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Gorakhpur News: परीक्षक ने वाइवा लिया...कॉलेज ने फीड कर दिए मनमाने अंक
Tue, 30 Jul 2024 03:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 30 Jul 2024 03:11 AM IST
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गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कुशीनगर का मामला
परीक्षक अंक फीड करने गए तो पता चला कि पहले ही हो गया है अपलोड
परीक्षक की शिकायत के बाद विवि ने रोका परिणाम, जांच कमेटी गठित
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध एक कॉलेज में बड़ा मामला सामने आया है। काॅलेज में जिस बाहरी परीक्षक ने वाइवा लिया, उनके दिए अंकों को छोड़कर कॉलेज ने मनमाने अंक फीड कर दिए। परीक्षक ने इसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत की, जिसके बाद कुलपति ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र के पूर्व विभागाध्यक्ष सेवानिवृत प्रो. केके मिश्रा करीब एक माह पहले किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पैकोली हाटा, कुशीनगर में बतौर बाह्य परीक्षक बीए द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों की मौखिक परीक्षा लेने गए थे। आंतरिक परीक्षक के रूप में उसी कॉलेज के डॉ. अरुणेश त्रिपाठी नियुक्त थे।
दोनों शिक्षकों ने संयुक्त रूप से कुलपति को संबोधित पत्र में कहा है कि परीक्षा संपन्न होने के बाद जब डाॅ. अरुणेश काॅलेज के कंप्यूटर पर अंक अंकित कराने के लिए गए तो काॅलेज प्रबंधक सत्य प्रकाश सिंह और पूर्व प्राचार्य डाॅ. चंद्रशेखर सिंह ने यह कहते हुए मना किया कि आप चिंता न करें, नंबर फीड हो चुका है। परीक्षकों को जब पता चला कि कॉलेज ने पहले ही अंक फीड कर दिए हैं तो उन्होंने शिकायती पत्र के साथ ही विश्वविद्यालय को बीए द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर की मौखिक परीक्षा के अंकों का विवरण भी विश्वविद्यालय को सौंप दिया। उन्होंने मामले में कड़ी कार्यवाही की भी मांग की।
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विश्वविद्यालय ने रोका कॉलेज का परिणाम
मौखिक परीक्षा के अंक मनमाने तरीके से अपलोड करने की शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय ने तत्काल प्रभाव से कॉलेज का परिणाम रोक दिया है। हालांकि, परिणाम रुकने की वजह से उन विद्यार्थियों का नुकसान हो रहा है, जिन्होंने ईमानदारी से लिखित परीक्षा दी और मौखिक परीक्षा में उपस्थित हुए। मामले की जांच के लिए विश्वविद्यालय ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
मामला संज्ञान में है। जांच कमेटी गठित कर दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति
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परीक्षक अंक फीड करने गए तो पता चला कि पहले ही हो गया है अपलोड
परीक्षक की शिकायत के बाद विवि ने रोका परिणाम, जांच कमेटी गठित
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध एक कॉलेज में बड़ा मामला सामने आया है। काॅलेज में जिस बाहरी परीक्षक ने वाइवा लिया, उनके दिए अंकों को छोड़कर कॉलेज ने मनमाने अंक फीड कर दिए। परीक्षक ने इसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत की, जिसके बाद कुलपति ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र के पूर्व विभागाध्यक्ष सेवानिवृत प्रो. केके मिश्रा करीब एक माह पहले किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पैकोली हाटा, कुशीनगर में बतौर बाह्य परीक्षक बीए द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों की मौखिक परीक्षा लेने गए थे। आंतरिक परीक्षक के रूप में उसी कॉलेज के डॉ. अरुणेश त्रिपाठी नियुक्त थे।
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दोनों शिक्षकों ने संयुक्त रूप से कुलपति को संबोधित पत्र में कहा है कि परीक्षा संपन्न होने के बाद जब डाॅ. अरुणेश काॅलेज के कंप्यूटर पर अंक अंकित कराने के लिए गए तो काॅलेज प्रबंधक सत्य प्रकाश सिंह और पूर्व प्राचार्य डाॅ. चंद्रशेखर सिंह ने यह कहते हुए मना किया कि आप चिंता न करें, नंबर फीड हो चुका है। परीक्षकों को जब पता चला कि कॉलेज ने पहले ही अंक फीड कर दिए हैं तो उन्होंने शिकायती पत्र के साथ ही विश्वविद्यालय को बीए द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर की मौखिक परीक्षा के अंकों का विवरण भी विश्वविद्यालय को सौंप दिया। उन्होंने मामले में कड़ी कार्यवाही की भी मांग की।
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विश्वविद्यालय ने रोका कॉलेज का परिणाम
मौखिक परीक्षा के अंक मनमाने तरीके से अपलोड करने की शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय ने तत्काल प्रभाव से कॉलेज का परिणाम रोक दिया है। हालांकि, परिणाम रुकने की वजह से उन विद्यार्थियों का नुकसान हो रहा है, जिन्होंने ईमानदारी से लिखित परीक्षा दी और मौखिक परीक्षा में उपस्थित हुए। मामले की जांच के लिए विश्वविद्यालय ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
मामला संज्ञान में है। जांच कमेटी गठित कर दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति