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Gorakhpur News: पहले हटेंगे आवास व दफ्तर, फिर बनेगा नया एयरपोर्ट भवन
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- नंदानगर पुलिस चौकी के सामने बनना है नया भवन
- नए भवन के निर्माण के लिए हटाया जाना है एमईएस का ऑफिस व दफ्तर
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एयरपोर्ट पर नंदानगर के पास नया भवन बनेगा। इसके बाद यहीं से एयरपोर्ट के अंदर प्रवेश व निकास की व्यवस्था होगी। नए भवन में पांच एरो ब्रिज होंगे, जिससे यात्री सीधे विमान में बैठ सकेंगे। हालांकि इस भवन के निर्माण से पहले यहां स्थित मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) के ऑफिस व आवासों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। शिफ्टिंग का कार्य लोक निर्माण विभाग को कराना है। इस कार्य के जल्दी शुरू होने की उम्मीद है। इन सभी कार्यों को पूरा होने में लगभग तीन साल का वक्त लगेगा।
गोरखपुर एयरपोर्ट अभी एयरफोर्स स्टेशन की सुविधाओं से ही संचालित हो रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत यहां 500 यात्रियों के लिए नया टर्मिनल भवन बनाया गया है। परंतु एयरफोर्स के अंदर होने के चलते यात्रियों के प्रवेश व निकास को लेकर काफी दिक्कत होती है। केवल दो हवाई जहाजों के ही पार्किंग का इंतजाम होने के कारण उड़ान में भी दिक्कत आती है। इधर गीडा में उद्यमियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एयरपोर्ट पर और अधिक सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत महसूस हो रही है। इसे देखते हुए शासन ने पिछले दिनों 900 करोड़ की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया भवन बनाने का प्रस्ताव दिया था, जिसमें यात्रियों के प्रवेश व निकास के अलावा प्रतीक्षा करने और हवाई जहाज में चढ़ने तक के सारे इंतजाम किए जाएंगे। इसके लिए एयरपोर्ट के पश्चिमी छोर पर स्थित करीब 42 एकड़ की खाली जमीन को रक्षा मंत्रालय ने प्रदेश सरकार को हस्तांतरित कर दिया है। इस 42 एकड़ में से 18 हजार वर्गमीटर में एयरपोर्ट के भवन निर्माण होगा। बाकी के एरिया पर टेकऑफ, लैंडिंग और पार्किंग की व्यवस्था होगी।
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103 करोड़ से होगा शिफ्टिंग का कार्य
इसी जमीन पर अभी मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) के ऑफिस व आवास हैं। जिनकी शिफ्टिंग के लिए 103 करोड़ रुपये से कार्य कराया जाना है। यह कार्य लोक निर्माण विभाग कराएगा। जहां पर मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस का ऑफिस बनाया जाएगा उसके पास ही अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवास का भी निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा वहां पर एक ओवरहेड टैंक, एक विद्युत सब स्टेशन के साथ ही ट्यूबवेल का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा वहां पर ओपन जिम, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी निर्माण कराया जाएगा। वहां पर जो आवास बनाए जाएंगे उनमें टाइप फाइव जी, टाइप फोर जी प्लस वन, तथा टाइप 3 जी प्लस होंगे।
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कोट-
एयरपोर्ट पर जो नया निर्माण होना है, उससे पहले वहां सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग भी की जानी है। यह कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। ऑफिस, आवास व अन्य निर्माण के लिए प्रस्तावित बजट का करीब 25 फीसदी धन जारी हो चुका है।
अशद खां, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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कोट-
यात्रियों की सुविधा के लिए नया भवन नंदानगर के पास प्रस्तावित है। उसका निर्माण नागरिक उड्डयन विभाग कराएगा, लेकिन इससे पहले वहां पीडब्ल्यूडी को भी कुछ निर्माण कराने हैं। उनका कार्य पूरा होने के बाद नागरिक उड्डयन विभाग अपने हिस्से का कार्य कराएगा। नया भवन बनने के साथ ही जहाजों की पार्किंग व यात्रियों के आवागमन की दिक्कत खत्म हो जाएगी। हालांकि इस कार्य को पूरा होने में अभी वक्त लगेगा।
