{"_id":"619dc96914ae7f082038e820","slug":"fish-catching-poison-in-river-in-kushinagar","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुशीनगर: नदी में जहर डाल पकड़ रहे मछलियां, जल प्रदूषित होने से संकट में हैं अन्य जीव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुशीनगर: नदी में जहर डाल पकड़ रहे मछलियां, जल प्रदूषित होने से संकट में हैं अन्य जीव
Wed, 24 Nov 2021 10:41 AM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, कसया (कुशीनगर)।
संवाद न्यूज एजेंसी, कसया (कुशीनगर)।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 24 Nov 2021 10:41 AM IST
सार
बरसात का मौसम खत्म होने व नदी में जलस्तर कम होने से मछलियां पकड़ने वाले लोग नजर लगाए हैं। इसके चलते अलग-अलग स्थलों पर जहर डालकर मछली पकड़ने का काम करते हैं।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कुशीनगर से प्रवाहित होने वाली बौद्धकालीन पवित्र व पूजनीय हिरण्यवती नदी में जहर डालकर मछलियां पकड़ी जा रही हैं। जबकि सरकार व प्रशासन नदी के पुनरुद्धार के लिए करोड़ों की लागत से सौंदर्यीकरण समेत स्वच्छता के लिए काम कर रही है।
बीते 19 नवंबर को नदी के बुद्धा घाट पर एक तरफ जहां दीपोत्सव का भव्य आयोजन चल रहा था, उसी दौरान नदी की दूसरी तरफ कुछ लोग मछलियां पकड़ने में मशगूल थे। बरसात का मौसम खत्म होने व नदी में जलस्तर कम होने से मछलियां पकड़ने वाले लोग नजर लगाए हैं। इसके चलते अलग-अलग स्थलों पर जहर डालकर मछली पकड़ने का काम करते हैं।
जहर डालने से जल प्रदूषित होने के साथ मछलियों के अलावा अन्य जलीय जीवों के जीवन पर भी संकट है। इसके चलते वह मर जाते हैं। इससे प्रदूषण भी फैलता है, लेकिन मछली पकड़ने वाले लोगों को इससे कोई सरोकार नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीते 19 नवंबर को नदी के बुद्धा घाट पर एक तरफ जहां दीपोत्सव का भव्य आयोजन चल रहा था, उसी दौरान नदी की दूसरी तरफ कुछ लोग मछलियां पकड़ने में मशगूल थे। बरसात का मौसम खत्म होने व नदी में जलस्तर कम होने से मछलियां पकड़ने वाले लोग नजर लगाए हैं। इसके चलते अलग-अलग स्थलों पर जहर डालकर मछली पकड़ने का काम करते हैं।
विज्ञापन
जहर डालने से जल प्रदूषित होने के साथ मछलियों के अलावा अन्य जलीय जीवों के जीवन पर भी संकट है। इसके चलते वह मर जाते हैं। इससे प्रदूषण भी फैलता है, लेकिन मछली पकड़ने वाले लोगों को इससे कोई सरोकार नहीं है।
विज्ञापन