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Gorakhpur News: बदलते मौसम में बढ़ रहे आई फ्लू के मरीज....रखे आंखों का ख्याल
Sun, 23 Jun 2024 04:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 23 Jun 2024 04:41 AM IST
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जिला अस्पताल में गर्मी के पसीने के कारण आंखों में लालिमा और इंफेक्शन की समस्या को लेकर मरीज आ रहे हैं। कुछ लोगों के आंखों में सूजन की भी रह रही है। डॉक्टरों का कहना है ऐसे समय में कंजक्टिवाइटिस (आई फ्लू ) की समस्या बढ़ रही है। इसके लिए लोगों को बचाव करने की आवश्यकता है।
जिला अस्पताल की नेत्र विभाग की ओपीडी में आने वाले दस प्रतिशत मरीज प्रतिदिन आंखों में इंफेक्शन की समस्या लेकर आ रहे हैं। डॉक्टर इसका कारण पसीने को बता रहे हैं। बार-बार आंखों पर हाथ जाने के कारण आंखों में इंफेक्शन हो जा रहा है। जो आई फ्लू का कारण बन सकता है। इसके स्टाई यानी आंख के ऊपर दाने निकल जाते हैं। जो गर्मियों में निकलना बिल्कुल ही आम बात है। ऐसे मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का सबसे ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत है। इम्यूनिटी कम होने के कारण इन्हें इंफेक्शन व एलर्जी की संभावना ज्यादा होती है।
बचाव
- घर से बाहर निकलने से पहले यूवीए और यूवीबी किरणों से बचने के लिए चश्मे पहनकर निकलें।
- बहुत तेज़ धूप है तो पोलराइज्ड सनग्लासेस का इस्तेमाल करें।
- बदलते मौसम में आंखों का विशेष ख्याल रखें।
- बाहर से आने के बाद साफ ठंडे पानी में रुई भिगोकर आंखों को साफ करें।
- आंखों को साफ करने के बाद उस कपड़े तो तुंरत धूलें।
- संक्रमित व्यक्ति की इस्तेमाल की गई वस्तुओं से दूरी बनाएं।
- आंखों में किसी तरह की समस्या हाेने पर डॉक्टर को दिखा कर ही दवा लें।
- स्टेराइड वाली दवा से दूरी बनाएं।
आंखों में हो समस्या तो डॉक्टर को दिखाएं
जिला अस्पताल के नेत्र रोग के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. चंद्रभान यादव बताते है, गर्मियों में आंखों में कंजक्टिवाइटिस की समस्या बढ़ जाती है। आंखों में रेडनेस और दाने इसके आम लक्षण हैं। इसके लिए बचाव और मरीजों को अन्य से दूरी बनाने की सलाह दिया जाता है। स्वयं से दवा लेने की जगह डॉक्टर के परामर्श के बाद दवा लेने के लिए कहते हैं। मरीजों को दर्द से राहत पाने के लिए एंटीबायोटिक या स्टेरॉयड वाले ड्रॉप बिना डॉक्टर की सलाह के इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इन ड्रॉप्स का इस्तेमाल करने से मरीजों को दर्द से राहत मिल जाता है लेकिन आगे इससे आंखों की रोशनी जाने का डर रहता है।
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जिला अस्पताल की नेत्र विभाग की ओपीडी में आने वाले दस प्रतिशत मरीज प्रतिदिन आंखों में इंफेक्शन की समस्या लेकर आ रहे हैं। डॉक्टर इसका कारण पसीने को बता रहे हैं। बार-बार आंखों पर हाथ जाने के कारण आंखों में इंफेक्शन हो जा रहा है। जो आई फ्लू का कारण बन सकता है। इसके स्टाई यानी आंख के ऊपर दाने निकल जाते हैं। जो गर्मियों में निकलना बिल्कुल ही आम बात है। ऐसे मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का सबसे ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत है। इम्यूनिटी कम होने के कारण इन्हें इंफेक्शन व एलर्जी की संभावना ज्यादा होती है।
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बचाव
- घर से बाहर निकलने से पहले यूवीए और यूवीबी किरणों से बचने के लिए चश्मे पहनकर निकलें।
- बहुत तेज़ धूप है तो पोलराइज्ड सनग्लासेस का इस्तेमाल करें।
- बदलते मौसम में आंखों का विशेष ख्याल रखें।
- बाहर से आने के बाद साफ ठंडे पानी में रुई भिगोकर आंखों को साफ करें।
- आंखों को साफ करने के बाद उस कपड़े तो तुंरत धूलें।
- संक्रमित व्यक्ति की इस्तेमाल की गई वस्तुओं से दूरी बनाएं।
- आंखों में किसी तरह की समस्या हाेने पर डॉक्टर को दिखा कर ही दवा लें।
- स्टेराइड वाली दवा से दूरी बनाएं।
आंखों में हो समस्या तो डॉक्टर को दिखाएं
जिला अस्पताल के नेत्र रोग के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. चंद्रभान यादव बताते है, गर्मियों में आंखों में कंजक्टिवाइटिस की समस्या बढ़ जाती है। आंखों में रेडनेस और दाने इसके आम लक्षण हैं। इसके लिए बचाव और मरीजों को अन्य से दूरी बनाने की सलाह दिया जाता है। स्वयं से दवा लेने की जगह डॉक्टर के परामर्श के बाद दवा लेने के लिए कहते हैं। मरीजों को दर्द से राहत पाने के लिए एंटीबायोटिक या स्टेरॉयड वाले ड्रॉप बिना डॉक्टर की सलाह के इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इन ड्रॉप्स का इस्तेमाल करने से मरीजों को दर्द से राहत मिल जाता है लेकिन आगे इससे आंखों की रोशनी जाने का डर रहता है।
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