फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Five special team sent notice to private hospital for open without permission in gorakhpur

बिना अनुमति के ही मरीजों का कर रहे थे इलाज, विशेष टीम ने निजी अस्पतालों को दिया गया नोटिस

Fri, 08 May 2020 08:53 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 08 May 2020 08:53 AM IST
विज्ञापन
Five special team sent notice to private hospital for open without permission in gorakhpur
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

स्वास्थ्य विभाग की पांच टीमों ने शहर के 20 अस्पतालों का निरीक्षण कर उनकी व्यवस्था जांची। इस दौरान कई अस्पताल बंद पाए गए। सात ऐसे निजी अस्पतालों नोटिस दिया गया जो अनुमति के बिना ही मरीजों का इलाज कर रहे थे। इसके अलावा अनुमति मिलने वाले अस्पतालों में कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन कर मरीजों का इलाज करने को निर्देशित किया गया।  

विज्ञापन

 
इन अस्पतालों को दिया गया नोटिस
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी के मुताबिक एलएन पैथोलॉजी, बशारतपुर बिना अनुमति के संचालित हो रहा था। इसके लिए उन्हें नोटिस दिया गया है। पापुलर नर्सिंग होम, बशारतपुर में बॉयोमेडिकल वेस्ट की व्यवस्था बेहतर नहीं मिली।
विज्ञापन


लोटस डायग्नोस्टिक सेंटर, शाहपुर, उपकार हास्पिटल नौसड़ बिना अनुमति, बालाजी नर्सिंग होम में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं, शिवराधिका मेमोरियल हास्पिटल, बिना अनुमति और लाइफ केयर हास्पिटल को बॉयोमेडिकल वेस्ट की व्यवस्था बेहतर न मिलने पर नोटिस दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, रचित हास्पिटल में प्रथम तल पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न होने पर चेतावनी दी गई है। प्रयास चिल्ड्रेन हास्पिटल खरैया पोखरा और स्मिता नर्सिंग होम राप्ती नगर में बायोमेडिकल वेस्ट की व्यवस्था के लिए निर्देशित किया गया है।

ये हास्पिटल पाए गए बंद

सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी के मुताबिक केबी न्यूरो सेंटर, आम बाजार, समाधान डायग्नोस्टिक सेंटर, शाहपुर, चंद्रा हास्पिटल, नौसड़, त्यागी हास्पिटल, नौसड़, जेजे हास्पिटल, बसंतपुर, कान्हा हास्पिटल, बक्शीपुर, डॉ बीबी गुप्ता, बक्शीपुर, बागची नर्सिंग होम, आकृति डायग्नोस्टिक सेंटर बंद पाया गया है।
 
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि अस्पतालों के निरीक्षण का उद्देश्य अस्पतालों को कोविड संक्रमण से बचाव के लिए तैयार करना है। कुछ अस्पतालों में कमियां मिलीं हैं। उन्हें अस्पताल प्रबंधन के माध्यम से दूर कराया जाएगा, ताकि जब इनके संचालन की अनुमति दी जाए तो यहां आने वाले रोगी संक्रमित न हों।

शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की जांच रहेगी जारी: सीएमओ

निजी अस्पतालों पर हो रही कार्रवाई के विरोध में बृहस्पतिवार को आईएमए के अध्यक्ष डॉ. एससी कौशिक, सचिव डॉ. राजेश कुमार गुप्ता, डॉ. जेपी जायसवाल, डॉ. अरविंद तिवारी, डॉ.अजय शुक्ला और डॉ.आरपी शुक्ला ने सीएमओ से मुलाकात की। दोनों पक्षों में करीब एक घंटे वार्ता हुई।

आईएमए अध्यक्ष ने सीएमओ से निवेदन किया कि बगैर जांच किसी अस्पताल को संचालन की अनुमति न दें। अनुमति देने से तीन दिन पूर्व जांच करें। अनुमति देने के बाद जांच के नाम पर नोटिस देना ठीक नहीं है। सीएमओ ने पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि इस जांच को नकारात्मक भाव में ना लें।

अस्पताल से संक्रमण न फैले इस उद्देश्य से यह सख्ती बरती जा रही है। अस्पतालों में ओपीडी बंद रहेगी। शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की जांच जारी रहेगी।
 
नर्सिंग होम एसोसिएशन करेगा वार्ता

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से नाराज नर्सिंग होम एसोसिएशन ने सीएमओ से वार्ता करने का फैसला लिया है। नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. खालिद अब्बासी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आंदोलन जैसी कोई बात नहीं है। एकाध मुद्दों पर असहमति है, जिसे सीएमओ से वार्ता कर दूर कर लिया जाएगा। मैंने केवल अपना अस्पताल बंद करने की घोषणा की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed