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Gorakhpur News: पहले देता है उधार रुपये फिर धमका कर लिखवा लेता है जमीन
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रुपये के बदले नहीं मिली जमीन तो प्रॉपर्टी डीलर ने युवकों का किया था अपहरण
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गुलरिहा इलाके में दिनदहाड़े अपहरण करने वाला प्राॅपर्टी डीलर योगेंद्र यादव पहले भी ऐसी वारदात करता रहा है। शाहपुर, पिपराइच और गुलरिहा क्षेत्र में इसकी मनबढ़ के रूप में पहचान है। इसके बारे में बताया जाता है कि हमेशा जमीन की ताक में रहता है और गरीब लोगों को उधार रुपये देकर बाद में जबरन उनकी जमीन लिखवा लेता है। जब भी इसके गिरेबान पर दाग लगता है तो किसी अधिकारी का रिश्तेदार बनकर बच जाता है। इस बार इसका शातिरानापन नहीं चल पाया। पुलिस उसे घर से गिरफ्तार कर ले गई।
सूत्रों की मानें तो अपहरण करने के बाद जब पुलिस पहुंची तो योगेंद्र यादव उन पर धौंस जमाने लगा। छापा मारने पहुंची पुलिस को उसने प्रेशर में लेने के लिए कई बार फोन भी मिलाया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को देखने की धमकी देता रहा।
जमीन की लालच में दिए थे रुपये
जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र के अशरफपुर के रहने वाले संचित की मां कमला देवी की बहन जंगल एकला नंबर दो में रहती हैं। बहन का लड़का आदित्य शाहपुर क्षेत्र के मोहनापुर निवासी कुछ लोगों के साथ जमीन का कारोबार करता है। एक जमीन के खरीद फरोख्त में आदित्य ने किसी व्यक्ति के खाते में दो लाख रुपये योगेंद्र यादव से ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए थे। जिस व्यक्ति को योगेंद्र ने रुपये दिए थे, उसकी जमीन पर योगेंद्र की नजर थी, लेकिन रुपये लेकर वह व्यक्ति गायब हो गया तो योगेंद्र की मंशा पर पानी फिर गया। सूत्रों के अनुसार अब योगेंद्र द्वारा आदित्य से दो लाख रुपये से बढ़ाकर रकम की मांग की जा रही थी। इस वजह से आदित्य योगेंद्र से नहीं मिल रहा था।
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आदित्य की मौसी के लड़के काे उठा लिया
आदित्य नहीं मिला तो रविवार को योगेंद्र उसकी मौसी के लड़के संजीत, उसके दो दोस्त शुभम और आफताब का कार से अपहरण कर लिया। पुलिस के अनुसार योगेंद्र संजीत और उसके दोस्तों को पूरे रास्ते मारते हुए शाहपुर स्थित अपने आवास पर ले गया। वहां तीनों युवकों खूब प्रताड़ित किया गया। तभी संजीत की मां कमला की सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस वहां पहुंच गई। पुलिस ने आरोपियों के चंगुल से तीनों युवकों को मुक्त कराया। तीनों युवक को इतना पीटा गया था कि वह काफी डरे हुए थे। तीनों युवकों को मंगलवार को शहर से बाहर जाना था। अभी वे इसकी तैयारी कर ही रहे थे, तभी घटना हो गई।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गुलरिहा इलाके में दिनदहाड़े अपहरण करने वाला प्राॅपर्टी डीलर योगेंद्र यादव पहले भी ऐसी वारदात करता रहा है। शाहपुर, पिपराइच और गुलरिहा क्षेत्र में इसकी मनबढ़ के रूप में पहचान है। इसके बारे में बताया जाता है कि हमेशा जमीन की ताक में रहता है और गरीब लोगों को उधार रुपये देकर बाद में जबरन उनकी जमीन लिखवा लेता है। जब भी इसके गिरेबान पर दाग लगता है तो किसी अधिकारी का रिश्तेदार बनकर बच जाता है। इस बार इसका शातिरानापन नहीं चल पाया। पुलिस उसे घर से गिरफ्तार कर ले गई।
सूत्रों की मानें तो अपहरण करने के बाद जब पुलिस पहुंची तो योगेंद्र यादव उन पर धौंस जमाने लगा। छापा मारने पहुंची पुलिस को उसने प्रेशर में लेने के लिए कई बार फोन भी मिलाया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को देखने की धमकी देता रहा।
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जमीन की लालच में दिए थे रुपये
जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र के अशरफपुर के रहने वाले संचित की मां कमला देवी की बहन जंगल एकला नंबर दो में रहती हैं। बहन का लड़का आदित्य शाहपुर क्षेत्र के मोहनापुर निवासी कुछ लोगों के साथ जमीन का कारोबार करता है। एक जमीन के खरीद फरोख्त में आदित्य ने किसी व्यक्ति के खाते में दो लाख रुपये योगेंद्र यादव से ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए थे। जिस व्यक्ति को योगेंद्र ने रुपये दिए थे, उसकी जमीन पर योगेंद्र की नजर थी, लेकिन रुपये लेकर वह व्यक्ति गायब हो गया तो योगेंद्र की मंशा पर पानी फिर गया। सूत्रों के अनुसार अब योगेंद्र द्वारा आदित्य से दो लाख रुपये से बढ़ाकर रकम की मांग की जा रही थी। इस वजह से आदित्य योगेंद्र से नहीं मिल रहा था।
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आदित्य की मौसी के लड़के काे उठा लिया
आदित्य नहीं मिला तो रविवार को योगेंद्र उसकी मौसी के लड़के संजीत, उसके दो दोस्त शुभम और आफताब का कार से अपहरण कर लिया। पुलिस के अनुसार योगेंद्र संजीत और उसके दोस्तों को पूरे रास्ते मारते हुए शाहपुर स्थित अपने आवास पर ले गया। वहां तीनों युवकों खूब प्रताड़ित किया गया। तभी संजीत की मां कमला की सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस वहां पहुंच गई। पुलिस ने आरोपियों के चंगुल से तीनों युवकों को मुक्त कराया। तीनों युवक को इतना पीटा गया था कि वह काफी डरे हुए थे। तीनों युवकों को मंगलवार को शहर से बाहर जाना था। अभी वे इसकी तैयारी कर ही रहे थे, तभी घटना हो गई।