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गोरखपुर महोत्सव के दौरान विशेषज्ञ तय करेंगे रेडीमेड गारमेंट का भविष्य, इन खास विषयों पर करेंगे मार्गदर्शन
Tue, 12 Jan 2021 01:17 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 12 Jan 2021 01:17 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर महोत्सव के दौरान मंगलवार को गारमेंट सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञ जिले को रेडीमेड गारमेंट हब के रूप में विकसित करने की दशा एवं दिशा तय करेंगे। गीडा स्थित उद्योग भवन में आयोजित सेमिनार में ये विशेषज्ञ 'पूर्वांचल में रेडीमेड गारमेंट उद्योग की संभावना और चुनौतियां' विषय पर इसका खाका खींचेंगे। इस सेक्टर से जुड़े सात विशेषज्ञ इस सेमिनार में शामिल होंगे।
सोमवार को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के सीईओ संजीव रंजन ने इस सेमिनार के संबंध में चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज से जुड़े उद्यमियों के साथ तैयारी बैठक की। दरअसल शासन ने टेराकोटा के बाद रेडीमेड गारमेंट को भी एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में शामिल किया है। जिसके बाद जिले को रेडीमेड गारमेंट का हब बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसी के तहत सेमिनार का आयोजन भी किया जा रहा है।
इन विषयों पर ये विशेषज्ञ करेंगे मार्गदर्शन
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सोमवार को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के सीईओ संजीव रंजन ने इस सेमिनार के संबंध में चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज से जुड़े उद्यमियों के साथ तैयारी बैठक की। दरअसल शासन ने टेराकोटा के बाद रेडीमेड गारमेंट को भी एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में शामिल किया है। जिसके बाद जिले को रेडीमेड गारमेंट का हब बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसी के तहत सेमिनार का आयोजन भी किया जा रहा है।
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इन विषयों पर ये विशेषज्ञ करेंगे मार्गदर्शन
- ‘गारमेंट निर्माण की प्रक्रिया व मुख्य निष्पादन संकेतक’ : जुकी कंपनी के पूर्वोत्तर रीजनल मैनेजर बसंत दुकलन, रैमसन गारमेंट फिनिशिंग इक्यूपमेंट के शाखा प्रमुख मनीष माथुर, एवं नार्दन इंडिया टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन (निट्रा) के असिस्टेंट डायरेक्टर विवेक अग्रवाल
- ‘गोरखपुर में सफल गारमेंट हब विकसित करने के प्रमुख कारक’ : टेक्सटाइल एक्सपर्ट वीके मल्होत्रा, विवेक अग्निहोत्री, साहू ग्रुप के सनूप साहू एवं उपायुक्त उद्योग आरके शर्मा
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पांच हजार लोगों को मिल सकता है रोजगार
रेडीमेड गारमेंट के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की ओर से कराए जा रहे सर्वे में यह बात निकल कर सामने आ रही है कि गोरखपुर में रेडीमेड गारमेंट्स के क्षेत्र में कम से कम 200 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। इतने निवेश पर रेडीमेड गारमेंट के क्षेत्र में कम से कम पांच हजार लोगों को रोजगार मिल सकता है।
गोरखपुर में रेडीमेड गारमेंट संबंधी उद्योग लगाने के लिए आए 170 आवेदनों के आधार पर चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की ओर से यह संभावना जताई जा रही है। एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में शामिल होने के बाद गोरखपुर को रेडीमेड गारमेंट के हब के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है।
चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की ओर से रेडीमेड गारमेंट संबंधी उद्योग लगाने वालों से आवेदन मांगे गए थे। अब तक जिन 170 लोगों ने आवेदन दिया है, उनमें लोगों ने निवेश और संभावित रोजगार का जिक्र किया है। चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल ने बताया कि जिस तरह से लोगों के रेडीमेड गारमेंट लगाने के लिए आ रहे हैं, वह गोरखपुर को टेक्सटाइल हब के रूप में स्थापित कर देगा।
गोरखपुर में रेडीमेड गारमेंट संबंधी उद्योग लगाने के लिए आए 170 आवेदनों के आधार पर चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की ओर से यह संभावना जताई जा रही है। एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में शामिल होने के बाद गोरखपुर को रेडीमेड गारमेंट के हब के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है।
चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की ओर से रेडीमेड गारमेंट संबंधी उद्योग लगाने वालों से आवेदन मांगे गए थे। अब तक जिन 170 लोगों ने आवेदन दिया है, उनमें लोगों ने निवेश और संभावित रोजगार का जिक्र किया है। चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल ने बताया कि जिस तरह से लोगों के रेडीमेड गारमेंट लगाने के लिए आ रहे हैं, वह गोरखपुर को टेक्सटाइल हब के रूप में स्थापित कर देगा।
बाहर से आता है करीब 90 प्रतिशत रेडीमेड गारमेंट
जिले में गारमेंट का सालाना कारोबार तीन हजार करोड़ रुपये का है लेकिन उत्पादन करीब 300 करोड़ रुपये का हो पाता है। वहीं गोरखपुर में रेडीमेड गारमेंट की जितनी खपत होती है उसका केवल 10 प्रतिशत ही उत्पादन होता है। 90 प्रतिशत स्टॉक बाहर से मंगाना पड़ता है।
एप्रेल एक्सपोर्ट प्रोमोशन काउंसिल की ओर से किए सर्वे के अनुसार रेडीमेड गारमेंट के सेक्टर में एक करोड़ रुपये के निवेश पर 30 लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं पूरे देश में करीब 1.3 करोड़ लोग गारमेंट उद्योग से जुड़े हैं। इनमें भी 70 फीसद महिलाएं हैं।
गारमेंट सेक्टर का नोएडा में बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। वहां कुल करीब 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश है और सालाना टर्न ओवर 25 हजार करोड़ रुपये का है। औद्योगिक इकाइयों की बात करें तो यहां गारमेंट से जुड़ी तीन हजार से अधिक इकाइयां हैं।
एप्रेल एक्सपोर्ट प्रोमोशन काउंसिल की ओर से किए सर्वे के अनुसार रेडीमेड गारमेंट के सेक्टर में एक करोड़ रुपये के निवेश पर 30 लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं पूरे देश में करीब 1.3 करोड़ लोग गारमेंट उद्योग से जुड़े हैं। इनमें भी 70 फीसद महिलाएं हैं।
गारमेंट सेक्टर का नोएडा में बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। वहां कुल करीब 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश है और सालाना टर्न ओवर 25 हजार करोड़ रुपये का है। औद्योगिक इकाइयों की बात करें तो यहां गारमेंट से जुड़ी तीन हजार से अधिक इकाइयां हैं।