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फरेन नाला : 26 साल से हाथी का दांत बना पुल, बिना आवागमन के हो गया जर्जर
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गोरखपुर। ब्रह्मपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले राजधानी-नई बाजार संपर्क मार्ग के बीच फरेन नाले पर 26 साल पहले बना पुल बिना आवागमन के ही जर्जर हो गया। अप्रोच मार्ग के अभाव में पुल का इस्तेमाल ग्रामीण नहीं कर सके। पुल सिर्फ हाथी का दांत बन कर रह गया। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत की लेकिन जल्द अप्रोच मार्ग बनवाने का सिर्फ आश्वासन मिला। नतीजन, लोगों ने नाले को पार करने के लिए बांस-बल्ली का पुल बना डाला और उससे आवागमन करने लगे।
वर्ष 1999-2000 में एक व्यक्ति की मांग पर एक सांसद के पैड पर पुल की स्वीकृति मिली थी। इसके निर्माण के लिए करोड़ों रुपये बजट जारी किया गया था। बजट मिलने के बाद पुल का निर्माण शुरू हो गया। पुल तो बन गया लेकिन उसका अप्रोच मार्ग नहीं बन सका। इस बीच कई सरकारें आई और चली गईं पर अप्रोच मार्ग नहीं बना सका। इसकी वजह से ग्रामीण पुल का इस्तेमाल नहीं कर सके। जनप्रतिनिधियों से अप्रोच मार्ग बनवाने के लिए ग्रामीण गुहार लगाते रहे। सभी ने आश्वासन दिया कि पुल को जल्द शुरू करा दिया जाएगा लेकिन कुछ नहीं हुआ। अब आलम यह है कि पुल ही जर्जर हो गया है।
करीब पांच हजार लोगों का रोजाना होता है आना-जाना
फरेन नाले पर ग्रामीणों की ओर से बनाए गए बांस-बल्ली के पुल से रोजाना करीब 50 हजार लोग आते-जाते हैं। नाले से पैदल के साथ बाइक-साइकिल भी पार करते हैं। घटुली घाट निवासी, महेंद्र चौधरी, सुरेश साहनी, भोजराज यादव ने बताया कि पुल के अभाव में इस क्षेत्र के लोगों को बरसात के दिनों में काफी दिक्कत झेलनी पड़ती है।
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अब नया बनेगा पुल, बजट स्वीकृत
स्थानीय विधायक श्रवण निषाद ने बताया कि वह लंबे समय से यहां के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत रहे। अब वहां पर नए पुल की स्वीकृति मिली है, उसका बजट जारी हो गया है। निर्माण पर 22 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दो दिन में उसका शिलान्यास होगा। कोशिश होगी जल्द निर्माण पूरा करा लिया जाए। पुल का निर्माण सेतु निगम कराएगा।
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वर्ष 1999-2000 में एक व्यक्ति की मांग पर एक सांसद के पैड पर पुल की स्वीकृति मिली थी। इसके निर्माण के लिए करोड़ों रुपये बजट जारी किया गया था। बजट मिलने के बाद पुल का निर्माण शुरू हो गया। पुल तो बन गया लेकिन उसका अप्रोच मार्ग नहीं बन सका। इस बीच कई सरकारें आई और चली गईं पर अप्रोच मार्ग नहीं बना सका। इसकी वजह से ग्रामीण पुल का इस्तेमाल नहीं कर सके। जनप्रतिनिधियों से अप्रोच मार्ग बनवाने के लिए ग्रामीण गुहार लगाते रहे। सभी ने आश्वासन दिया कि पुल को जल्द शुरू करा दिया जाएगा लेकिन कुछ नहीं हुआ। अब आलम यह है कि पुल ही जर्जर हो गया है।
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करीब पांच हजार लोगों का रोजाना होता है आना-जाना
फरेन नाले पर ग्रामीणों की ओर से बनाए गए बांस-बल्ली के पुल से रोजाना करीब 50 हजार लोग आते-जाते हैं। नाले से पैदल के साथ बाइक-साइकिल भी पार करते हैं। घटुली घाट निवासी, महेंद्र चौधरी, सुरेश साहनी, भोजराज यादव ने बताया कि पुल के अभाव में इस क्षेत्र के लोगों को बरसात के दिनों में काफी दिक्कत झेलनी पड़ती है।
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अब नया बनेगा पुल, बजट स्वीकृत
स्थानीय विधायक श्रवण निषाद ने बताया कि वह लंबे समय से यहां के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत रहे। अब वहां पर नए पुल की स्वीकृति मिली है, उसका बजट जारी हो गया है। निर्माण पर 22 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दो दिन में उसका शिलान्यास होगा। कोशिश होगी जल्द निर्माण पूरा करा लिया जाए। पुल का निर्माण सेतु निगम कराएगा।