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Exclusive: पांच लाख लोग एप पर पढ़ रहे धार्मिक पुस्तकें, जानिए और इसमें क्या है खास

Mon, 25 Apr 2022 12:47 PM IST
vivek shukla अविनाश श्रीवास्तव, गोरखपुर।
अविनाश श्रीवास्तव, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 25 Apr 2022 12:47 PM IST
सार

गीता सेवा ट्रस्ट के ट्रस्टी ईश्वर प्रसाद पटवारी ने कहा कि गीता सेवा एप के सब्सक्राइबर की संख्या तीन वर्षों में पांच लाख पार कर गई है। इस एप पर गीता प्रेस से प्रकाशित होने वाली धार्मिक और आध्यात्मिक पुस्तकों का बड़ा संग्रह है। आगे और भी पुस्तकों को एप पर डालने के प्रक्रिया चल रही है।

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Five lakh people reading religious books on Gita seva app
गीता प्रेस - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

देश-दुनिया में पांच लाख से अधिक लोग मोबाइल एप पर गीता प्रेस की धार्मिक और आध्यात्मिक पुस्तकें पढ़ रहे हैं। गीता सेवा ट्रस्ट के गीता सेवा एप को तीन वर्षों में पांच लाख लोगों ने सब्सक्राइब किया है।

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दुनियाभर में धार्मिक पुस्तकों के लिए प्रसिद्ध गीता प्रेस की पुस्तकों की मांग जहां दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, वहीं गीता सेवा ट्रस्ट के मोबाइल एप ‘गीता सेवा एप’ के सब्सक्राइबर की संख्या में तेजी बढ़ रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, तीन वर्षों में गीता सेवा एप के सब्सक्राइबर्स की संख्या पांच लाख पार कर गई है।
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गीता सेवा एप पर धार्मिक और आध्यात्मिक पुस्तकों की बात करें तो इस एप में हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, बांग्ला, तमिल और कन्नड़, मराठी, ओड़िया भाषा में श्रीमद्भागवत गीता, रामायण, भागवत महापुराण, जयदयाल गोयंदका, हनुमान प्रसाद पोद्दार, स्त्रियोपयोगी, बालोपयोगी और सर्वोपयोगी आदि 1,070 पुस्तकों का संग्रह है। इसके अलावा कल्याण पत्रिका के विशेषांकों के साथ ही कल्याण मासिक पत्रिका का संग्रह भी एप पर मौजूद है। जयदयाल गोयंदका के 92 प्रवचन, हनुमान प्रसाद पोद्दार के 149 प्रवचन और स्वामी रामसुखदास के 12,538 प्रवचन भी एप में है।

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3,509 ऑडियो का है संग्रह

गीता सेवा एप पर 3509 ऑडियो का भी संग्रह मौजूद है। इसमें गीता पाठ, मानस पाठ, स्तोत्र, वाल्मीकि रामायण कथा, रामकथा, महाभारत कथा, हनुमान प्रसाद पोद्दार, स्वामी अखंडानंद, जयदयालजी गोयंदका के अमृत वचन, गीता तत्वविवेचनी और गीता साधक संजीवनी संपूर्ण, भजन, कीर्तन, भागवत कथा आदि शामिल हैं।



गीता सेवा ट्रस्ट के ट्रस्टी ईश्वर प्रसाद पटवारी ने कहा कि गीता सेवा एप के सब्सक्राइबर की संख्या तीन वर्षों में पांच लाख पार कर गई है। इस एप पर गीता प्रेस से प्रकाशित होने वाली धार्मिक और आध्यात्मिक पुस्तकों का बड़ा संग्रह है। आगे और भी पुस्तकों को एप पर डालने के प्रक्रिया चल रही है।

 

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