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Gorakhpur News: भगवानपुर में किसानों के खेत होंगे सुरक्षित, लगेगी चार फिट ऊंची फेंसिंग जाली
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4.93 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा फेंसिंग आएगी, फसलों की हो सकेगी सुरक्षा
वन क्षेत्र नजदीक होने के कारण नीलगाय, जंगली सुअर, हिरण व अन्य वन्यजीव आए दिन घुस जाते हैं खेतों में
महराजगंज। गोरखपुर वन प्रभाग के बांकी रेंज पनियरा के ग्राम भेलमपुर उर्फ भगवानपुर में वन्यजीवों से फसलों को होने वाले नुकसान की समस्या से किसानों को राहत दिलाने के लिए 2150 मीटर लंबी जाली फेंसिंग कराई जाएगी। इसकी ऊंचाई चार फिट होगी। फेंसिंग कराने पर कुल 4.93 लाख खर्च किए जाएंगे।
जानकारी के अनुसार, फेंसिंग गांव की उस सीमा पर कराई जाएगी, जो सीधे वन क्षेत्र से सटी हुई है। इस इलाके में वन क्षेत्र नजदीक होने के कारण नीलगाय, जंगली सुअर, हिरण और अन्य वन्यजीव आए दिन खेतों में घुस जाते हैं। इससे धान, गेहूं, गन्ना, मक्का, सरसों सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचता है। कई बार किसानों की महीनों की मेहनत एक ही रात में बर्बाद हो जाती है। किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक तनाव भी झेलना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि फसलों की सुरक्षा के लिए उन्हें रात-रात भर खेतों की रखवाली करनी पड़ती है। ठंड, बरसात और गर्मी के मौसम में भी किसान खेतों में जागकर पहरा देते हैं। फिर भी वन्यजीवों की संख्या और उनकी आवाजाही अधिक होने के कारण नुकसान पूरी तरह से रुक नहीं पाता। कई बार फसलों को बचाने के प्रयास में किसानों और वन्यजीवों के बीच टकराव की स्थिति भी बन जाती है।
बांकी रेंज पनियरा के अधिकारियों ने बताया कि जाली फेंसिंग का कार्य वन विभाग की योजनाओं के तहत कराया जा रहा है। आवश्यक सर्वे और माप कार्य पूरा कर लिया गया है। जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। फेंसिंग के लिए मजबूत और टिकाऊ सामग्री का उपयोग किया जाएगा। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। सुनील, दयाराम, अजय, लोरिक और भागवत सहित अन्य किसानों ने बताया कि हर साल फसल बर्बाद होने का खतरा बना रहता है। कई बार नुकसान इतना अधिक हो जाता है कि लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है। जाली फेंसिंग लगने से न केवल फसलें सुरक्षित रहेंगी बल्कि किसानों की मेहनत और लागत भी बचेगी।
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वर्जन
बांकी रेंज पनियरा के वन क्षेत्र भेलमपुर उर्फ भगवानपुर में प्रस्तावित 2,150 मीटर जाली फेंसिंग कराई जाएगी। इसके टेंडर के लिए निविदा सूचना निकाली गई है। जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जाली लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
-विकास यादव, प्रभागीय वनाधिकारी, गोरखपुर वन प्रभाग
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वन क्षेत्र नजदीक होने के कारण नीलगाय, जंगली सुअर, हिरण व अन्य वन्यजीव आए दिन घुस जाते हैं खेतों में
महराजगंज। गोरखपुर वन प्रभाग के बांकी रेंज पनियरा के ग्राम भेलमपुर उर्फ भगवानपुर में वन्यजीवों से फसलों को होने वाले नुकसान की समस्या से किसानों को राहत दिलाने के लिए 2150 मीटर लंबी जाली फेंसिंग कराई जाएगी। इसकी ऊंचाई चार फिट होगी। फेंसिंग कराने पर कुल 4.93 लाख खर्च किए जाएंगे।
जानकारी के अनुसार, फेंसिंग गांव की उस सीमा पर कराई जाएगी, जो सीधे वन क्षेत्र से सटी हुई है। इस इलाके में वन क्षेत्र नजदीक होने के कारण नीलगाय, जंगली सुअर, हिरण और अन्य वन्यजीव आए दिन खेतों में घुस जाते हैं। इससे धान, गेहूं, गन्ना, मक्का, सरसों सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचता है। कई बार किसानों की महीनों की मेहनत एक ही रात में बर्बाद हो जाती है। किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक तनाव भी झेलना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि फसलों की सुरक्षा के लिए उन्हें रात-रात भर खेतों की रखवाली करनी पड़ती है। ठंड, बरसात और गर्मी के मौसम में भी किसान खेतों में जागकर पहरा देते हैं। फिर भी वन्यजीवों की संख्या और उनकी आवाजाही अधिक होने के कारण नुकसान पूरी तरह से रुक नहीं पाता। कई बार फसलों को बचाने के प्रयास में किसानों और वन्यजीवों के बीच टकराव की स्थिति भी बन जाती है।
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बांकी रेंज पनियरा के अधिकारियों ने बताया कि जाली फेंसिंग का कार्य वन विभाग की योजनाओं के तहत कराया जा रहा है। आवश्यक सर्वे और माप कार्य पूरा कर लिया गया है। जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। फेंसिंग के लिए मजबूत और टिकाऊ सामग्री का उपयोग किया जाएगा। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। सुनील, दयाराम, अजय, लोरिक और भागवत सहित अन्य किसानों ने बताया कि हर साल फसल बर्बाद होने का खतरा बना रहता है। कई बार नुकसान इतना अधिक हो जाता है कि लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है। जाली फेंसिंग लगने से न केवल फसलें सुरक्षित रहेंगी बल्कि किसानों की मेहनत और लागत भी बचेगी।
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बांकी रेंज पनियरा के वन क्षेत्र भेलमपुर उर्फ भगवानपुर में प्रस्तावित 2,150 मीटर जाली फेंसिंग कराई जाएगी। इसके टेंडर के लिए निविदा सूचना निकाली गई है। जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जाली लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
-विकास यादव, प्रभागीय वनाधिकारी, गोरखपुर वन प्रभाग