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कोरोना संकट से पहले मरीजों ने अल्ट्रासाउंड के लिए जमा किए थे शुल्क, अब टालमटोल कर वापस नहीं कर रहे रुपये
Wed, 25 Nov 2020 11:18 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 25 Nov 2020 11:18 AM IST
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AIIMS Gorakhpur
- फोटो : अमर उजाला
एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) गोरखपुर में कोरोना संकट से पहले 100 से अधिक मरीजों ने अल्ट्रासाउंड के लिए 323 रुपये फीस जमा की थी। बाद में कोरोना संकट के चलते एम्स बंद हो गया, और इन लोगों का अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाया। मरीजों का कहना है कि अब जमा रुपये वापस नहीं किया जा रहा है।
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कुशीनगर के हाटा निवासी 60 वर्षीय बाबू लाल विश्वकर्मा ने 18 मार्च को एम्स में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए पैसा जमा किया था। उन्होंने बताया कि जब एम्स खुला तो रुपये वापस लेने गया तो प्रार्थना पत्र लिखने को कहा गया। उसे लिखकर दिया गया तो एक सप्ताह बाद फिर से बुलाया गया। पुन: आने पर वेबसाइट बदलने की बात कहते हुए डायरेक्टर से मिलने की बात कही गई। दो बार आने पर उससे ज्यादा खर्च हो गए। अब रुपये की आस छोड़ दी है।
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इसी तरह देवरिया के बेलवा पांडेय निवासी पांच वर्षीय बच्ची के अल्ट्रासाउंड के लिए पिता प्रकाश नारायण ने दो मार्च को शुल्क जमा की थी, लेकिन अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ। प्रकाश नारायण ने बताया कि अब रुपये की वापसी के लिए उन्हें एक से दूसरे टेबल पर भेजा जा रहा है।
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एम्स उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव गुप्ता ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं थी। जिनके रुपये जमा हैं, यदि वे अल्ट्रासाउंड कराना चाहते हैं तो किया जाएगा। नहीं तो उनके रुपये वापस कर दिए जाएंगे।