सता रहा छापे का डर: गोरखपुर के कई बड़े कारोबारियों पर है टैक्स डिपार्टमेंट की नजर, सेंट्रल जीएसटी के अफसर जुटा रहे आंकड़े
पिछले सप्ताह कानपुर के गुटखा व्यापारी और कन्नौज के इत्र कारोबारी के यहां बड़ी संख्या में नोट मिलने के बाद गोरखपुर में भी टैक्स डिपार्टमेंट के अफसर सक्रिय हो गए हैं।
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देश में टैक्स चोरी के कुछ बड़े मामले सामने आने के बाद गोरखपुर का टैक्स डिपार्टमेंट भी चौकन्ना हो गया है। स्टेट जीएसटी व सेंट्रल जीएसटी की अलग-अलग टीमें टैक्स जमा करने में हीलाहवाली करने वाले कारोबारियों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। एक बड़े अस्पताल और कुछ दुकानदारों के अभिलेखों की जांच भी चल रही है।
गोरखपुर जोन में करीब 70 हजार व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं। इसमें से लगभग 25 हजार व्यापारी गोरखपुर में हैं। पिछले सप्ताह कानपुर के गुटखा व्यापारी और कन्नौज के इत्र कारोबारी के यहां बड़ी संख्या में नोट मिलने के बाद गोरखपुर में भी टैक्स डिपार्टमेंट के अफसर सक्रिय हो गए हैं।
सेंट्रल जीएसटी की टीम ने एक शिकायत के आधार पर गोलघर स्थित मोबाइल की दुकान और मेडिकल कॉलेज रोड स्थित एक होटल की जांच की। दोनों जगह से जांच के लिए अभिलेख मांगे गए हैं। इसके अलावा एक अस्पताल से भी 10 कम्प्यूटर व अन्य अभिलेख जांच में लिए गए हैं। इसके अलावा लौह उद्योग से जुड़े कुछ व्यापारियों से भी जरूरी अभिलेख मांगे गए हैं।
जांच खलीलाबाद में, खलबली गोरखपुर में
सीजीएसटी की एक टीम पिछले दिनों खलीलाबाद में एक कबाड़ी की जांच करने पहुंची। टीम ने वहां अभिलेखों की पड़ताल की तो टैक्स चोरी की एक नई कहानी खुलकर सामने आई। दरअसल ये कबाड़ी थोड़ा-थोड़ा करके माल एकत्रित करते हैं और फिर उसे किसी बड़ी कंपनी को बेंच देते हैं। परंतु इस एकत्रित माल व कंपनी को दिए गए माल पर कोई टैक्स नहीं देते। सीजीएसटी टीम ने कारोबारियों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।
इनवायस और ई बिल की होगी जांच
टैक्स चोरी पकड़ने के लिए स्टेट व सेंट्रल जीएसटी की टीमें अब व्यापारियों के इनवायस, बैंक अकाउंट और ई वे बिल की एक साथ जांच करेंगी। जैसे अगर गाजियाबाद से कोई माल गोरखपुर के लिए भेजा गया तो उसका बिल कितने का है और माल किस वाहन से भेजा गया। इससे टैक्स चोरी पकड़ना आसान हो जाएगा।