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Gorakhpur News: छुट्टा पशुओं से किसान परेशान, कागज में निराश्रित पशु गो आश्रय स्थल में

Thu, 18 Jan 2024 03:40 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jan 2024 03:40 AM IST
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Farmers troubled by stray animals, destitute animals on paper in cow shelter
गोरखपुर। जिले के नोडल अधिकारी एवं विशेष सचिव स्टांप रवीश गुप्ता ने बीते सप्ताह तीन दिन तक जिले के विभिन्न इलाकों का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने सहजनवां, पाली, कैंपियरगंज, पीपीगंज, जंगल कौड़िया, भटहट, पिपराइच सहित जिले के अधिकतर क्षेत्रों का दौरा कर गो आश्रय स्थलों को भी देखा। उस दौरान उन्हें कहीं खेत या सड़क पर निराश्रित पशु नहीं दिखाई दिए। जबकि हकीकत यह है कि पूरे जिले में अब भी छुट्टा पशु हर तरफ घूम रहे हैं। किसानों की फसलों का नुकसान कर रहे हैं। जबकि शासन की तरफ से पहले 31 दिसम्बर, फिर 16 जनवरी तक निराश्रित पशु कहीं दिखेंगे तो संबंधित विरुद्ध कार्रवाई की बात कहीं गई थी। अब समय सीमा बढ़ा कर 31 जनवरी कर दी गई है।
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पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह अक्तूबर में जिले के दौरे पर आए थे। उस दौरान उन्होंने कहा था कि हर ब्लाक में अस्थायी गो आश्रय स्थल बनाकर निराश्रित पशुओं को वहां पर पहुंचाया जाए। तब उन्होंने कहा कि था कि प्रदेश के अधिकतर निराश्रित पशुओं को गो आश्रय स्थल भेजा जा चुका है। लगभग दो लाख पशु प्रदेश में और होंगे जिन्हें हर हाल में 31 दिसम्बर तक गो आश्रय स्थल में भेजा जाएगा। इस अभियान में पूरा प्रशासनिक अमला से लेकर पुलिस महकमा भी लगेगा। उनके जाने के बाद एक बैठक भी हुई थी जिसमें सभी विभाग के अधिकारी शामिल हुए थे। 31 दिसम्बर बीतने के बाद जब सभी पशु नहीं पकड़े गए तो उसकी समय सीमा बढ़ाकर 16 जनवरी कर दी गई। इस बीच जिले के नोडल अधिकारी तीन दिन तक जिले का दौरा किए, लेकिन उनको कहीं पर छ्ट्टा पशु नहीं दिखाई दिए। जबकि जिले में अधिकतर गो आश्रय स्थलों का निर्माण हो चुका है। लेकिन, हकीकत इससे इतर है। आज भी किसान छुट्टा पशुओं से परेशान है। क्योंकि पशु उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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निराश्रित पशुओं को गो आश्रय स्थल पहुंचाने की समय सीमा पहले 31 दिसम्बर थी। गो आश्रय स्थल नहीं बन पाने के कारण समय सीमा बढ़ाकर 16 जनवरी की गई थी। अब उसकी सीमा बढ़ाकर 31 जनवरी कर दी गई है। जी के सिंह मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पशुपालन
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