एके द्विवेदी, निदेशक एयरपोर्ट-गोरखपुर
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- नए भवन के निर्माण के लिए हटाया जाना है एमईएस का ऑफिस व दफ्तर
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एयरपोर्ट पर नंदानगर के पास नया भवन बनेगा। इसके बाद यहीं से एयरपोर्ट के अंदर प्रवेश व निकास की व्यवस्था होगी। नए भवन में पांच एरो ब्रिज होंगे, जिससे यात्री सीधे विमान में बैठ सकेंगे। हालांकि इस भवन के निर्माण से पहले यहां स्थित मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) के ऑफिस व आवासों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। शिफ्टिंग का कार्य लोक निर्माण विभाग को कराना है। इस कार्य के जल्दी शुरू होने की उम्मीद है। इन सभी कार्यों को पूरा होने में लगभग तीन साल का वक्त लगेगा।
गोरखपुर एयरपोर्ट अभी एयरफोर्स स्टेशन की सुविधाओं से ही संचालित हो रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत यहां 500 यात्रियों के लिए नया टर्मिनल भवन बनाया गया है। परंतु एयरफोर्स के अंदर होने के चलते यात्रियों के प्रवेश व निकास को लेकर काफी दिक्कत होती है। केवल दो हवाई जहाजों के ही पार्किंग का इंतजाम होने के कारण उड़ान में भी दिक्कत आती है। इधर गीडा में उद्यमियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एयरपोर्ट पर और अधिक सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत महसूस हो रही है। इसे देखते हुए शासन ने पिछले दिनों 900 करोड़ की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया भवन बनाने का प्रस्ताव दिया था, जिसमें यात्रियों के प्रवेश व निकास के अलावा प्रतीक्षा करने और हवाई जहाज में चढ़ने तक के सारे इंतजाम किए जाएंगे। इसके लिए एयरपोर्ट के पश्चिमी छोर पर स्थित करीब 42 एकड़ की खाली जमीन को रक्षा मंत्रालय ने प्रदेश सरकार को हस्तांतरित कर दिया है। इस 42 एकड़ में से 18 हजार वर्गमीटर में एयरपोर्ट के भवन निर्माण होगा। बाकी के एरिया पर टेकऑफ, लैंडिंग और पार्किंग की व्यवस्था होगी।
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103 करोड़ से होगा शिफ्टिंग का कार्य
इसी जमीन पर अभी मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) के ऑफिस व आवास हैं। जिनकी शिफ्टिंग के लिए 103 करोड़ रुपये से कार्य कराया जाना है। यह कार्य लोक निर्माण विभाग कराएगा। जहां पर मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस का ऑफिस बनाया जाएगा उसके पास ही अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवास का भी निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा वहां पर एक ओवरहेड टैंक, एक विद्युत सब स्टेशन के साथ ही ट्यूबवेल का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा वहां पर ओपन जिम, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी निर्माण कराया जाएगा। वहां पर जो आवास बनाए जाएंगे उनमें टाइप फाइव जी, टाइप फोर जी प्लस वन, तथा टाइप 3 जी प्लस होंगे।
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एयरपोर्ट पर जो नया निर्माण होना है, उससे पहले वहां सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग भी की जानी है। यह कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। ऑफिस, आवास व अन्य निर्माण के लिए प्रस्तावित बजट का करीब 25 फीसदी धन जारी हो चुका है।
अशद खां, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग
कोट-
यात्रियों की सुविधा के लिए नया भवन नंदानगर के पास प्रस्तावित है। उसका निर्माण नागरिक उड्डयन विभाग कराएगा, लेकिन इससे पहले वहां पीडब्ल्यूडी को भी कुछ निर्माण कराने हैं। उनका कार्य पूरा होने के बाद नागरिक उड्डयन विभाग अपने हिस्से का कार्य कराएगा। नया भवन बनने के साथ ही जहाजों की पार्किंग व यात्रियों के आवागमन की दिक्कत खत्म हो जाएगी। हालांकि इस कार्य को पूरा होने में अभी वक्त लगेगा।
एके द्विवेदी, निदेशक एयरपोर्ट-गोरखपुर