{"_id":"66bd3241f77b7bf63008ebd4","slug":"even-after-the-strike-was-called-off-the-prescription-counter-was-closed-patients-were-upset-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-653919-2024-08-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: हड़ताल वापस होने के बाद भी बंद करा दिया पर्ची काउंटर, परेशान हुए मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: हड़ताल वापस होने के बाद भी बंद करा दिया पर्ची काउंटर, परेशान हुए मरीज
विज्ञापन
- बीआरडी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने सुबह किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। कोलकाता में महिला डाॅक्टर के रेप व हत्या के विरोध में आंदोलन कर रहे बीआरडी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने बुधवार सुबह ओपीडी का बहिष्कार करते हुए पर्ची काउंटर बंद करा दिया। इसके बाद प्रदर्शन करते हुए बाबा राघवदास की मूर्ति तक गए। सीनियर रेजिडेंट व अन्य डॉक्टरों ने ओपीडी व आईपीडी में काम किया। हड़ताल वापस होने के बाद भी पर्ची काउंटर बंद होने के चलते अधिकांश मरीजों को निराश होना पड़ा।
बीआरडी मेडिकल कालेज के जूनियर डॉक्टर सोमवार से ही विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार की देर रात आंदोलन खत्म होने की घोषणा के बाद भी बुधवार को जूनियर डॉक्टर सुबह नौ बजे पर्ची काउंटर बंद करा दिए। पर्ची कटवाने के लिए लाइन में खड़े लोग इसके बाद वापस जाने लगे, लेकिन जिन मरीजों का पर्चा कट चुका था उनका ओपीडी में बैठे सीनियर डाक्टरों ने उपचार किया। हालांकि पर्चा कम बनने के कारण दोपहर 12 बजे तक ही ओपीडी के अधिकांश कमरे खाली हो चुके थे।
जूनियर डॉक्टरों के विरोध, प्रदर्शन को लेकर कॉलेज प्रशासन के पास कोई जानकारी नहीं थी। कॉलेज प्रबंधन का कहना था कि जूनियर डॉक्टरों की तरफ से हड़ताल के संबंध में कोई लिखित सूचना नहीं दी गई थी।
विज्ञापन
एम्स में काली पट्टी बांधकर किया काम, नाटक के जरिए विरोध जताया
गोरखपुर। कोलकाता की घटना के विरोध में एम्स के एमबीबीएस छात्रों और जूनियर रेजिडेंट ने बुधवार को ड्यूटी का बहिष्कार किया। डॉक्टरों ने नाटक का मंचन कर अपना विरोध प्रदर्शित किया। इंटर्नशिप कर रहे डॉ. शशांक शेखर ने कहा हम सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट बनाने की मांग कर रहे हैं। महिला डॉक्टर ऐसी स्थिति में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करतीं हैं। सीनियर रेजिडेंट डॉ. श्वेता सिंह ने कहा कि पहले भी कई घटनाएं हुई हैं। कार्यस्थल पर सुरक्षा जरूरी है। विरोध, प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना था कि आंदोलन के चलते एम्स में 28 मरीजों का ऑपरेशन अगले डेट के लिए टाल दिया गया है। एमबीबीएस छात्र, सीनियर रेजिडेंट, इंटर्न डॉक्टर सुबह ही ओपीडी के बाहर इकट्ठा होना शुरू हो गए।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। कोलकाता में महिला डाॅक्टर के रेप व हत्या के विरोध में आंदोलन कर रहे बीआरडी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने बुधवार सुबह ओपीडी का बहिष्कार करते हुए पर्ची काउंटर बंद करा दिया। इसके बाद प्रदर्शन करते हुए बाबा राघवदास की मूर्ति तक गए। सीनियर रेजिडेंट व अन्य डॉक्टरों ने ओपीडी व आईपीडी में काम किया। हड़ताल वापस होने के बाद भी पर्ची काउंटर बंद होने के चलते अधिकांश मरीजों को निराश होना पड़ा।
बीआरडी मेडिकल कालेज के जूनियर डॉक्टर सोमवार से ही विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार की देर रात आंदोलन खत्म होने की घोषणा के बाद भी बुधवार को जूनियर डॉक्टर सुबह नौ बजे पर्ची काउंटर बंद करा दिए। पर्ची कटवाने के लिए लाइन में खड़े लोग इसके बाद वापस जाने लगे, लेकिन जिन मरीजों का पर्चा कट चुका था उनका ओपीडी में बैठे सीनियर डाक्टरों ने उपचार किया। हालांकि पर्चा कम बनने के कारण दोपहर 12 बजे तक ही ओपीडी के अधिकांश कमरे खाली हो चुके थे।
विज्ञापन
जूनियर डॉक्टरों के विरोध, प्रदर्शन को लेकर कॉलेज प्रशासन के पास कोई जानकारी नहीं थी। कॉलेज प्रबंधन का कहना था कि जूनियर डॉक्टरों की तरफ से हड़ताल के संबंध में कोई लिखित सूचना नहीं दी गई थी।
विज्ञापन
एम्स में काली पट्टी बांधकर किया काम, नाटक के जरिए विरोध जताया
गोरखपुर। कोलकाता की घटना के विरोध में एम्स के एमबीबीएस छात्रों और जूनियर रेजिडेंट ने बुधवार को ड्यूटी का बहिष्कार किया। डॉक्टरों ने नाटक का मंचन कर अपना विरोध प्रदर्शित किया। इंटर्नशिप कर रहे डॉ. शशांक शेखर ने कहा हम सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट बनाने की मांग कर रहे हैं। महिला डॉक्टर ऐसी स्थिति में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करतीं हैं। सीनियर रेजिडेंट डॉ. श्वेता सिंह ने कहा कि पहले भी कई घटनाएं हुई हैं। कार्यस्थल पर सुरक्षा जरूरी है। विरोध, प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना था कि आंदोलन के चलते एम्स में 28 मरीजों का ऑपरेशन अगले डेट के लिए टाल दिया गया है। एमबीबीएस छात्र, सीनियर रेजिडेंट, इंटर्न डॉक्टर सुबह ही ओपीडी के बाहर इकट्ठा होना शुरू हो गए।