अयान की मौत से खौफ: खेल-खेल में कार में बंद हो गया था मासूम, अब पड़ोसी बच्चों से कह रहे, कार में कोई खेल नहीं
सिविल लाइंस स्थित एचपी चिल्ड्रेन एकेडमी में एलकेजी के छात्र अयान की कार में दम घुटने से हुई दर्दनाक मौत से उसके सहपाठी ही नहीं, क्लास टीचर भी बहुत स्तब्ध हैं। अयान एलकेजी के एफ सेक्शन का छात्र था। उसके सबसे अच्छे दोस्त अयांश गुप्ता और तीशा कालरा थीं।
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कार में बंद मासूम अयान की दम घुटने से हुई मौत से बिलंदपुर मोहल्ले के लोग गमजदा हैं और उतने ही खौफ में भी। पड़ोसी, उसकी चंचलता और मासूमियत को याद करके सिहर उठ रहे हैं। सभी की जुबां पर बच्चे की दर्दनाक मौत की ही चर्चा है। उनका यही कहना है कि यह घटना सबक देने वाली है। खासकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर अब ज्यादा सतर्कता बरतनी चाहिए। लोग, सामने पड़ रहे सभी बच्चों को हिदायत भी दे रहे हैं कि बिना किसी से पूछे कार में मत जाना..।
बृहस्पतिवार को बिलंदपुर मोहल्ले में दिनभर इसी घटना की चर्चा होती रही। घर हो या दुकान बस एक ही चर्चा थी, ऐसे भी मौत हो सकती है क्या? लोग अभी भी यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि रोजाना अपने नटखटपन से सबको हंसाने वाला अयान नहीं रहा। अयान के घर के ठीक पहले जनरल स्टोर की दुकान पर खड़े मोहल्ले के लोग भी यही चर्चा कर रहे थे कि इस तरह की घटना के बारें में सोचा भी नहीं जा सकता।
किशन ने कहा, अब तो सभी को एक ही बात की हिदायत दी जा रही है कि गाड़ी से उतरने पर लॉक जरूर चेक कर लें। कुछ पड़ोसी तो इतने डरे हैं कि वह घटना के बाद से कार का लॉक चेक करने के बाद ही अंदर जा रहे हैं।
दुकान पर सामान लेने आईं एक महिला बोल उठीं- सच मानिए, उस बच्चे की एक-एक हरकत याद आ रही है। प्यार से वह कहता था-आंटी नमस्ते। यह कहकर महिला भावुक और उनकी आंखें नम हो गईं।
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बड़ी सबक है यह घटना
समाजसेवी अभिषेक सिंह ने कहा कि यह घटना भले ही एक घर में हुई है, लेकिन यह सबके लिए बड़ी सबक है। हर घर में बच्चे होते हैं और कार में बच्चों का बैठना शौक भी होता है। इसलिए अब हम सबको ध्यान देना चाहिए कि कार लॉक है या नहीं। दूसरा, बच्चा कहीं जाए तो यह जरूर पता कर लें कि वह पहुंचा है कि नहीं। मैं उस परिवार को व्यक्तिगत रूप से जानता हूं, घटना सुनने के बाद से कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा है।
यह घटना सुनकर घर में सब हैं सन्न
पड़ोसी राजन सिंह ने कहा कि घटना जब से हुई है, घर में सभी लोग बहुत दुखी हैं। घटना ने सभी को हिला दिया है। घर जाने पर एक ही चर्चा होती है कि आखिर कैसे यह सब हो गया। वह काफी तेज बच्चा था, उसकी बातें याद आ रही हैं। उसे हमेशा घर वालों के साथ ही देखा जाता था, लेकिन उस दिन ऐसा हो गया, यह सोचकर सब कोई पछतावा कर रहा है।
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वह कैसे तड़पा होगा, सोचकर कांप गया
बिलंदपुर निवासी ज्ञानेश तिवारी ने कहा कि सबके घर में बच्चे होते हैं। अब जबकि लगभग सभी घरों में कार है, ऐसे में यह घटना सबके लिए एक बड़ी सीख भी है। किस तरह से एक छोटी सी लापरवाही जिंदगी भर का दर्द दे सकती है, इस घटना ने यह बता दिया है। इस घटना ने महिलाओं को झकझोर कर रख दिया है। सब एक ही सवाल पूछ रही हैं कि किस तरह से गर्मी में अंदर बच्चा तड़पा होगा। सच कहूं तो यह सोचकर कांप जा रहा हूं। लेकिन इस घटना से सबको सबक लेकर सीखने की जरूरत भी है।
