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Gorakhpur News: समीक्षा बैठक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई मारपीट, जिलाध्यक्ष समेत छह पर केस
Mon, 21 Jul 2025 01:55 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Mon, 21 Jul 2025 01:55 PM IST
सार
जिलाध्यक्ष राजेश तिवारी ने बताया कि सच्चिदानंद को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने की वजह से एक सप्ताह पहले ही संगठन से निष्कासित किया जा चुका है। इसके बावजूद वे संगठन की समीक्षा बैठक में पहुंचे और माहौल खराब करने के लिए विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी करने लगे। दूसरे जिलों से आए कार्यकर्ताओं ने समझा-बुझाकर वहां से हटाया।
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मारपीट में घायल सच्चिदानंद
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
तारामंडल इलाके के एक लॉन में रविवार को कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान की समीक्षा बैठक में पहुंचे गोला ब्लॉक के पूर्व अध्यक्ष सच्चिदानंद तिवारी व उनके साथ के दो कार्यकर्ताओं की पिटाई कर दी गई। सच्चिदानंद का आरोप है कि बैठक में प्रदेश अध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी के पास जिलाध्यक्ष की शिकायत लेकर पहुंचे थे।
आरोप है कि जिलाध्यक्ष राजेश तिवारी के समर्थकों ने पीटकर घायल कर दिया। हंगामा व मारपीट की सूचना पर रामगढ़ताल थाना पुलिस पहुंची। सच्चिदानंद तिवारी की तहरीर पर देर शाम जिलाध्यक्ष समेत छह लोगों पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।
चर्चा है कि विवाद की शुरूआत पांच महीने पहले निर्मला पासवान की जगह राजेश तिवारी को जिलाध्यक्ष बनाने के बाद से ही हो गई थी। ब्लॉक अध्यक्ष पद से हटाए गए सच्चिदानंद ने जिलाध्यक्ष राजेश तिवारी के खिलाफ मोर्चा खोला था। बीते 10 जुलाई को भी संगठन की बैठक में सच्चिदानंद व एक और कार्यकर्ता के बीच मारपीट हुई थी।
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आरोप है कि जिलाध्यक्ष राजेश तिवारी के समर्थकों ने पीटकर घायल कर दिया। हंगामा व मारपीट की सूचना पर रामगढ़ताल थाना पुलिस पहुंची। सच्चिदानंद तिवारी की तहरीर पर देर शाम जिलाध्यक्ष समेत छह लोगों पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।
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चर्चा है कि विवाद की शुरूआत पांच महीने पहले निर्मला पासवान की जगह राजेश तिवारी को जिलाध्यक्ष बनाने के बाद से ही हो गई थी। ब्लॉक अध्यक्ष पद से हटाए गए सच्चिदानंद ने जिलाध्यक्ष राजेश तिवारी के खिलाफ मोर्चा खोला था। बीते 10 जुलाई को भी संगठन की बैठक में सच्चिदानंद व एक और कार्यकर्ता के बीच मारपीट हुई थी।
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उस बैठक में भी कांग्रेस संगठन में भाजपा के लोगों की सक्रियता का आरोप लगा था। रविवार को दोपहर 12 बजे से गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़ समेत 12 जिलों के संगठन सृजन अभियान की समीक्षा बैठक तारामंडल स्थित एक लॉन में थी। इसमें प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी आए हुए थे।
बैठक औपचारिक रूप से शुरू होती, इससे पहले ही सच्चिदानंद तिवारी अपने समर्थक कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश अध्यक्ष अजय राय व प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय से मिलने पहुंच गए। उनका आरोप था कि कांग्रेस में भाजपा के स्लीपर सेल कार्य कर रहे हैं। कई साल से जो लोग भाजपा के कार्यक्रम में शामिल होते थे, वे इस समय कांग्रेस में सक्रिय हो गए हैं।
मौके पर मौजूद विभिन्न जिलों के कार्यकर्ताओं ने किसी तरह से मामला शांत कराया। सूचना पर रामगढ़ताल थाने की पुलिस भी पहुंची और कार्यकर्ताओं से मामले की जानकारी ली। सच्चिदानंद तिवारी ने रामगढ़ताल थाने पहुंचकर तहरीर दी।
बैठक औपचारिक रूप से शुरू होती, इससे पहले ही सच्चिदानंद तिवारी अपने समर्थक कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश अध्यक्ष अजय राय व प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय से मिलने पहुंच गए। उनका आरोप था कि कांग्रेस में भाजपा के स्लीपर सेल कार्य कर रहे हैं। कई साल से जो लोग भाजपा के कार्यक्रम में शामिल होते थे, वे इस समय कांग्रेस में सक्रिय हो गए हैं।
मौके पर मौजूद विभिन्न जिलों के कार्यकर्ताओं ने किसी तरह से मामला शांत कराया। सूचना पर रामगढ़ताल थाने की पुलिस भी पहुंची और कार्यकर्ताओं से मामले की जानकारी ली। सच्चिदानंद तिवारी ने रामगढ़ताल थाने पहुंचकर तहरीर दी।
सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में जिलाध्यक्ष राजेश तिवारी, श्रीष उपाध्याय, विनोद पांडेय, जयगोविंद, उत्कर्ष पांडेय और आलोक शुक्ला के खिलाफ मारपीट से संबंधित धारा में केस दर्ज किया गया है। प्रकरण की छानबीन की जा रही है।
सच्चिदानंद को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने की वजह से एक सप्ताह पहले ही संगठन से निष्कासित किया जा चुका है। इसके बावजूद वे संगठन की समीक्षा बैठक में पहुंचे और माहौल खराब करने के लिए विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी करने लगे।
दूसरे जिलों से आए कार्यकर्ताओं ने समझा-बुझाकर वहां से हटाया। प्रदेश अध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी के संज्ञान में पूरा मामला है। सच्चिदानंद तिवारी के साथ हंगामा करने वालों में कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता भी थे। जिन्हें चिन्हित कर लिया गया है। जल्द ही सख्त कार्रवाई होगी: राजेश तिवारी, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
सच्चिदानंद को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने की वजह से एक सप्ताह पहले ही संगठन से निष्कासित किया जा चुका है। इसके बावजूद वे संगठन की समीक्षा बैठक में पहुंचे और माहौल खराब करने के लिए विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी करने लगे।
दूसरे जिलों से आए कार्यकर्ताओं ने समझा-बुझाकर वहां से हटाया। प्रदेश अध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी के संज्ञान में पूरा मामला है। सच्चिदानंद तिवारी के साथ हंगामा करने वालों में कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता भी थे। जिन्हें चिन्हित कर लिया गया है। जल्द ही सख्त कार्रवाई होगी: राजेश तिवारी, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस