राहत: इस योजना में मछली पलकों को मिलेगा 3000 सालाना, ऐसे कर सकते हैं आवेदन
प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत मछुआ समुदाय को मिलेगी आर्थिक मदद, शिकारमाही बंद रहने के जुलाई, अगस्त, सितंबर माह की अवधि में मिलेगी सहायता।
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पिछले दो वर्षो में कोविड 19 के संक्रमण ने मत्स्य पालकों को भी बहुत नुकसान पहुँचाया है। करीब तीन महीने से तमाम व्यवासायिक और सामाजिक गतिविधियां प्रभावित हैं। ऐसे दौर में केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजनान्तर्गत मछुआ समुदाय या मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़े ऐसे व्यक्ति, संस्था, सहकारी समितियां या मत्स्य पालन एवं मत्स्य व्यवसाय से जुड़े अन्य सभी, जिनके जीविका का एक मात्र साधन मछली पालना, पकड़ना एवं बेचना है, आर्थिक मदद देने का निर्णय लिया है।
इस आर्थिक मदद में मौजूदा वित्त वर्ष से प्रत्येक जुलाई, अगस्त एवं सितंबर माह में जब शिकारमाही प्रतिबंधित रहती है उनके खाते में 3000 रुपये की आर्थिक मदद भेजी जाएगी। इस योजना में 1500 रुपये केंद्र सरकार, 1500 रुपये राज्य सरकार और 1500 रुपये लाभार्थी किसान योगदान करेगा। इस तरह लाभार्थी के खाते में हर साल 4500 रुपये उसके पोषण के लिए मौजूद रहेंगे।
खाते में रखना होगा 1500 रुपये बैलेंस
इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को अपने बचत खाते में न्यूनतम 1500 रुपये रखना होगा। ऐसा इसलिए ताकि लाभार्थी कुछ धनराशि का बचत करने के लिए प्रेरित हो। इसलिए शर्त है कि बैंक खाता में अक्तूबर से जून तक न्यूनतम बैलेंस 1500 रुपये होना चाहिए।
ऑनलाइन करें पंजीकरण
इस सेवा का लाभ लेने के लिए आवेदक को प्ले स्टोर में जाकर UPFish Farmers App डाउनलोड करना होगा। इस एप को ओपन कर मांगी गई सूचनाओं को भर कर पंजीकरण करते हुए डेटा सेव करना होगा। पंजीकरण करते समय सक्रिय बचत बैंक खाता एफएससीआई कोड, एकाउंट नम्बर, बैंक का नाम और सावधानी से भरें।आधार कार्ड और मोबाइल नम्बर की डिटेल भी सावधानी से भरें।
अधिक जानकारी के लिए यहां करें सम्पर्क
इस योजना के संदर्भ में अधिक जानकारी के लिए किसी भी कार्य दिवस में कोविड नियमों का पालन करते हुए लाभार्थी गोरखपुर मंडल के कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज एवं गोरखपुर के मत्स्य विभाग के जनपदीय कार्यालय, मत्स्य पालक विकास अभिकरण अथवा सहायक निदेशक मत्स्य कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
गोरखपुर मंडल के मत्स्य उप निदेशक बृजेश कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजनान्तर्गत काफी महत्वकांक्षी योजना है। मछली के कारोबार से जुड़े लोगों को इस योजना का लाभ अगले पांच वर्षो तक मिलता रहेगा। पंजीकरण के लिए सहज जन सेवा केंद्र एवं कॉमन सर्विस सेंटर का भी सहयोग लिया जा सकता है।