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अफगानिस्तान में फंसे कामगार: इंतजार में बीत रहा एक-एक पल, घर वापसी के लिए परेशान हैं परिजन
Fri, 20 Aug 2021 12:08 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 20 Aug 2021 12:08 PM IST
सार
अफगानिस्तान में फंसे रंजीत के परिजन हैं परेशान। पत्नी बोली- जब तक सामने न आ जाएं, तब तक चिंता बनी रहेगी।
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अफगानिस्तान में फंसे कामगार।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
क्या बताऊं? अब तो एक-एक पल एक-एक वर्ष के बराबर बीत रहा है। बस इसी इंतजार में हूं कि पति जल्दी वतन वापस आ जाएं। उनके शनिवार को वापस आने की जानकारी हुई है लेकिन सरकार की तरफ से कोई सूचना नहीं मिली है। जब तक सामने न आ जाएं, तब तक चिंता बनी रहेगी।
यह कहना है अफगानिस्तान की खान स्टील कंपनी में फंसे गोरखपुर के बड़हलगंज के भैसहट गांव निवासी रंजीत मौर्य की पत्नी संगीता मौर्य का। जबसे अफगानिस्तान में हालत खराब हुए हैं, तभी से संगीता की चिंता बढ़ी हुई है।
संगीता ने बताया कि बुधवार को कंपनी मालिक ने वहां फंसे लोगों को सुरक्षित घर भेजवाने का आश्वासन तो दिया है, लेकिन घबराहट कम नहीं हो रही है। पति से फोन पर बात हुई है। पत्नी के अलावा बड़ी बेटी सलोनी और बेटों नितेश और नितिन भी पिता के जल्द घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं।
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बता दें कि अफगानिस्तान के न्यू बगराम रोड स्थित खान स्टील कंपनी में भलुअनी देवरिया निवासी नितिश कुमार गुप्ता, मुबारकपुर थाना क्षेत्र के नरांव गांव निवासी धर्मेंद्र चौहान समेत यूपी बिहार के 28 कामगार फंसे हुए हैं। रंजीत मौर्य के छोटे भाई सुजीत मौर्य ने प्रशासनिक अफसरों से भी अपनी चिंता बताई है।
शैलेंद्र के परिजन भी परेशान, सुरक्षित वापसी का इंतजार
अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा होने के बाद वहां फंसे लोगों में ब्रम्हपुर क्षेत्र के ग्रामसभा दुबौली निवासी तथा वर्तमान में नई बाजार में रहने वाले शैलेंद्र शुक्ला भी हैं। वे काबुल में स्टील प्लांट में काम करने गए हैं। तालिबान का कब्जा हो जाने के बाद से परिवार के लोग दहशत में हैं।
मां इंदु देवी, पत्नी कालिंदी शुक्ला तथा परिवार के अन्य सदस्य भी शैलेंद्र के जल्दी से जल्द तथा सुरक्षित घर वापसी की राह देख रहे हैं। पत्नी कालिंदी शुक्ला का कहना है कि पति से उनकी फोन पर बात हुई है। वहां का माहौल बहुत खराब है। अभी तक वतन वापसी के लिए भारत सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं हुई है। तहसील प्रशासन की तरफ से तहसीलदार चौरीचौरा वीरेंद्र गुप्ता आए थे।
सभी जानकारी लेने के बाद उन्होंने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। बृहस्पतिवार को नव क्रांति सेना के अध्यक्ष अंबरीष यादव ने भी शैलेंद्र के घर पहुंचकर मामले की जानकारी ली और परिवार को यथासंभव मदद का भरोसा दिलाया।
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यह कहना है अफगानिस्तान की खान स्टील कंपनी में फंसे गोरखपुर के बड़हलगंज के भैसहट गांव निवासी रंजीत मौर्य की पत्नी संगीता मौर्य का। जबसे अफगानिस्तान में हालत खराब हुए हैं, तभी से संगीता की चिंता बढ़ी हुई है।
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संगीता ने बताया कि बुधवार को कंपनी मालिक ने वहां फंसे लोगों को सुरक्षित घर भेजवाने का आश्वासन तो दिया है, लेकिन घबराहट कम नहीं हो रही है। पति से फोन पर बात हुई है। पत्नी के अलावा बड़ी बेटी सलोनी और बेटों नितेश और नितिन भी पिता के जल्द घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं।
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बता दें कि अफगानिस्तान के न्यू बगराम रोड स्थित खान स्टील कंपनी में भलुअनी देवरिया निवासी नितिश कुमार गुप्ता, मुबारकपुर थाना क्षेत्र के नरांव गांव निवासी धर्मेंद्र चौहान समेत यूपी बिहार के 28 कामगार फंसे हुए हैं। रंजीत मौर्य के छोटे भाई सुजीत मौर्य ने प्रशासनिक अफसरों से भी अपनी चिंता बताई है।
शैलेंद्र के परिजन भी परेशान, सुरक्षित वापसी का इंतजार
अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा होने के बाद वहां फंसे लोगों में ब्रम्हपुर क्षेत्र के ग्रामसभा दुबौली निवासी तथा वर्तमान में नई बाजार में रहने वाले शैलेंद्र शुक्ला भी हैं। वे काबुल में स्टील प्लांट में काम करने गए हैं। तालिबान का कब्जा हो जाने के बाद से परिवार के लोग दहशत में हैं।
मां इंदु देवी, पत्नी कालिंदी शुक्ला तथा परिवार के अन्य सदस्य भी शैलेंद्र के जल्दी से जल्द तथा सुरक्षित घर वापसी की राह देख रहे हैं। पत्नी कालिंदी शुक्ला का कहना है कि पति से उनकी फोन पर बात हुई है। वहां का माहौल बहुत खराब है। अभी तक वतन वापसी के लिए भारत सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं हुई है। तहसील प्रशासन की तरफ से तहसीलदार चौरीचौरा वीरेंद्र गुप्ता आए थे।
सभी जानकारी लेने के बाद उन्होंने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। बृहस्पतिवार को नव क्रांति सेना के अध्यक्ष अंबरीष यादव ने भी शैलेंद्र के घर पहुंचकर मामले की जानकारी ली और परिवार को यथासंभव मदद का भरोसा दिलाया।