अधिकारी हुए हक्का-बक्का: गोरखपुर में उद्यमी ने किया हंगामा, एमओयू पत्र लेने से किया इनकार
गीडा सीईओ ने बताया कि राजीव अग्रवाल ने गीडा प्रशासन द्वारा कई बार आग्रह के बाद भी अद्यतन देयों का भुगतान नहीं किया है। सबसे पहले उन्होंने वर्ष 2020 में गीडा के सेक्टर 13 में क्वार्ट्ज ओपल वेयर के नाम से करीब 10 हजार 800 वर्ग मीटर जमीन आवंटित कराई। यहां इकाई स्थापित करने की बजाय जमीन को अपर्याप्त बताते हुए उसके बदले सेक्टर-26 में दोगुना क्षेत्रफल की जमीन आवंटित कराई।
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एनेक्सी भवन में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत आयोजित कार्यक्रम में निवेशक राजीव अग्रवाल ने विरोध दर्ज कराते हुए हंगामा शुरू कर दिया है। आरोप था कि प्रोजेक्ट को लेकर गीडा के अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। अधिकारियों की लापरवाही से निवेश का रास्ता साफ नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने एमओयू पत्र लेने से इन्कार कर दिया। हालांकि, गीडा प्रबंधन ने आरोप को पूरी तरह से निराधार बताया है। गीडा का कहना है कि उनका 50 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है और वह वह देयकों का भुगतान नहीं कर रहे। इसकी वजह से उन्हें नोटिस दी गई है।
एनेक्सी भवन में आयोजित कार्यक्रम को सांसद रविकिशन संबोधित कर ही रहे थे कि अचानक गोरखपुर के मूल निवासी और मुंबई के उद्यमी राजीव अग्रवाल ने विरोध जता दिया। अचानक तेज आवाज सुनकर लोग हक्के-बक्के रह गए। उन्होंने तेज लहजे में कहा कि वह 500 करोड़ का निवेश करना चाहते हैं, लेकिन अधिकारी उनके प्रोजेक्ट को लेकर लापरवाह हैं।
इसकी वजह से प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इस पर सांसद रवि किशन ने राजीव अग्रवाल से कहा कि बैठक के बाद वह मिले, उनकी हर समस्या का समाधान किया जाएगा। वहीं, इस मामले में तत्काल डीएम कृष्णा करुणेश ने गीडा सीईओ पवन अग्रवाल से जानकारी ली।
गीडा सीईओ ने बताया कि राजीव अग्रवाल ने गीडा प्रशासन द्वारा कई बार आग्रह के बाद भी अद्यतन देयों का भुगतान नहीं किया है। सबसे पहले उन्होंने वर्ष 2020 में गीडा के सेक्टर 13 में क्वार्ट्ज ओपल वेयर के नाम से करीब 10 हजार 800 वर्ग मीटर जमीन आवंटित कराई। यहां इकाई स्थापित करने की बजाय जमीन को अपर्याप्त बताते हुए उसके बदले सेक्टर-26 में दोगुना क्षेत्रफल की जमीन आवंटित कराई।
निवेश को बढ़ावा देने के लिए जमीन पूरी सहूलियत के साथ दी गई। जमीन देने के बाद अब तक उन्होंने पूरा भुगतान नहीं किया गया है। अलग-अलग मदों में उनका 82 लाख रुपये से अधिक बकाया है। जबकि, उनसे बाद उनके बगल में जमीन आवंटित करने वाले सीपी मिल्क ने फैक्ट्री का निर्माण शुरू कर दिया है। अधिकतम तीन माह में निर्माण शुरू करना होता है और राजीव अग्रवाल 10 माह बाद भी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं कर सके हैं।
गीडा प्रशासन की तरफ से कई बार लिखित अनुरोध किए जाने के बाद भी मेसर्स क्वार्ट्ज ओपलवेयर ने न तो भूखंड पर कब्जा प्राप्त किया और न ही निर्धारित देयकों का भुगतान किया है। इसे लेकर गीडा की ओर से नोटिस भी दी गई है। इस पर डीएम ने बताया कि गीडा प्रबंधन की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की गई है। उद्यमियों का पूरा सहयोग प्रशासन कर रहा है। उद्यमी को देयकों का भुगतान कर इकाई स्थापित करनी चाहिए।
जिले में 81,327 बेरोजगार हैं पंजीकृत
उद्योग उपायुक्त गौरव मिश्रा ने कहा कि गोरखपुर जिले को कुल 77 हजार 35 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव मिला है। इसमें सबसे बड़ा निवेश 22 हजार 500 करोड़ रुपये का है। ग्रीन अमोनिया, ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा निवेश हो रहा है। इसी तरह सॉफ्ट ड्रिंक, सरिया, सीमेंट सहित बेवरेज जैसे क्षेत्रों में निवेश होगा।