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गोविवि: शोध पात्रता परीक्षा के लिए बनेंगे दो केंद्र, छात्र संगठनों के विरोध पर गोविवि ने लिया फैसला

Thu, 07 Jan 2021 04:07 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 07 Jan 2021 04:07 PM IST
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Exam Center will be established for research eligibility test in Gorakhpur and Lucknow
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की ओर से शोध पात्रता परीक्षा (रेट: 2020-21) का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा ऑनलाइन कराए जाने के संबंध में छात्र संगठनों ने बुधवार को विरोध जताया। ऐसे में छात्रों की सहूलियत के लिए विश्वविद्यालय ने दो परीक्षा केंद्र बनाने का निर्णय लिया है। जिन अभ्यर्थियों के घर में इंटरनेट या पास में साइबर कैफे की सुविधा उपलब्ध नहीं है, ऐसे विद्यार्थियों के लिए गोरखपुर और लखनऊ में दो परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।  
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10 जनवरी को प्रस्तावित परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम भी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। रेट की तिथि और इसे ऑनलाइन कराए जाने के विरोध में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया। बुधवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पर एबीवीपी, एनएसयूआई, छात्रसभा आदि छात्र संगठनों ने जमकर हंगामा किया। प्रदर्शन करने के बाद छात्रनेता और छात्र धरने पर बैठ गए।
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कुलपति प्रोफेसर राजेश सिंह ने वार्ता के दौरान आश्वस्त किया कि नियमों को सरल किया जाएगा। इस दौरान एनएसयूआई के योगेश प्रताप सिंह, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अमन सिंह, सपा छात्रसभा के शिवशंकर गोंड, नितीश मिश्र आदि मौजूद रहे।
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प्रारूप नहीं बदला तो आंदोलन : एबीवीपी

एबीवीपी के महानगर मंत्री प्रभात राय ने कहा कि कुलपति ने हमारी मांगों को सुन लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि इस पर विचार कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। यदि फिर भी शोध परीक्षा के प्रारूप को नहीं परिवर्तित किया गया तो विद्यार्थी परिषद बड़े प्रदर्शन को बाध्य होगा। इस अवसर पर महानगर संगठन मंत्री आकाश, प्रांत सहमंत्री अभिषेक हरि सिंह, विभाग संयोजक सौरभ गौड़, राज्य विश्वविद्यालय प्रमुख मयंक राय, शक्ति सिंह, पूजा, सुलोचना, अर्पित कसौधन, निखिल गुप्ता, प्रशांत त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।

आज बताना होगा परीक्षा का विकल्प
अभ्यर्थियों को विवि प्रशासन यह विकल्प देगा कि वे घर से ही परीक्षा दे सकते हैं या निश्चित केंद्र से। पंजीकृत ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर पर एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से गूगल फॉर्म भेजा गया है। गोरखपुर और लखनऊ में परीक्षा केंद्र के विकल्प के रुप में अभ्यर्थी चुन सकते हैं। सात जनवरी तक इसकी सूचना उन्हें प्रशासन को मुहैया करानी होगी।

चार पालियों में होगी परीक्षा
शुचितापूर्ण परीक्षा के लिए चार पालियों में इसे कराने का निर्णय लिया गया है। एक पाली में 1500-2000 से अधिक अभ्यर्थियों को शामिल नहीं किया जाएगा। 15-20 विद्यार्थियों की निगरानी का जिम्मा ऑनलाइन पर्यवेक्षक के ऊपर होगा। करीब दो घंटे तक चलने वाली परीक्षा प्रक्रिया की पूरी ऑडियो और वीडियो रिकार्डिंग प्रशासन के पास होगी। परीक्षा के दौरान अगर कोई अभ्यर्थी किसी अनुचित माध्यम का इस्तेमाल करते हुए पाया गया तो उसे परीक्षकों द्वारा तीन चेतावनी दी जाएगी। अगर उसने पालन नहीं किया तो उसे परीक्षा से बाहर किया जा सकता है। परीक्षा में 5000 अभ्यर्थी शामिल होंगे।

स्क्रीन शॉट किसी ने लिया तो होगा रिकॉर्ड

अगर किसी अभ्यर्थी ने स्क्रीन शॉट लेकर नकल करने की कोशिश की तो उसका भी रिकॉर्ड विवि के पास होगा और उसे अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। परीक्षा के बाद भी अगर ऑनलाइन परीक्षक द्वारा किसी अभ्यर्थी की गतिविधि संदिग्ध मिलती है तो उसे परीक्षा से निष्कासित कर दिया जाएगा।

मॉक टेस्ट का भी होगा आयोजन
परीक्षा पूर्व तैयारी को लेकर आठ जनवरी को मॉक टेस्ट का भी आयोजन किया जाएगा। मॉक टेस्ट का समय जल्द ही वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
 
हेल्पलाइन नंबर जारी
परीक्षा से जुड़ी किसी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 9455079559 जारी किया है। पूरी प्रक्रिया को समझने के लिए यूट्यूब का लिंक भी साझा किया गया है।
 
विश्वविद्यालय परिसर में वाहन प्रतिबंधित
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। सिर्फ अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और आउटसोर्सिंग कर्मचारी ही वाहन लेकर प्रवेश कर पाएंगे। मुख्य नियंता प्रोफेसर सतीश चंद्र पांडेय ने कहा कि विद्यार्थी वाहन स्टैंड में ही वाहन खड़ा करेंगे। परिसर में प्रवेश करते समय शुल्क की रसीद या पुुुराना परिचय पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। बगैर इसके कोई मिलता है तो उसके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
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