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फर्जी स्टांप: मचा हड़कंप... पेपर जांच करवाने दौड़े लोग, हंगामा
Wed, 17 Jan 2024 12:38 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 17 Jan 2024 12:38 PM IST
सार
मंगलवार की शाम जगन्नाथपुर में रहने वाले वेंडर रविदत्त अपने भतीजे विपुल संग तारामंडल की तरफ जा रहे थे। तभी पुलिस ने उनको पकड़ लिया। उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की। इस दौरान वेंडर की तबीयत बिगड़ने लगी। उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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UP Police
- फोटो : iStock
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विस्तार
फर्जी स्टांप प्रकरण की जांच कर रही पुलिस पर एक वेंडर को हिरासत में लेकर पिटाई का आरोप लगा है। वेंडर की तबीयत खराब होने पर छात्रसंघ चौराहे स्थित एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। वहां पहुंचे परिवार के लोगों ने पुलिस पर वेंडर की पिटाई का आरोप लगाकर हंगामा खड़ा कर दिया। मामला बिगड़ता देखकर अस्पताल प्रशासन ने वेंडर को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजन उसे देर रात मेडिकल कॉलेज लेकर चले गए।
जानकारी के मुताबिक, फर्जी स्टांप की जांच कर रही पुलिस वेंडर की तलाश में थी। बताया जाता है मंगलवार की शाम जगन्नाथपुर में रहने वाले वेंडर रविदत्त अपने भतीजे विपुल संग तारामंडल की तरफ जा रहे थे। तभी पुलिस ने उनको पकड़ लिया। उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की। इस दौरान वेंडर की तबीयत बिगड़ने लगी। उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इसी बीच वेंडर के परिवार वाले और जानने वाले अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि घर से जब रविदत्त निकले थे कोई दिक्कत नहीं थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान पुलिस की पिटाई से हालत बिगड़ी है। जबकि, पुलिस का कहना है कि 2016 में वेंडर पर कार्रवाई हुई थी। पूछताछ की गई। हालांकि, वेंडर के परिवार के लोगों ने पूर्व में किसी भी तरह की कार्रवाई से इनकार किया है।
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जानकारी के मुताबिक, फर्जी स्टांप की जांच कर रही पुलिस वेंडर की तलाश में थी। बताया जाता है मंगलवार की शाम जगन्नाथपुर में रहने वाले वेंडर रविदत्त अपने भतीजे विपुल संग तारामंडल की तरफ जा रहे थे। तभी पुलिस ने उनको पकड़ लिया। उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की। इस दौरान वेंडर की तबीयत बिगड़ने लगी। उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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इसी बीच वेंडर के परिवार वाले और जानने वाले अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि घर से जब रविदत्त निकले थे कोई दिक्कत नहीं थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान पुलिस की पिटाई से हालत बिगड़ी है। जबकि, पुलिस का कहना है कि 2016 में वेंडर पर कार्रवाई हुई थी। पूछताछ की गई। हालांकि, वेंडर के परिवार के लोगों ने पूर्व में किसी भी तरह की कार्रवाई से इनकार किया है।
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