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शिक्षक से ठगी, ATM-सिम कार्ड और बैंक खाते लेकर गिरोह ने किया खेल, खाते फ्रीज होने पर खुला राज
Tue, 24 Mar 2026 02:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 24 Mar 2026 02:39 AM IST
सार
शिक्षक सुनील शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्हें पैसों की जरूरत थी, लेकिन बैंक से लोन नहीं मिल पा रहा था। इसी दौरान उनकी मुलाकात आदर्शनगर सिंघड़िया में रियल होम फाइनेंस का कार्यालय चलाने वाले ध्रुव साहनी से हुई। शुरुआत में ध्रुव ने लोन न मिलने की बात कही, लेकिन बाद में सरकारी योजना के तहत पैसा दिलाने का झांसा दिया।
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लोन के बहाने की ठगी
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
एम्स थाना क्षेत्र में सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर ठगी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने लोन दिलाने के नाम पर टीचर्स कॉलोनी निवासी शिक्षक सुनील शर्मा के खाते से लाखों रुपये उड़ा लिए। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि एक गिरोह इस तरह की जालसाजी के पीछे है।
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जालसाजों ने सरकारी योजना का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लिया और उनके माध्यम से लाखों रुपये का साइबर फ्रॉड कर डाला। मामले का पता तब चला जब शिक्षक के बैंक खाते अचानक फ्रीज हो गए। ठगी के शिकार पीड़ित ने कैंट के सिंघड़िया आर्दशनगर निवासी ध्रुव साहनी, जंगल रामगढ़ उर्फ रजही निवासी सूरज के खिलाफ एम्स थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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शिक्षक सुनील शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्हें पैसों की जरूरत थी, लेकिन बैंक से लोन नहीं मिल पा रहा था। इसी दौरान उनकी मुलाकात आदर्शनगर सिंघड़िया में रियल होम फाइनेंस का कार्यालय चलाने वाले ध्रुव साहनी से हुई। शुरुआत में ध्रुव ने लोन न मिलने की बात कही, लेकिन बाद में सरकारी योजना के तहत पैसा दिलाने का झांसा दिया।
आरोप है कि ध्रुव ने प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर सुनील से उनके बैंक खाते का पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड मांगा। भरोसे में आकर शिक्षक ने ये सारे दस्तावेज उसे सौंप दिए। कुछ दिन बाद उनके खाते में 2960 रुपये आए। इसके बाद ध्रुव साहनी ने उनसे कहा कि अभी खाते में और पैसे आएंगे।
आरोप है कि ध्रुव ने प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर सुनील से उनके बैंक खाते का पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड मांगा। भरोसे में आकर शिक्षक ने ये सारे दस्तावेज उसे सौंप दिए। कुछ दिन बाद उनके खाते में 2960 रुपये आए। इसके बाद ध्रुव साहनी ने उनसे कहा कि अभी खाते में और पैसे आएंगे।
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इसी दौरान सुनील की मुलाकात ध्रुव साहनी के जरिये रजही निवासी सूरज से भी हुई। उसने भी इसी तरह का झांसा देकर उनके बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के खाते का पासबुक, एटीएम और सिम कार्ड अपने पास ले लिया। बदले में उसने सुनील को 15 हजार रुपये दिए।
कुछ समय बाद सुनील को ई-मेल के जरिये जानकारी मिली कि उनके बैंक खातों पर एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) के तहत शिकायत दर्ज हुई है, जिसके चलते खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। यह जानकारी मिलते ही उनके होश उड़ गए।
जब उन्होंने आरोपियों से इस बारे में पूछताछ की तो उन्हें जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया गया। इसके बाद सुनील ने बैंक में जाकर जांच कराई, जहां पता चला कि उनके खातों से लाखों रुपये का लेनदेन किया गया है, जबकि उन्होंने खुद कोई ट्रांजेक्शन नहीं किया था।
जब उन्होंने आरोपियों से इस बारे में पूछताछ की तो उन्हें जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया गया। इसके बाद सुनील ने बैंक में जाकर जांच कराई, जहां पता चला कि उनके खातों से लाखों रुपये का लेनदेन किया गया है, जबकि उन्होंने खुद कोई ट्रांजेक्शन नहीं किया था।
पीड़ित का आरोप है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं और लोन के नाम पर फंसाता है। उनके बैंक खातों, एटीएम और सिम कार्ड का इस्तेमाल कर साइबर ठगी को अंजाम देता है और खुद सुरक्षित रहता है।
थाना प्रभारी चंद्र प्रकाश पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। जल्द ही गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
थाना प्रभारी चंद्र प्रकाश पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। जल्द ही गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।