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गोरखपुर: बीआरडी मेडिकल कॉलेज में डेंगू से पहली मौत, संतकबीरनगर के रहने वाला था युवक
Sat, 25 Sep 2021 09:42 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 25 Sep 2021 09:42 PM IST
सार
प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि जिले में एक भी मरीज की मौत डेंगू से नहीं हुई है। जिस युवक की मौत डेंगू से हुई है वह संतकबीरनगर जिले का रहने वाला था। उसकी उम्र करीब 20 वर्ष थी।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में डेंगू से पीड़ित एक युवक की मौत हो गई है। मरीज संतकबीरनगर जिले का निवासी था। इसके अलावा पीडियाट्रिक वार्ड में डेंगू से पीड़ित दो बच्चे और दो अन्य डेंगू के मरीज बीआरडी में भर्ती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इन मरीजों में पहले से काफी सुधार है। राहत की बात यह है कि जिन बच्चों में डेंगू की पुष्टि हुई है उनकी हालत खतरे से बाहर है।
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प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि जिले में एक भी मरीज की मौत डेंगू से नहीं हुई है। जिस युवक की मौत डेंगू से हुई है वह संतकबीरनगर जिले का रहने वाला था। उसकी उम्र करीब 20 वर्ष थी। बता दें कि इससे पूर्व बीआरडी में डेंगू के पांच मरीज मिल चुके हैं जो अब ठीक हो चुके हैं। इन्हीं मरीजों के मिलने के बाद से कॉलेज प्रशासन मेडिसिन विभाग की ओपीडी में आने वाले मरीजों की डेंगू जांच भी करा रहा है। प्रतिदिन मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में 70 से 80 नमूने एलाइजा जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
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रेलवे की कॉलोनियों से फैल सकता हैं डेंगू और मलेरिया
रेलवे की कॉलोनियों में जमा पानी डेंगू और मलेरिया को बढ़ा सकता है। मलेरिया विभाग की टीम ने सर्वे के तहत यह रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को दी है। सर्वे में यह बात सामने आई है कि रेलवे की कॉलोनियों में जमा पानी और गंदगी की वजह से डेंगू और मलेरिया फैल सकता है। इसे लेकर मलेरिया अधिकारी ने रेलवे प्रशासन को पत्र लिखकर साफ-सफाई करवाने की बात कही है।
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छह सदस्यीय टीम कर रही है सर्वे
मलेरिया विभाग की छह सदस्यीय टीम लगातार शहर के विभिन्न इलाकों में सर्वे कर रही है। इसके तहत यह देखा जा रहा है कि किन स्थानों पर पानी इकट्ठा हो रहा है और डेंगू के लार्वा पनप सकते है। ऐसे इलाकों में कौवाबाग, यांत्रिक कारखाना, बौलिया कॉलोनी, बिछिया रेलवे कॉलोनी आदि जगहों पर गंदगी का अंबार है। यहां पर जलभराव भी है। इसकी वजह से विभाग को डर है कि कही इन्हीं कारणों की वजह से डेंगू और मलेरिया के केस न बढ़ जाए।
डेंगू का एक संदिग्ध मरीज मिला
शनिवार को सर्वे करने पहुंची टीम को मानस विहार में डेंगू का एक संदिग्ध मरीज मिला है। उसमें एनएस-वन की पुष्टि हुई है। कन्फर्मेशन के लिए विभाग ने व्यक्ति का एलाइजा टेस्ट कराने का सैंपल लिया है।
एक नजर अब तक हुए जांच पर
वेक्टर डिजीज के प्रभारी डॉ. एके चौधरी ने कहा कि शहर के विभिन्न इलाकों में मलेरिया विभाग की टीम सर्वे कर रही है। इस दौरान लार्वा की की जांच की जा रही है। जहां लार्वा पाए जा रहे हैं, वहां छिड़काव कराया जा रहा है। रेलवे की कॉलोनियों में गंदगी पाई गई है। इसे साफ कराने के लिए पत्राचार किया जाएगा।
डेंगू का एक संदिग्ध मरीज मिला
शनिवार को सर्वे करने पहुंची टीम को मानस विहार में डेंगू का एक संदिग्ध मरीज मिला है। उसमें एनएस-वन की पुष्टि हुई है। कन्फर्मेशन के लिए विभाग ने व्यक्ति का एलाइजा टेस्ट कराने का सैंपल लिया है।
एक नजर अब तक हुए जांच पर
- मलेरिया की अब तक हुई जांच - 7333
- मलेरिया के पॉजिटिव मरीज - 2
- अब तक डेंगू के हुए टेस्ट - 653
- डेंगू के पॉजिटिव मरीज - 2
वेक्टर डिजीज के प्रभारी डॉ. एके चौधरी ने कहा कि शहर के विभिन्न इलाकों में मलेरिया विभाग की टीम सर्वे कर रही है। इस दौरान लार्वा की की जांच की जा रही है। जहां लार्वा पाए जा रहे हैं, वहां छिड़काव कराया जा रहा है। रेलवे की कॉलोनियों में गंदगी पाई गई है। इसे साफ कराने के लिए पत्राचार किया जाएगा।