अंजान कॉल के झांसे में न आएं: मैसेज में फंसे तो वीडियो कॉल पर हसीना बतियाएगी फिर ब्लैकमेलिंग हो जाएगी शुरू
एसपी सिटी केके विश्नोई ने कहा कि वीडियो काल के जरिये लोगों को ठगी का शिकार बनाने के मामले सामने आते हैं। ऐसे प्रकरणों में सावधानी ही बचाव है। किसी युवती या महिला के झांसे में आकर कोई वीडियो काल न करें। यह काम पेशेवर तरीके से किया जाता है।
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सोशल मीडिया पर किसी अंजान से दोस्ती करके वीडियो काल करने वाले तमाम लोग ठगी के शिकार हो रहे। अश्लील वीडियो बनाने वाले गैंग के चक्कर में पड़कर लोग हर माह अपनी लाज बचाने में लाखों गवां दे रहे हैं। लोग पहले रुपये देकर किसी तरह से मुसीबत से पीछा छुड़ाने की कोशिश कर रहे। बाद में ब्लैकमेलिंग बढ़ने पर पुलिस अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग कर रहे।
साइबर सेल में हर माह 10 से 12 शिकायतें पहुंचती हैं। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर दोस्ती करके वीडियो काल के जरिए हरकत में फंसे लोग अक्सर शिकायत दर्ज कराने से बचते हैं। लोकलाज की वजह से वह खुलकर सामने भी नहीं आते।
पहले दोस्ती की, फिर बनवाया वीडियो, तब मांगे पैसे
केस एकः गोरखपुर शहर के एक डॉक्टर ऑनलाइन वीडियो बनाकर ठगी करने वाले साइबर जालसाजों की साजिश का शिकार बन गए। सोशल मीडिया पर दोस्ती करके जालसाजों ने जाल फैलाया। एक युवती के जरिये वीडियो काल करके उनकी हरकत का वीडियो बना लिया। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर शातिर उनको ब्लैकमेल करने लगे। करीब 15 दिनों तक परेशान होने पर उन्होंने इसकी शिकायत दर्ज कराई।
व्यापारी ने दे दिए नौ लाख, फिर दर्ज कराई शिकायत
केस दो: गोरखपुर शहर के एक व्यापारी रात में सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते थे। उनके फेसबुक पर जालसाजी गैंग के सदस्य ने पहले दोस्ती गांठी। इसके बाद किसी तरह से मोबाइल नंबर लेकर वीडियो काल करना शुरू किया। झांसा देकर युवती उनसे बात करती रही। वीडियो काल करके अश्लील करते हुए उनकी वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी। इससे परेशान होकर व्यापारी ने धीरे-धीरे करीब नौ लाख रुपये खर्च कर दिए। बाद में वह पुलिस के पास पहुंचे।
साइबर सेल से जुड़े लोगों का कहना है कि आपत्तिजनक वीडियो काल के चक्कर में पड़कर लोग परेशान हो रहे हैं। अन्य तरह की साइबर ठगी करने वाले गैंग के सदस्य इसे भी हथियार बनाकर इस्तेमाल करते हैं। किसी युवती के जरिये इनका गैंग लोगों से ठगी करता है।
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आपत्तिजनक वीडियो बनाने के बाद उसे फेसबुक दोस्तों सहित अन्य संपर्कों में फैलाने की धमकी देकर रुपये वसूलते रहते हैं। ऐसे मामलों के सामने आने पर अधिकांश लोग शिकायत नहीं करते। कुछ लोग छोटी तो कुछ लोग बड़ी रकम भी गवां बैठते हैं। इस तरह के प्रकरण की जांच करके कार्रवाई की जाती है। अधिकांश मामलों में अपनी इज्जत बचाने के डर से लोग शिकायत वापस ले लेते हैं।
इस तरह से करते ठगी
- व्हाट्सएप और फेसबुक पर दोस्ती के बाद वीडियो काल करके ब्लैकमेलिंग की जाती है।
- बच्चों का सोशल मीडिया हैंडल हैक करके उनसे पैसे मांगते हैं।
- सोशल मीडिया पर बच्चों से जान पहचान बढ़ाकर गेम के सहारे ठगी करते हैं।
- बिजली बिल बकाया होने के पर मैसेज भेजकर जालसाज रुपये उड़ा देते हैं।
- लोन के लिए विभिन्न तरह के एप डाउनलोड कराकर साइबर ठगी जालसाजी करते हैं।
- नौकरी दिलाने और फर्जी शादी डॉट कॉम वेबसाइट बनाकर भी ठगी जा रही है।
साइबर ठगी के मामले में यहां दर्ज कराएं शिकायत
- हेल्पलाइन नंबर - 1930
- वेबसाइट पर भी कर सकते हैं शिकायत (cybercrime.gov.in)
- नजदीकी पुलिस स्टेेशन और साइबर सेल
एसपी सिटी केके विश्नोई ने कहा कि वीडियो काल के जरिये लोगों को ठगी का शिकार बनाने के मामले सामने आते हैं। ऐसे प्रकरणों में सावधानी ही बचाव है। किसी युवती या महिला के झांसे में आकर कोई वीडियो काल न करें। यह काम पेशेवर तरीके से किया जाता है। इस जाल में फंसने के बाद लोग ब्लैकमेलिंग के शिकार होते हैं। अंजान व्यक्तियों से दोस्ती न करें। सोशल मीडिया के जरिये नजदीक आए लोगों को सोच समझकर अपना मोबाइल नंबर उपलब्ध कराएं।