
विज्ञापन
1.78 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित, 6700 हेक्टेयर फसल भी बर्बाद
गोरखपुर। जिले की सभी नदियां इन दिनों उफान पर हैं। इसके चलते 171 गांवों में बाढ़ का पानी तबाही मचा रहा है। प्रभावितों ने बंधों पर शरण ली है। सभी सात तहसीलों की एक लाख 78 हजार से ज्यादा की आबादी बाढ़ से परेशान है। पशुओं को भी दिक्कतें हो रही हैं। अब तक 50 पशु केंद्र बनाए गए हैं, जहां चारे के इंतजाम किए गए हैं।
प्रशासन की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ से 6700 हेक्टेयर की फसलें बर्बाद हुई हैं। राहत-बचाव कार्य में 248 नावें लगाई गई हैं। अब तक बाढ़ प्रभावितों को 10138 राशन किट उपलब्ध कराई गई है। बाढ़ का सबसे ज्यादा कहर गोला तहसील क्षेत्र में है। इस क्षेत्र के 48 गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। सदर तहसील क्षेत्र के 40, सहजनवां के 32, कैंपियरगंज के 13, चौरीचौरा के 27, खजनी के 18 और बांसगांव के 17 गांवों में बाढ़ का पानी तबाही मचा रहा है। जिला प्रशासन की तरफ से राहत-बचाव कार्य जारी है। तहसील प्रशासन के साथ-साथ एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें भी लगी हैं। जिलाधिकारी विजय किरन आनंद के साथ ही सिंचाई विभाग के अफसर लगातार बंधों का निरीक्षण कर रहे हैं।
विज्ञापन
नेपाल की पहाड़ियों पर बारिश जारी
गोरखपुर व आसपास के जिलों में भले ही बारिश कम हो गई है, लेकिन नेपाल की पहाड़ियों पर बारिश का सिलसिला जारी है। इसका सीधा असर गोरखपुर से होकर बहने वाली नदियों पर पड़ रहा है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की टीमें कर रहीं इलाज
बाढ़ से घिरे गांवों के लोगों के उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग की छह टीमें गठित की गई हैं। चिकित्सक लोगों का उपचार कर रहे हैं। क्लोरीन की गोलियां वितरित की जा रही हैं।