Gorakhpur News: हद है... जेई को अधिकारी भी मानते हैं लापरवाह, फिर भी जमे हुए
मुख्य अभियंता आशु कालिया ने कहा कि उपकेंद्र की प्रभावी जिम्मेदारी जेई की होती है। मामले की जांच में अधिकारियों से बात की गई तो पता चला कि जेई काम के प्रति जिम्मेदार नहीं दिखते हैं। आरोप पत्र जारी कर दिया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिजली निगम के चौरीचौरा खंड के अमहिया उपकेंद्र के जेई को अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता भी विभागीय जिम्मेदारी निभाने में लापरवाह मानते हैं। लेकिन, सिर्फ पत्राचार कर ऐसे ही उपकेंद्र का संचालन करवाते रहते हैं। अधीक्षण अभियंता ने 19 नवंबर के पत्र में खुद ही माना है कि जेई बिना सूचना उपकेंद्र में अनुपस्थित रहते हैं और उनका मोबाइल फोन भी अक्सर स्विच ऑफ मिलता रहता है। उधर, मंगलवार सुबह 10.47 तक जेई का कमरा बंद मिलने की सूचना पर मुख्य अभियंता ने आरोप पत्र जारी कर दिया है।
एसई ने जेई सत्येंद्र कुमार को लिखे पत्र में लिखा था कि 15 नवंबर को उपकेंद्र की 33 केवी की लाइन दोपहर 2:42 बजे ठप हो गई थी। इसे ठीक करवाकर आपूर्ति बहाल करना बेहद जरूरी थी। काफी प्रयास के बाद भी जेई से संपर्क नहीं हो पाया। जेई के अलावा उपकेंद्र पर तैनात कुशल श्रमिक का फोन नंबर भी बंद था।
उपकेंद्र के कर्मचारियों से पूछने पर पता लगा कि जेई मौके पर नहीं है। 17 जुलाई और 18 जुलाई को भी जेई ऐसे ही बिना सूचना के कार्यस्थल से गायब थे। 21 नवंबर को अधीक्षण अभियंता की तरफ से एक और पत्र जेई को लिखा गया था।
इसमें उपकेंद्र में उपभोक्ताओं की शिकायतों को निस्तारित नहीं करने, शिकायतों के लिए उपकेंद्र में रजिस्टर, फाइल नहीं होने को काम के प्रति लापरवाही माना था। इस पत्र में भी मोबाइल नेटवर्क से संपर्क में नहीं होने की बात लिखी थी। ऐसे ही कई शिकायतों के बाद भी जेई पर कार्रवाई नहीं की गई।
मुख्य अभियंता आशु कालिया ने कहा कि उपकेंद्र की प्रभावी जिम्मेदारी जेई की होती है। मामले की जांच में अधिकारियों से बात की गई तो पता चला कि जेई काम के प्रति जिम्मेदार नहीं दिखते हैं। आरोप पत्र जारी कर दिया गया है। आगे जांच भी कराई जाएगी।