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Gorakhpur News: चार साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं दिया जा सकेगा एफडीसी सिरप
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- इस सिरप के सेवन के बाद दुनिया भर में 141 बच्चों की मौत के बाद लिया गया निर्णय
- ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने जारी किया पत्र, गोदाम में पड़ी हैं लाखों की दवाएं
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सर्दी-जुकाम की फिक्स्ड-ड्रग कॉम्बिनेशन (एफडीसी) सिरप नहीं दी जा सकती है। इस सिरप पर ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने रोक लगा दी है। यह निर्णय इस सिरप के सेवन से पिछले साल दुनिया भर में 141 बच्चों की मौत के बाद लिया गया। इस तरह के कंबिनेशन वाला लाखों रुपये का सिरप दवा की दुकानाें में भरा पड़ा है। वहीं दवा निर्माताओं को अपने उत्पादों पर चेतावनी के साथ यह लेबल भी लगाया जाएगा कि एफडीसी का उपयोग चार साल से कम उम्र के बच्चों में नहीं किया जाना चाहिए।
ड्रग कंट्रोलर डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी की तरफ से जारी निर्देश में बताया गया है कि क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फिनाइलफ्राइन का इस्तेमाल अक्सर सामान्य सर्दी के लक्षणों के इलाज के लिए किया जाता है। प्रो. कोकाटे समिति की सिफारिश के आधार पर निर्माण और विपणन पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। इस मामले पर बीते छह जून को विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी-पल्मोनरी) की बैठक में विचार-विमर्श किया गया था। समिति ने क्लोरफेनिरामाइन मैलेट आईपी 2एमजी और फिनाइलफ्राइन एचसीएल आईपी 5एमजी का उपयोग 4 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में नहीं किया जाना चाहिए।
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बिना जानकारी के दवा लेने की आदत खतरनाक
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके सिंह बताते हैं कि खांसी-सर्दी, जुकाम आदि की दवाएं लोग मेडिकल स्टोर पर बिना किसी डॉक्टरी पर्चे के ही खरीद लेते हैं जो बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं। हर दवा का प्रभाव अलग-अलग होता है। बच्चों के कई सिरप में एक साथ कई दवाओं का कंबिनेशन होता है। डॉक्टर जब बीमार बच्चे का परीक्षण करते हैं तो उसकी जरूरत व उम्र के हिसाब से दवा का डोज तय करते हैं, जबकि मेडिकल स्टोर संचालक केवल अनुमान के आधार पर दवाएं दे देते हैं। जिस सिरप पर प्रतिबंध लगाया गया है, वह चार साल से कम उम्र के बच्चों के लिए है।
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- ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने जारी किया पत्र, गोदाम में पड़ी हैं लाखों की दवाएं
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सर्दी-जुकाम की फिक्स्ड-ड्रग कॉम्बिनेशन (एफडीसी) सिरप नहीं दी जा सकती है। इस सिरप पर ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने रोक लगा दी है। यह निर्णय इस सिरप के सेवन से पिछले साल दुनिया भर में 141 बच्चों की मौत के बाद लिया गया। इस तरह के कंबिनेशन वाला लाखों रुपये का सिरप दवा की दुकानाें में भरा पड़ा है। वहीं दवा निर्माताओं को अपने उत्पादों पर चेतावनी के साथ यह लेबल भी लगाया जाएगा कि एफडीसी का उपयोग चार साल से कम उम्र के बच्चों में नहीं किया जाना चाहिए।
ड्रग कंट्रोलर डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी की तरफ से जारी निर्देश में बताया गया है कि क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फिनाइलफ्राइन का इस्तेमाल अक्सर सामान्य सर्दी के लक्षणों के इलाज के लिए किया जाता है। प्रो. कोकाटे समिति की सिफारिश के आधार पर निर्माण और विपणन पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। इस मामले पर बीते छह जून को विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी-पल्मोनरी) की बैठक में विचार-विमर्श किया गया था। समिति ने क्लोरफेनिरामाइन मैलेट आईपी 2एमजी और फिनाइलफ्राइन एचसीएल आईपी 5एमजी का उपयोग 4 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में नहीं किया जाना चाहिए।
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बिना जानकारी के दवा लेने की आदत खतरनाक
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके सिंह बताते हैं कि खांसी-सर्दी, जुकाम आदि की दवाएं लोग मेडिकल स्टोर पर बिना किसी डॉक्टरी पर्चे के ही खरीद लेते हैं जो बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं। हर दवा का प्रभाव अलग-अलग होता है। बच्चों के कई सिरप में एक साथ कई दवाओं का कंबिनेशन होता है। डॉक्टर जब बीमार बच्चे का परीक्षण करते हैं तो उसकी जरूरत व उम्र के हिसाब से दवा का डोज तय करते हैं, जबकि मेडिकल स्टोर संचालक केवल अनुमान के आधार पर दवाएं दे देते हैं। जिस सिरप पर प्रतिबंध लगाया गया है, वह चार साल से कम उम्र के बच्चों के लिए है।
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