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Gorakhpur News: ''''डॉक्टर की निगरानी में गर्भवती की जांच जरूरी''''

Mon, 11 Dec 2023 01:53 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 11 Dec 2023 01:53 AM IST
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"Examination of pregnant women is necessary under doctor's supervision"
- एम्स के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की तरफ से एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एम्स के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में रविवार को सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें देश की कई महिला रोग विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इंग्लैंड के एक वैज्ञानिक ने भी ऑनलाइन प्रतिभाग किया। सेमिनार में प्रसव के दौरान शिशु मृत्युदर के कारणों पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों का कहना था कि शिशु की सुरक्षा के लिए गर्भवती की समय-समय पर डॉक्टर की निगरानी में जांच जरूरी है।
सेमिनार का उद्घाटन एम्स की डायरेक्टर डॉ. सुरेखा किशोर ने किया। उन्होंने मातृत्व के सुख और चुनौतियां और गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य को लेकर बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया। सुरक्षित मातृत्व के लिए डॉक्टरों की देखरेख में रहने की प्राथमिकता को बताया गया।
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प्रो. आराधना सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस सतत चिकित्सा सेमिनार के उद्देश्यों पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शिखा सेठ ने जानकारी दी। डॉ. नीलम अग्रवाल, विभागाध्यक्ष पीजीआई चंडीगढ़ ने नवजातों के जन्म के दौरान होने वाले मौत के कारणों पर चर्चा की।
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भारतीय शिशु मृतजन्म संस्था (एसबीएसआई) हैदराबाद के उपाध्यक्ष डॉ. नुजहत अजीज ने प्रसव के दौरान होने वाले शिशु मृत्यु के लिए उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मातृत्व रक्ताल्पता, मलेरिया जैसे कारण गिनाते हुए जांच व उपचार की जानकारी दी। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रो. तमकीन खान ने जन्म-मृत्यु कारणों पर चर्चा की।

लेडी हार्डिंग कॉलेज नई दिल्ली की डॉ. मनीषा कुमार ने उच्च रक्तचाप से संबंधित मृत जन्म के कारणों और उनके निदान पर जोर दिया। एसजीपीजीआई लखनऊ की डॉ. सौम्या श्रीवास्तव ने फीटल ऑटोप्सी (मृत शिशु शव परीक्षण) करने के तरीके साझा किए। इंग्लैंड से जुड़े डाॅ. मार्क वॉटरस्टोन ने सीटीजी (प्रसव के दौरान सतत शिशु हृदय की निगरानी) पर प्रकाश डाला।
इस दौरान डाॅ. नीला राय शर्मा, डाॅ. रूमा सरकार, डॉ. सविता अग्रवाल, डॉ. रीना श्रीवास्तव, डाॅ. राधा जीना, डाॅ. अरुणा छापरिया आदि आदि मौजूद रहीं।
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