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सावधानी के साथ बच्चों को सिखाना भी जरूरी
बिलंदपुर निवासी अजीत प्रकाश ने कहा कि आजकल के बच्चे काफी तेज होते हैं। खुद की सावधानी के साथ ही उन्हें भी कार का दरवाजा खोलने की जानकारी देनी चाहिए। कई बार तो लोग खुद ही लापरवाही कर देते हैं। कुछ दिन पहले मैं बैंक रोड के पास गया तो देखा कि एक कार में छोटे बच्चे को लॉक कर खुद ही उसकी मां पास में चली गई थीं। मुझसे देखा नहीं गया तो मैं रुका भी था, वहां पर आने पर उन्हें समझाया भी। इस घटना ने सबको यह बता दिया है कि एक लापरवाही से कैसे सब कुछ बदल सकता है।
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अयान के सहपाठी ही नहीं टीचर भी स्तब्ध और रुआंसे
सिविल लाइंस स्थित एचपी चिल्ड्रेन एकेडमी में एलकेजी के छात्र अयान की कार में दम घुटने से हुई दर्दनाक मौत से उसके सहपाठी ही नहीं, क्लास टीचर भी बहुत स्तब्ध और रुआंसे हैं। उसके अच्छे दोस्त अयांश गुप्ता और तीशा कालरा का कहना है कि हम लोग साथ ही खेलते थे। टीचर ने जब उन्हें बताया कि अब अयान नहीं आएगा तो वे गुमसुम हो गए।
अयान एलकेजी के एफ सेक्शन का छात्र था। उसके सबसे अच्छे दोस्त अयांश गुप्ता और तीशा कालरा थीं। तीनों साथ ही बैठते और खेलते थे। उनकी क्लास टीचर रूपम राय घटना से स्तब्ध नजर आईं। कहा-अयान रोज स्कूल आता था और पढ़ने में भी तेज था। अयान को याद करके वह भावुक हो गईं।
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बोलीं- जब तक अपना वर्क पूरा नहीं कर लेता था, क्लास से बाहर नहीं निकलता था। हम सभी उसकी बहुत केयर करते थे। वह भी हमारी उतनी ही केयर करता था। हमेशा पूछा करता था- मैडम! आपने खाना खाया, पानी पीया? वह अपना पूरा लंच खत्म कर देता था। सभी बच्चे पानी की बोतल दूसरी जगह पर रखते थे, लेकिन वह अपने पास लेकर बैठता था और खूब पानी पीता था। सेंटर के चौथे नंबर की सीट पर वह बैठता था, उसकी सीट को देखकर विश्वास ही नहीं हो रहा कि अब वह हमारे बीच नहीं है।
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लोगों ने क्या कहा
अयान बहुत ही होनहार बच्च्चा था। इस तरह के दर्दनाक हादसे ने हम सभी को हिलाकर रख दिया है। जिस तरह से उसकी मौत हुई, सोचकर ही मन विचलित हो जाता है। हमारे स्कल में बच्चों की बहुत देखभाल की जाती है। मेन गेट पर दो लोगों की ड्यूटी लगती है। वह एक-एक बच्चे को चेक करके ही बाहर जाने देते हैं। छुट्टी होने पर बच्चे जब कक्षा से बाहर निकल जाते हैं तभी क्लास टीचर स्टॉफ रूम में जाती हैं। केयरटेकर चारों तरफ निगाह रखते हैं।-अन्नय शाही, निदेशक एचपी स्कूल।
अयान पढ़ाई में बहुत अच्छा था, जो भी चीजें उसे समझ में नहीं आतीं, वह मुझसे पूछ लिया करता था। जिस सीट पर वह बैठता था, उसे देखकर आंखें नम हो जा रही हैं।- रूपम राय, शिक्षिका।
अयान की मौत की खबर जब मिली तो विश्वास नहीं हो रहा था कि एक नन्हे से बच्चे के साथ इस तरह का हादसा हो जाएगा। इस हादसे ने हमें और भी सचेत कर दिया है। -श्याम रतन, अभिभावक।