Gorakhpur: एबीवीपी कार्यकर्ताओं व एमएमएमयूटी के छात्रों में मारपीट, दो चोटिल
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, आरोपों की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया जा चुका है। समिति को यह आदेश दिए गए थे कि समुचित जांच के उपरांत यह स्पष्ट करें कि उक्त कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की अभद्रता हुई थी या नहीं। ऐसे में किसी तरह के प्रदर्शन का औचित्य नहीं था।
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मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के कार्यक्रम में इंडोनेशिया की फेमस पॉप स्टॉर जुबैला को बुलाने को लेकर बृहस्पतिवार को जमकर बवाल हुआ। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं और एमएमएमयूटी के छात्रों में नोकझोंक के बाद मारपीट हुई, जिसमें एक छात्र और एबीवीपी कार्यकर्ता का सिर फट गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने सख्ती के साथ दोनों पक्षों को हटाया। हालांकि इस मामले में किसी पक्ष से मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है।
एमएमएमयूटी में 14 मई को वार्षिक तकनीकी महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में पॉप स्टॉर जुबेला को बुलाया गया था। एबीवीपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कार्यक्रम में पॉर्न स्टॉर को बुलाया गया और जमकर अश्लीलता हुई। एबीवीपी कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को कुलपति प्रो. जेपी पांडेय को ज्ञापन देने पहुंचे थे।
वार्ता के दौरान छात्र क्रियाकलाप परिषद के अध्यक्ष प्रो. बीके पांडेय से भी एबीवीपी कार्यकर्ताओं में नोकझोंक हुई। माहौल खराब होता देख कुलपति ने कार्यकर्ताओं से बाहर जाने को कहा, जिसके बाद वे भड़क उठे। बाहर आकर नारेबाजी शुरू हो गई। इसी बीच कैंपस में भारी संख्या में छात्र जुट गए। एबीवीपी कार्यकर्ताओं और छात्रों में कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। जिसमें एबीवीपी के कार्यकर्ता सुयश पांडेय का सिर फट गया और विश्वविद्यालय के छात्र शुभम चौरसिया को गंभीर चोटें आईं। जबकि एबीवीपी के महानगर मंत्री प्रशांत त्रिपाठी, प्रभात राय व सागर कसेरा को भी चोटें आईं।
घटना की जानकारी होते ही एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई, सीओ कैंट, सीओ कोतवाली सहित भारी संख्या पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि कैंट थाने में तहरीर दी गई है, मुकदमा नहीं लिखा गया है। वहीं, एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि मारपीट की सूचना पर फोर्स पहुंची थी। फिलहाल स्थिति सामान्य है। तहरीर नहीं मिली है, तहरीर मिलने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
आधारहीन व भ्रामक आरोप लगाए
कुलपति प्रो. जेपी पांडेय के हवाले से संपर्क अधिकारी डॉ दयाशंकर सिंह ने विवि का पक्षा रखा है। इसमें कहा गया है कि एबीवीपी की ओर से विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया जाना था, लेकिन कोई भी औपचारिक सूचना नहीं दी गई थी। एबीपीपी का आरोप है कि 14 मई 2022 को विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पॉर्न स्टार को बुलाकर अश्लीलता फैलाई गई, जो आधारहीन व भ्रामक है। पूरे कार्यक्रम की विडियो रिकॉर्डिंग भी विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध है, जिससे इस तथ्य की पुष्टि की जा सकती है कि कार्यक्रम के दौरान कोई अश्लीलता या अभद्रता नहीं हुई थी।
कुलपति व शिक्षक से की अभद्रता
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, आरोपों की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया जा चुका है। समिति को यह आदेश दिए गए थे कि समुचित जांच के उपरांत यह स्पष्ट करें कि उक्त कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की अभद्रता हुई थी या नहीं। ऐसे में किसी तरह के प्रदर्शन का औचित्य नहीं था। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने शिक्षक व कुलपति से अभद्रता की। छात्रों और कार्यकर्ताओं में नोकझोंक व हाथापाई हुई। सुरक्षा कर्मियों एवं शिक्षकों की मदद से छात्रों को समझा बुझाकर शांत कराया गया।