फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   English students will read Firdausi's "Shahnama" and Jaishankar Prasad's "Kamayani"

Gorakhpur News: फिरदौसी की ''''''''शाहनामा'''''''' और जयशंकर प्रसाद की ''''''''''''कामायनी'''''''' पढ़ेंगे अंग्रेजी के विद्यार्थी

Wed, 14 Aug 2024 02:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Wed, 14 Aug 2024 02:20 AM IST
विज्ञापन
English students will read Firdausi's "Shahnama" and Jaishankar Prasad's "Kamayani"
- पाठ्यक्रम में हुआ बदलाव, साहित्यिक धरोहरों को किया गया शामिल
विज्ञापन

- अंतर-विषयक और समग्र शिक्षा की दिशा में किया है बदलाव

संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में अब एमए अंग्रेजी के विद्यार्थी अंग्रेजी, लैटिन और ग्रीक महाकाव्यों के साथ फिररदौसी की ‘शाहनामा’, जयशंकर प्रसाद की ‘कामायनी’ और कालिदास की ‘अभिज्ञानशाकुंतलम’ भी पढ़ेंगे। अंग्रेजी विभाग ने इसे पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया है। इसी सत्र से विद्यार्थी इसका अध्ययन करेंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत, अंतर-विषयक और समग्र शिक्षा की दिशा में विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग ने एमए चतुर्थ सेमेस्टर के ‘तुलनात्मक साहित्य’ पाठ्यक्रम को विशेष रूप से तैयार किया है। इसमें विद्यार्थियों को विभिन्न संस्कृतियों और सभ्यताओं में साहित्यिक धरोहरों का गहन अध्ययन कराया जाएगा।
विज्ञापन

पाठ्यक्रम की प्रमुख इकाई में ‘वाल्मीकि रामायण’, ‘तुलसीदास की रामचरितमानस’, तमिल साहित्य की सर्वोत्कृष्ट कृति कंबन की रामावतारम या कंब रामायण का तुलनात्मक अध्ययन शामिल है। इसके साथ ही ग्रीक लेखक ‘होमर की ओडिसी’, ‘वर्जिल की लैटिन महाकाव्य एनीड’, अंग्रेजी कवि मिल्टन का महाकाव्य पैराडाइस लॉस्ट ‘फारसी कवि फिरदौसी की शाहनामा’ और हिंदी के प्रख्यात लेखक ‘जयशंकर प्रसाद की कामायनी’ जैसे महत्वपूर्ण महाकाव्यों का अध्ययन भी कराया जाएगा। यह विद्यार्थियों को प्राचीन और मध्यकालीन साहित्यिक परंपराओं के वैश्विक दृष्टिकोण से परिचित कराएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
कालिदास की अभिज्ञानशाकुंतलम भी पढ़ेंगे
विद्यार्थी एक अन्य यूनिट में कालिदास की ‘अभिज्ञानशाकुंतलम’ (चौथा अंक) के साथ-साथ, दुष्यंत-शकुंतला के पौराणिक आख्यान को आधुनिक संवेदना और तर्कणा के आधार पर पुनराख्यायित यशपाल का ‘अप्सरा का शाप’, कन्नड़ लेखिका वैदेही की कहानी ‘एन आफ्टरनून विद शकुंतला’ और व्यास की ‘महाभारत’ के संभव पर्व का अध्ययन करेंगे।
-
कोट..
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप, यह पाठ्यक्रम एक समग्र और बहु-विषयक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है, जो विद्यार्थियों को एक व्यापक और सुसंगत शैक्षिक अनुभव प्रदान करेगा।

- प्रो. अजय कुमार शुक्ला, अध्यक्ष, अंग्रेजी विभाग

अंग्रेजी विभाग की यह बहुत ही अच्छी पहल है। यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को साहित्यिक परंपराओं, महाकाव्यात्मक स्वरूपों और विभिन्न समाजों में साहित्यिक विषयों के रूपांतरण और स्वीकृति की गहन समझ प्रदान करेगा।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed