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UP: साली के बेटे को किया था अगवा... एडमिशन में ठगी पर हटाया गया डीडीयू का चपरासी; फर्जी आईपीएस की पूरी कहानी

Tue, 20 Jan 2026 03:28 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 20 Jan 2026 03:28 PM IST
सार

खुद को आईपीएस बताकर गोरखपुर के पीपीगंज में व्यापारी से रंगदारी मांगने का आरोपी शनि शर्मा अपनी साली के बेटे के अपहरण के मामले में सालभर पहले जेल भेजा गया था। जमानत पर छूटने के बाद डीडीयू के चपरासी शनि को दाखिला दिलाने के नाम पर छात्र-छात्राओं से यूपीआई के जरिये खाते में रुपये मंगाने का मामला सामने आने पर जुलाई-2025 में निलंबित कर दिया गया। फर्जी आईपीएस का मामला सामने आने के बाद उसकी करतूतें फिर चर्चा में आने लगीं हैं।

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Fake IPS Exposed: DDU Employee Took Money for Admissions, Suspended for UPI Scam
Fake IPS - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

गोरखपुर में खुद को आईपीएस बता व्यापारी से रंगदारी मांगने का आरोपी दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का कर्मचारी शनि शर्मा लंबे समय तक चर्चाओं में रहा था। वह तीन जुलाई 2025 से निलंबित है। विश्वविद्यालय में प्रवेश दिलाने के नाम पर यूपीआई के जरिये खाते में रुपये मंगाने के आरोप में उसे निलंबित किया गया था। उसके बाद आरोपों की फेहरिस्त बढ़ती गई। विश्वविद्यालय का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शनि खुद को बाबू बताता था और रसूखदारों से अच्छे संबंध बताकर धौंस जमाता था।
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विश्वविद्यालय के कुलसचिव धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव बताते हैं, शनि के खिलाफ कई शिकायतें हैं। सभी शिकायतों की एक साथ विभागीय जांच चल रही है। कुछ मामलों में रिपोर्ट भी आ गई है। पुराने मामलों में सोमवार को जेल में नोटिस तामील कराने के लिए भेजा गया है। फिलहाल, वह निलंबित चल रहा है।
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शनि किसी भी विभाग में प्रवेश दिलाने के दावे कर लोगों से पैसे ले लेता था। पीपीगंज क्षेत्र के राजाबारी निवासी पिंकी वर्मा पुत्री बंधू वर्मा ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पैसे लेने की शिकायत की थी। साक्ष्य के रूप में उसने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की रसीद भी दी थी। आरोप था कि पीएचडी में प्रवेश के लिए शनि ने 25 अप्रैल 2025 को 4700, 26 को 8500 और 28 को 5600 रुपये यूपीआई के जरिये लिए। इसके अलावा पादरी बाजार के जंगल सालिकराम निवासी अनुराग चौहान पुत्र सुभाष से एलएलबी में प्रवेश के लिए 40 हजार रुपये लिए थे। इसी मामले में उसे निलंबित किया गया था।

 

कुलसचिव की ओर से 12 नवंबर 2025 को जारी आरोप पत्र के मुताबिक, शनि शर्मा ने आईजीआरएस के माध्यम से अधिकारियों के खिलाफ झूठी शिकायत की। आरोप पत्र जब उसने रिसीव नहीं किया तो उसके मकान पर चस्पा कर दिया गया था। अब वह चस्पा पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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सीएम को अपशब्द कहने के ऑडियो में भी आया था नाम
नवंबर-2025 में सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ था। इसमें शनि शर्मा विश्वविद्यालय के ही एक कर्मचारी से बात कर रहा था। दूसरे कर्मचारी ने मुख्यमंत्री योगी के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया था। उस मामले में जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने दोनों को दोषी पाया था। हालांकि, उस मामले में अब तक कार्रवाई नहीं हुई। शनि की पहली पत्नी ने भी विश्वविद्यालय में शिकायत की है। शनि बातचीत में रसूखदारों से अच्छे संबंध का भी धौंस दिखाता था।
 

साली के बेटे को किया था अगवा
खुद को आईपीएस बताकर पीपीगंज में व्यापारी से रंगदारी मांगने का आरोपी शनि शर्मा अपनी साली के बेटे के अपहरण के मामले में सालभर पहले जेल भेजा गया था। जमानत पर छूटने के बाद डीडीयू के चपरासी शनि को दाखिला दिलाने के नाम पर छात्र-छात्राओं से यूपीआई के जरिये खाते में रुपये मंगाने का मामला सामने आने पर जुलाई-2025 में निलंबित कर दिया गया। फर्जी आईपीएस का मामला सामने आने के बाद उसकी करतूतें फिर चर्चा में आने लगीं हैं।
 

जानकारी के मुताबिक पीपीगंज निवासी शनि शर्मा की वार्ड की ही एक युवती से नजदीकियां थीं। दिसंबर-2024 में इसकी जानकारी होने पर उसकी पत्नी बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। इससे आक्रोशित शनि पत्नी की बहन के तीन साल के बेटे अगस्त्य को अगवा कर उसे लेकर नेपाल चला गया। 

 

बच्चे की मां राधा की शिकायत पर पीपीगंज पुलिस ने जांच शुरू की तो शनि के बारे में जानकारी हुई और उसकी लोकेशन ट्रेस करते हुए पीपीगंज पुलिस नेपाल बॉर्डर तक पहुंच गई थी। शनि को गिरफ्तार करने के बाद बच्चे को छुड़ाया गया था। इस मामले में उसे पुलिस ने कोर्ट में पेश कर जेल भिजवाया था।

 

पुलिस के मुताबिक शनि शर्मा पर कई बार ठगी के आरोप भी लग चुके हैं। कई मामलों में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। इस बार जेल से बाहर आने के बाद रील ने उसे नया ख्याल दिया। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया है कि, इंस्टाग्राम पर उसने एक रील देखी।

 

इसी के बाद खुद को आईपीएस बताकर ठगी और रंगदारी वसूलने का ख्याल आया। उसने अपने व्हाट्सएप अकाउंट में आईपीएस की वर्दी पहने हुए डीपी लगा रखी थी। यही वजह थी कि अनजान लोग उसके झांसे में आकर चुप्पी साध लेते थे। इस बार शनि के पकड़े जाने के बाद उसके परिवार के लोग घर छोड़कर भागे हुए हैं। पीपीगंज में सोमवार को भी उसके मकान में ताला लटका रहा।

भाग गया था घर छोड़करअगस्त-2025 में शनि घर से भाग गया था। इसके बाद उसकी पत्नी ने कैंट थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया जा रहा है कि उसने कई लोगों से कर्ज ले रखा था। लोग उस पर रुपये वापस करने का दबाव बना रहे थे। इसी वजह से वह घर से भाग गया था और पत्नी ने अनहोनी की आशंका जताते हुए गुमशुदगी दर्ज कराई थी। कुछ दिन बाद वह वापस आ गया था।

व्यापारी से रंगदारी मामले वाले आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया गया है। इसके पहले भी उसने कई लोगों से ठगी की है। उससे जुड़े पुराने मामलों की जांच की जा रही है।- ज्ञानेंद्र प्रसाद, एसपी नॉर्थ
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