Gorakhpur News: पुलिस की दबिश के दौरान किसान की मौत, विरोध में पांच घंटे हाईवे जाम
एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि गंभीर रूप से मारपीट करने के मामले में रामसकल आरोपी था। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए गई थी। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगा। पुलिस भी पीछे गई तो वह गिर पड़ा। बेहोशी के हाल में उसे सीएचसी फिर जिला अस्पताल लगाया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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गोरखपुर जिले के बांसगांव क्षेत्र के चाड़ी गांव में बुधवार सुबह दबिश के दौरान गैर इरादतन हत्या की कोशिश के आरोपी किसान रामसकल यादव (50) की मौत हो गई। आरोप है कि भागने के दौरान पीछा करते समय सिपाहियों ने लात मार दी, जिससे वह गिर गए और जान चली गई। जबकि, पुलिस ने लात मारने से इनकार किया है। उधर, बेहोशी के हालत में जिला अस्पताल लाए गए रामसकल को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
रामसकल की मौत की सूचना के बाद परिजनों ने बांसगांव-कौड़ीराम रोड पर चाड़ी गांव के बाहर सुबह 8:30 बजे जाम लगा दिया। करीब पांच घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। वाहनों को डायवर्ट कर पुलिस ने भेजा। दोपहर 1:15 बजे के करीब आर्थिक सहयोग और परिवार में नौकरी का आश्वासन देकर प्रशासनिक अफसरों ने जाम खत्म कराया।
वहीं, दो डॉक्टरों की टीम ने वीडियोग्राफी के साथ शव का पोस्टमार्टम किया, जिसमें शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। मौत की असल वजह जानने के लिए विसरा सुरक्षित किया गया है।
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जानकारी के मुताबिक, चाड़ी गांव के रामसकल का पट्टीदार मिश्री यादव से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। 17 मार्च की रात में मारपीट होने पर पुलिस ने मिश्री की तहरीर पर रामसकल यादव के खिलाफ मारपीट व धमकी देने की धारा में केस दर्ज किया। सिर पर चोट लगाने की वजह से मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की कोशिश की धारा 308 बढ़ा दी। बीते दिनों मिश्री ने पुलिस अफसर से मिलकर गिरफ्तारी न होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस आरोपी की तलाश में थी।
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इस दौरान आरोपी संदिग्ध हाल में खेत में गिरकर बेहोश हो गया। पुलिस ने इसकी सूचना प्रधान को दी और उसे लेकर सीएचसी बांसगांव पहुंची। डॉक्टर जेपी वर्मा ने जांच की और पल्स कम होने पर तत्काल प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद रामसकल को मृत घोषित कर दिया।