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यूपी: मुआवजे के लिए पानी की टंकी पर चढ़े किसान, सड़क निर्माण पर जताई आपत्ति, अधिकारियों व किसानों में नोकझोंक
Sat, 19 Dec 2020 09:30 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 19 Dec 2020 09:30 PM IST
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पानी की टंकी पर चढ़े किसान
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में गीडा सेक्टर-13 में बनाई जा रही सड़क को लेकर शनिवार को किसानों ने आपत्ति जताते हुए उचित मुआवजा के लिए प्रदर्शन किया। कुछ किसान कालेसर स्थित ओवरहेड टैंक पर चढ़कर मुआवजे की मांग करने लगे। इसकी जानकारी होते ही प्रशासन सकते में आ गया। बाद में आश्वासन पर किसान माने।
गीडा द्वारा वर्ष 2012 में औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए कालेसर गांव के किसानों की भूमि अधिग्रहण की जानी थी। गीडा सेक्टर 13 के विस्तारीकरण को लेकर हाल ही में औद्योगिक भूमि का आवंटन किया गया था। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से सड़क का निर्माण कराया जा रहा है।
शनिवार को सुबह ही सड़क निर्माण कराने के लिए उप जिलाधिकारी सुरेश कुमार राय तहसीलदार शशि भूषण पाठक, एएसपी राहुल भाटी व गीडा थाना थानाध्यक्ष सुनील कुमार राय पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ बोकटा-जैतपुर मार्ग पर बासपार गांव के सामने पहुंच गए थे।
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जैसे ही जेसीबी लगाकर प्रशासन द्वारा किसानों की भूमि का अधिग्रहण शुरू किया गया किसानों ने काम रुकवा दिया। इसे लेकर किसानों से नोकझोंक भी हुई।
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गीडा द्वारा वर्ष 2012 में औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए कालेसर गांव के किसानों की भूमि अधिग्रहण की जानी थी। गीडा सेक्टर 13 के विस्तारीकरण को लेकर हाल ही में औद्योगिक भूमि का आवंटन किया गया था। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से सड़क का निर्माण कराया जा रहा है।
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शनिवार को सुबह ही सड़क निर्माण कराने के लिए उप जिलाधिकारी सुरेश कुमार राय तहसीलदार शशि भूषण पाठक, एएसपी राहुल भाटी व गीडा थाना थानाध्यक्ष सुनील कुमार राय पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ बोकटा-जैतपुर मार्ग पर बासपार गांव के सामने पहुंच गए थे।
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जैसे ही जेसीबी लगाकर प्रशासन द्वारा किसानों की भूमि का अधिग्रहण शुरू किया गया किसानों ने काम रुकवा दिया। इसे लेकर किसानों से नोकझोंक भी हुई।
किसानों ने उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश का हवाला दिया। फिर भी गीडा प्रशासन नहीं मान रहा था। किसानों का आरोप था कि गीडा प्रशासन ने अभी तक मुआवजा नहीं दिया है। जबरदस्ती किसानों की भूमि कब्जा किया जा रहा है।
इससे नाराज कुछ किसान ओवरहेड टैंक पर चढ़ गए और मांग की थी कि अधिग्रहीत जमीन का 25 प्रतिशत व वर्तमान सर्किल रेट का चार गुना मुहैया कराया जाए। चेतावनी दी गई कि अगर मांग स्वीकार नहीं की गई तो वे आत्मदाह के लिए मजबूर होंगे।
उपजिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर किसानों को हिदायत देते हुए कहा कि यह जमीन पूर्व में ही गीडा प्रशासन द्वारा अधिग्रहीत की जा चुकी है। अगर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की तो सख्त कार्रवाई करने को बाध्य होना पड़ेगा।
इस बाबत मुख्य कार्यपालक अधिकारी गीडा संजीव रंजन का कहना है कि सन 2012 में ही इनकी जमीन गीडा द्वारा अधिग्रहीत की जा चुकी है। इसमें से कुछ ऐसे किसान हैं जो उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश लाए थे, जिसे पूर्व में ही निरस्त करा दिया गया है।
इससे नाराज कुछ किसान ओवरहेड टैंक पर चढ़ गए और मांग की थी कि अधिग्रहीत जमीन का 25 प्रतिशत व वर्तमान सर्किल रेट का चार गुना मुहैया कराया जाए। चेतावनी दी गई कि अगर मांग स्वीकार नहीं की गई तो वे आत्मदाह के लिए मजबूर होंगे।
उपजिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर किसानों को हिदायत देते हुए कहा कि यह जमीन पूर्व में ही गीडा प्रशासन द्वारा अधिग्रहीत की जा चुकी है। अगर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की तो सख्त कार्रवाई करने को बाध्य होना पड़ेगा।
इस बाबत मुख्य कार्यपालक अधिकारी गीडा संजीव रंजन का कहना है कि सन 2012 में ही इनकी जमीन गीडा द्वारा अधिग्रहीत की जा चुकी है। इसमें से कुछ ऐसे किसान हैं जो उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश लाए थे, जिसे पूर्व में ही निरस्त करा दिया गया है।
दो दिन बंद रहेगा काम, किसानों से होगी बातचीत
भाजपा नेता एवं प्रधान दिलीप कुमार यादव व परमात्मा सिंह ने गीडा प्रशासन से मांग की है कि किसानों को विश्वास में लेकर सड़क निर्माण कराया जाए। जो भी समस्या हो बैठकर हल किया जाए। जिस पर गीडा प्रशासन एवं एसडीएम ने दो दिन काम बंद कर किसानों से बातचीत करने की बात कही है।