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Gorakhpur: रचित हॉस्पिटल में मरीज से मिलने से रोकने पर परिजनों ने किया हंगामा, मौत की अफवाह पर और भड़के

Tue, 30 Aug 2022 10:21 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: आकाश दुबे Updated Tue, 30 Aug 2022 10:21 PM IST
सार

कैंट इंस्पेक्टर शशिभूषण राय के मुताबिक, मरीज की स्थिति नाजुक है। लेकिन, वह अभी जीवित है। उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया। वहां पर भर्ती कराया गया है।

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family members of patient created a ruckus in a private hospital in Gorakhpur s Cantt area
अस्पताल के सामने हंगामा करते परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गोरखपुर के कैंट इलाके के दाउदपुर स्थित रचित हॉस्पिटल में भर्ती मरीज से न मिलने देने पर भड़के परिजनों ने मंगलवार शाम जमकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि बच्चे की मौत हो चुकी है, इस वजह से उन्हें मिलने नहीं दे रहे हैं। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्चे के जिंदा होने की जानकारी देकर परिजनों को शांत कराया और मरीज को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया।

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जानकारी के मुताबिक, कुशीनगर जनपद के बांसगांव टोला गुरुपट्टी निवासी छोटेलाल के बेटे सुमित (15) की तबीयत खराब होने पर परिजनों ने उसे रचित हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। परिजनों का कहना था कि तीन बजे दोपहर में भर्ती कराने के बाद मरीज से मिलने नहीं दिया जा रहा था। इसी बीच किसी ने बता दिया कि बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद भड़के परिजनों ने अपने परिचितों को कुशीनगर से बुला लिया और शाम पांच बजे के करीब जमकर हंगामा करने लगे। उन्होंने रचित अस्पताल के डॉक्टर व अस्पताल संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इस बीच मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामे को शांत कराया।

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मरीज काफी बीमार स्थिति में आया था। 14 दिनों तक उसका इलाज कही और चला था। मरीज में इंसेफेलाइटिस के लक्षण थे, इसकी जानकारी परिजनों को दी गई थी। उन्हें बताया गया था की मरीज की स्थिति कभी भी बिगड़ सकती है। परिजनों के कहने के बाद मरीज को भर्ती किया गया था। दिन में मरीज की हालत में सुधार था। अचानक मरीज की हालत बिगड़ गई, इसकी वजह से उसे बीआरडी रेफर करना पड़ा। इस पर परिजनों ने मौत की बात कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया। जबकि मरीज की मौत नहीं हुई है। वह बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 100 नंबर वार्ड में भर्ती है। -डॉक्टर रश्मि राय, निदेशक रचित हॉस्पिटल

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