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गोरखपुर: गंदा पानी पीने को मजबूर हैं सवा पांच सौ परिवार, 23 साल में भी टंकी से शुरू नहीं हो सकी जलापूर्ति
Sun, 08 Aug 2021 02:59 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 08 Aug 2021 02:59 PM IST
सार
1998 में विकसित हुई थी कॉलोनी, तभी से जलापूर्ति के लिए बनाया गया था ओवरहेड टैंक। 23 साल में भी टंकी से शुरू नहीं हो सकी जलापूर्ति, चार बार बदली जा चुकी है पाइपलाइन।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर विकास प्राधिकरण की बुद्ध विहार पार्ट सी कॉलोनी के 525 परिवारों को बीते 23 साल से पीने का स्वच्छ पानी हासिल नहीं हुआ है। कॉलोनी वासियों के मुताबिक 1998 में कॉलोनी विकसित किए जाने के साथ ही जलापूर्ति के लिए पानी की टंकी भी स्थापित की गई थी। स्थापना के बाद से आज तक इस टंकी से जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। मरम्मत और देखरेख के अभाव में इस टंकी से जुड़ी पाइपलाइन भी खराब होने के कारण चार बार बदली जा चुकी है, बावजूद इसके आज लोगों को साफ पानी नहीं मिला।
रतन कुमार ने बताया कि आज तक टंकी से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई, सभी लोगों ने मजबूरी में हैंडपंप लगवाया है। उससे पीले रंग का पानी आता है जो न तो पीने में इस्तेमाल हो सकता है न ही खाना बनाने या कपड़ा धोने में। बीस साल से अधिक हो गए परेशानी झेलते हुए।
उदय नारायण सिंह ने बताया कि हैंडपंप का पानी इतना खराब है कि हर दूसरे माह आरओ खराब हो जाता है। मजबूरी में पानी खरीदकर पीना पड़ता है। पानी खरीदने या आरओ की मरम्मत कराने में हर परिवार पर प्रतिमाह औसतन एक हजार रुपये का आर्थिक बोझ पड़ रहा है। यदि टंकी से आपूर्ति शुरू हो जाए तो यह खर्च बंद हो।
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रतन कुमार ने बताया कि आज तक टंकी से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई, सभी लोगों ने मजबूरी में हैंडपंप लगवाया है। उससे पीले रंग का पानी आता है जो न तो पीने में इस्तेमाल हो सकता है न ही खाना बनाने या कपड़ा धोने में। बीस साल से अधिक हो गए परेशानी झेलते हुए।
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उदय नारायण सिंह ने बताया कि हैंडपंप का पानी इतना खराब है कि हर दूसरे माह आरओ खराब हो जाता है। मजबूरी में पानी खरीदकर पीना पड़ता है। पानी खरीदने या आरओ की मरम्मत कराने में हर परिवार पर प्रतिमाह औसतन एक हजार रुपये का आर्थिक बोझ पड़ रहा है। यदि टंकी से आपूर्ति शुरू हो जाए तो यह खर्च बंद हो।
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नरेंद्र सिंह ने बताया कि टंकी से जलापूर्ति के लिए बिछाई गई पाइप लाइन चार बार खराब हो चुकी है। हाल ही में चौथी बार पाइपलाइन फिर से बिछवाई गई है। पाइपलाइन पड़ जाने के बावजूद अभी तक जलापूर्ति शुरू नहीं हुई। पचास हजार किलोलीटर क्षमता वाली टंकी यदि चालू हो जाए तो बुद्ध विहार कॉलोनी ही नहीं, आसपास की बड़ी आबादी को लाभ होगा।
वीरेंद्र कुमार ने बताया कि 23 साल पहले जब कॉलोनी बनी थी तो बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलने की आस में यहां आवास खरीदा था। तब से आज तक शुद्ध पानी की आपूर्ति के लिए तरस रहे हैं। गोरखपुर विकास प्राधिकरण के सैकड़ों चक्कर लगाए गए लेकिन अधिकारी आज तक शुद्ध पानी उपलब्ध कराने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सके हैं।
जीडीए प्रेम रंजन सिंह ने बताया ति उपाध्यक्ष बुद्ध विहार पार्ट सी में एक टीम भेजी जाएगी। टीम की रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही समस्या का समाधान कराकर टंकी से आपूर्ति शुरू कराई जाएगी।
वीरेंद्र कुमार ने बताया कि 23 साल पहले जब कॉलोनी बनी थी तो बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलने की आस में यहां आवास खरीदा था। तब से आज तक शुद्ध पानी की आपूर्ति के लिए तरस रहे हैं। गोरखपुर विकास प्राधिकरण के सैकड़ों चक्कर लगाए गए लेकिन अधिकारी आज तक शुद्ध पानी उपलब्ध कराने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सके हैं।
जीडीए प्रेम रंजन सिंह ने बताया ति उपाध्यक्ष बुद्ध विहार पार्ट सी में एक टीम भेजी जाएगी। टीम की रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही समस्या का समाधान कराकर टंकी से आपूर्ति शुरू कराई जाएगी।