फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Factor-8 is finished in BRD, problem of haemophilia patients increased

Gorakhpur News: बीआरडी में फैक्टर-8 समाप्त, हीमोफीलिया मरीजों की बढ़ी दिक्कत

Thu, 03 Jul 2025 12:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Thu, 03 Jul 2025 12:53 AM IST
विज्ञापन
Factor-8 is finished in BRD, problem of haemophilia patients increased
- हीमोफीलिया फैक्टर खत्म होने से 400 मरीजों को नहीं मिल रहा इंजेक्शन
विज्ञापन

- डीप फ्रीजर और अलग वार्ड की वर्षों से की जा रही है मांग
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के हीमोफीलिया मरीजों के लिए जरूरी फैक्टर-8 इंजेक्शन अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। इससे करीब 400 से अधिक मरीजों का उपचार प्रभावित हो गया है। मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के लिए दूसरे जिलों की दौड़ लगाना पड़ रहा है। इससे उनकी जेब पर आर्थिक बोझ तो बढ़ ही रहा है। वहीं उन्हें लखनऊ की दौड़ लगाकर परेशान होना पड़ रहा है।

हीमोफीलिया एक गंभीर रक्तस्रावी रोग है। इसमें मामूली चोट में भी भारी रक्तस्राव होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें खून का थक्का नहीं बनता। ऐसे मरीजों को बार-बार फैक्टर-8 इंजेक्शन की आवश्यकता होती है जो खून के थक्के बनाने में सहायक होता है। मगर, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में यह इंजेक्शन समाप्त हो चुका है। मरीजों की आवश्यकता के अनुसार इंजेक्शन की व्यवस्था नहीं हो पाती है। एक बार फैक्टर समाप्त होने के बाद मरीजों को लंबे समय के लिए इसका इंतजार करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

साथ ही कॉलेज में कोई हेमेटोलॉजिस्ट नहीं है। बच्चों का इलाज सामान्य डॉक्टर करते हैं। अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट की तैनाती भी है, लेकिन हीमोफीलिया थेरेपी के लिए आवश्यक मशीनें नहीं हैं। इससे मरीजों की स्थिति और अधिक खराब हो रही है। कई मरीज धीरे-धीरे दिव्यांगता की ओर बढ़ रहे हैं, क्योंकि उन्हें समय पर इलाज और फिजियोथेरेपी नहीं मिल पा रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने कहा कि फैक्टर की आपूर्ति एसजीपीजीआई से होती है। मांग भेजी गई है। आते ही रोगियों को उपलब्ध करा दी जाएगी।
---

वार्ड 11 में घंटों इंतजार, दर्द से तड़पते रहते हैं मरीज
बीआरडी मेडिकल काॅलेज में मरीजों को फैक्टर इंजेक्शन देने के लिए वार्ड नंबर-11 निर्धारित है, लेकिन वहां फैक्टर रखने की कोई सुविधा नहीं है। फैक्टर-8 को 500 बेड न्यू बिल्डिंग में मौजूद डीप फ्रीजर में स्टोर किया जाता है जो काफी दूर है। इमरजेंसी में कार्यरत वार्ड ब्वॉय तभी फैक्टर लाने जा पाते हैं जब वे खाली होते हैं। ऐसे में मरीज के आने के बाद पूरी प्रक्रिया में 2 से 3 घंटे का समय लग जाता है, तब तक मरीज दर्द से तड़पते रहते हैं।

---

सालों से मांग के बाद भी नहीं मिला अलग वार्ड और डीप फ्रीजर
हीमोफीलिया रोगियों के लिए अलग वार्ड की मांग पिछले तीन वर्षों से की जा रही है, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। डीप फ्रीजर को वार्ड नंबर-11 में स्थापित करने की मांग भी कई बार की जा चुकी है, लेकिन वह भी अब तक पूरी नहीं हो सकी है।


---
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed