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Gorakhpur News: परीक्षा ड्यूटी का नहीं मिला भुगतान, शोधार्थी परेशान
Mon, 24 Jun 2024 02:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 24 Jun 2024 02:22 AM IST
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शोधार्थियों को पिछले काफी समय से परीक्षा ड्यूटी का भुगतान नहीं मिला है। परेशान शोधार्थियों ने कुलपति को ईमेल कर जल्द भुगतान करने की मांग की है।
शोधार्थी कमलकांत राव ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में सेमेस्टर और वार्षिक परीक्षाओं में शोध छात्र मार्च महीने से ही परीक्षा ड्यूटी कर रहे हैं। मुश्किल वक्त में भी जब शिक्षक ड्यूटी के लिए नहीं आते थे तब भी शोधार्थियों ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कोशिश की। कभी शोधार्थी सूची में नाम आने पर तो कभी अपने सुपरवाइजर की जगह पर ड्यूटी करते रहे। उसके बाद भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। वहीं 27 जून से प्रवेश परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। आरोप लगाया कि इसमें कुछ चुनिंदा लोगों की ही ड्यूटी लगाई जा रही है।
भुगतान का इंतजार कर रहे कॉलेज के शिक्षक
स्ववित्तपोषित कॉलेज प्राचार्य परिषद के अध्यक्ष डॉ. कृष्ण मुरारी पाल ने बताया कि कॉलेजों के शिक्षकों के परीक्षा ड्यूटी का चार साल से भुगतान नहीं हुआ है। नोडल केंद्र से कॉपी, प्रश्नपत्र ले जाने और उत्तरपुस्तिका पहुंचाने का भुगतान भी दो साल से बकाया है। बीते वर्षों के सेमेस्टर और मिडटर्म परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का भी भुगतान नहीं हुआ है। कई बार इसको लेकर मांग की गई लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हो सका।
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परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने में शोधार्थियों ने गर्मी में बहुत परिश्रम किया है। वे हमारी प्राथमिकता सूची में हैं। उनके भुगतान के लिए केंद्राध्यक्षों से विवरण मांगा गया है। विवरण मिलते ही भुगतान कर दिया जाएगा।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति
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शोधार्थी कमलकांत राव ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में सेमेस्टर और वार्षिक परीक्षाओं में शोध छात्र मार्च महीने से ही परीक्षा ड्यूटी कर रहे हैं। मुश्किल वक्त में भी जब शिक्षक ड्यूटी के लिए नहीं आते थे तब भी शोधार्थियों ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कोशिश की। कभी शोधार्थी सूची में नाम आने पर तो कभी अपने सुपरवाइजर की जगह पर ड्यूटी करते रहे। उसके बाद भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। वहीं 27 जून से प्रवेश परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। आरोप लगाया कि इसमें कुछ चुनिंदा लोगों की ही ड्यूटी लगाई जा रही है।
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भुगतान का इंतजार कर रहे कॉलेज के शिक्षक
स्ववित्तपोषित कॉलेज प्राचार्य परिषद के अध्यक्ष डॉ. कृष्ण मुरारी पाल ने बताया कि कॉलेजों के शिक्षकों के परीक्षा ड्यूटी का चार साल से भुगतान नहीं हुआ है। नोडल केंद्र से कॉपी, प्रश्नपत्र ले जाने और उत्तरपुस्तिका पहुंचाने का भुगतान भी दो साल से बकाया है। बीते वर्षों के सेमेस्टर और मिडटर्म परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का भी भुगतान नहीं हुआ है। कई बार इसको लेकर मांग की गई लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हो सका।
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परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने में शोधार्थियों ने गर्मी में बहुत परिश्रम किया है। वे हमारी प्राथमिकता सूची में हैं। उनके भुगतान के लिए केंद्राध्यक्षों से विवरण मांगा गया है। विवरण मिलते ही भुगतान कर दिया जाएगा।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति